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क्या बिग ब्रदर में जीत से सँवरेगा करियर? | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के चैनल फ़ोर के कार्यक्रम बिग ब्रदर में आख़िरकार जीत मिली शो में शामिल एकमात्र भारतीय प्रतियोगी -शिल्पा शेट्टी को. बिग ब्रदर की तरह भारत में भी बिग बॉस शुरू किया गया था जिसके विजेता रहे राहुल रॉय. राहुल रॉय कहते हैं कि इस जीत से शिल्पा के लिए एक नई दुनिया, नए रास्ते खुल गए हैं. वहीं ब्रिटेन में जेम्स बॉन्ड और इडी मर्फ़ी की फ़िल्मों के विज्ञापन बनाने वाले विकास कुमार कहते हैं कि ये शिल्पा के करियर का एक नाज़ुक मोड़ है. विकास का कहना है, “ शिल्पा अब अगर चाहें और अपने करियर को ध्यान से बनाएँ तो उन्हें बड़ी कंपनियों के विज्ञापन कैंपेन से पाँच लाख पाउंड तक मिल सकते हैं जबकि पहले उन्हें सत्रर हज़ार पाउंड ही मिलते. हम बात कर रहे हैं सौंदर्य प्रसाधनों से जुड़ीं, इत्र या फ़ैशन से जुड़ी कंपनियों की. तो बिग ब्रदर उनके करियर का एक एहम मोड़ है बशर्ते वो अपना अगला क़दम सोच समझकर उठाएँ.” विकास कुमार कहते हैं कि इसके लिए ज़रूरी होगा कि शिल्पा ब्रिटेन की मीडिया इंडस्ट्री को सही तरीके से समझें. मोटी कमाई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शिल्पा को अब तक बिग ब्रदर में शामिल होने के लगभग पौने चार करोड़ रुपए, जीतने के लगभग पिच्यासी लाख रुपए और अख़बारों को इंटरव्यू करने के कम से कम इतने ही और मिल चुके हैं. शिल्पा के साथ क्रिकेट से जुड़े एक और रिएलिटी शो की बात चल रही है और ब्रिटेन की विज्ञापन कंपनियाँ भी उनसे जुड़ना चाह रही हैं. शिल्पा ने ब्रिटेन में काम दिलाने के लिए ब्रितानी पीआर एजेंसी मैक्स क्लिफ़र्ड असोसिएट्स को चुना है. लेकिन जानकार कहते हैं कि मैक्स क्लिफ़र्ड ज़्यादा पहचाने जाते हैं जाने- माने लोगों को मुसीबतों से उबारने का काम करने के लिए. जैसे कि पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी ज्योफ़्री बायकॉट पर 1998 में जब आरोप लगे कि उन्होंने अपनी गर्लफ़्रेंड पर हमला किया तो मैक्स क्लिफ़र्ड ने उनकी मदद की. किस ओर जाएगा करियर?
तो क्या मैक्स क्लिफ़र्ड शिल्पा शेट्टी के करियर को नई ऊंचाइयाँ दे सकते हैं? विज्ञापन कंपनी कॉस्मोनॉट डिज़ाइन के विकास कुमार भी कहते हैं कि मैक्स क्लिफ़र्ड जीनियस हैं लेकिन एक अलग तरह के काम में. विकास का कहना है, “ दुर्भाग्य से मैक्स क्लिफ़र्ड जाने जाते हैं मुसीबत में फँसे सितारों को बचाने के लिए. लेकिन शिल्पा चाहेंगी कि नस्लवाद से जुड़े विवाद को वो पीछे छोड़ें. यही कारण है कि मैक्स क्लिफ़र्ड के लिए ये एक चुनौती है जहाँ उन्हें शिल्पा को एक ब्रैंड के रूप में ब्रिटेन में स्थापित करना है.” लेकिन ब्रिटेन में ही मीडिया में ये सवाल उठाए गए हैं कि कहीं शिल्पा इसीलिए तो नहीं जीतीं क्योंकि उनको नस्लवाद से जुड़े विवाद से सहानुभूति मिली. राहुल रॉय कहते हैं कि भारतीय संस्कृति की गहराई शिल्पा में लोगों को दिखी जिससे उन्हें ये सफलता मिली है. शिल्पा शेट्टी लगातार कहती रही हैं कि उनकी बड़ी फ़िल्मों से लेकर कई प्रतियोगिताओं में जब भी वो जीती हैं उनकी माँ सुनंदा उनके आसपास रही हैं और बिग ब्रदर पहली बार कोई ऐसी प्रतियोगिता है जो उन्होंने माँ के बगैर जीती है. लेकिन जब शिल्पा बिग ब्रदर के कमरे में थीं तो उनकी माँ उनके करियर की धारा तय करने लंदन में आ गईं थीं. मीडिया में कहा जा रहा है कि एक अख़बार को शिल्पा का इंटरव्यू दस लाख पाउंड में बेचने में माँ की एहम भूमिका रही है. अब उनकी माँ सुनंदा शेट्टी चाहती हैं कि शिल्पा ब्रिटेन के जाने माने लोगों के साथ दिखें. 'छवि पर ध्यान देना होगा' कॉस्मोनॉट डिज़ाइन के विकास कुमार कहते हैं कि शिल्पा की समस्या एक हद तक उस तरह की है जैसी कि डेविड बेकहम की अमरीका में है. दोनों ही अपने देशों में बड़े स्टार हैं लेकिन एक दूसरे देश में वो सफल होना चाहते हैं. विकास का कहना है,“ अब शिल्पा को सोचना होगा कि कौन ब्रिटेन में ए लिस्ट में है यानि ब्रिटेन में और पश्चिम में जाना-माना नाम है. उनकी पीआर कंपनी को सुनिश्चित करना होगा कि वो सही लोगों के साथ नज़र आएँ – जैसे कि जॉर्ज माइकल के साथ, एल्टन जॉन के साथ – हो सके तो ब्रिटेन के राजपरिवार के साथ. वहाँ से मज़बूत होने लगेगी शिल्पा की ब्रैंडिंग. और संभव है उन्हें कुछ हॉलिवुड फ़िल्में भी मिलने लगें. ” बिग बॉस के विजेता राहुल रॉय तो ये भी कहते हैं कि शिल्पा की जीत न भारतीय लड़कियों की पहली जीत है और न ही आख़िरी. जानकार कहते हैं कि ब्रैंड इंडिया के साथ साथ कई नाम जुड़ रहे हैं और शिल्पा इसकी एक महत्वपूर्ण कड़ी है – देखना है ब्रैंड शिल्पा इस उड़ती बयार का फ़ायदा उठाकर कितना ऊँचा उड़ पाती है. |
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