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सलीब पर टँगने वाले दृश्य के लिए निंदा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रोम में धार्मिक नेताओं ने ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाए जाने के दृश्य का अपने नए शो में उपयोग करने के लिए मैडोना की आलोचना की है. अपने ताज़ा शो में मैडोना एक बड़े क्रॉस या सूली पर टँगी हुई दिखती हैं. उन्होंने अपने सिर पर काँटों का ताज भी डाल रखा होता है. रोम के सांता मारिया लिब्रातराइस चर्च के फ़ादर मैनफ़्रेदो लियोन ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी से बातचीत में मैडोना के शो को अनादरपूर्ण, भोंडा और भड़काऊ करार दिया. फ़ादर लियोन ने कहा, "सूली पर टँग कर और सिर पर काँटो का ताज डाल कर आधुनिक ईसा की तरह दिखने का प्रयास बेहूदा है. ईसाइयत की केंद्रभूमि में ऐसा करना तो ईशनिंदा के समान है." मुस्लिम और यहूदी नेताओं ने भी मैडोना के नए शो पर आपत्ति की है. इटली की मुस्लिम लीग के प्रमुख मारियो शियालोजा ने कहा कि बेहतर हो मैडोना वापस लौट जाएँ. 'असंवेदनशील' मैडोना रोम में छह अगस्त को अपना शो करने वाली हैं. बाद में लंदन में उनके कई शो आयोजित किए जाएँगे. अमरीकी पॉप स्टॉर मैडोना को मौजूदा कन्फ़ेशन वर्ल्ड टूर के शो के लिए अमरीका में भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. एक आलोचक ने उन पर घोर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया. दूसरी ओर 47 वर्षीया अमरीकी पॉप स्टार का कहना है कि मौजूदा शो में सूली वाला दृश्य दर्शकों को एड्स के ख़िलाफ़ काम करने वाली संस्थाओं को दान देने के लिए प्रेरित करता है. |
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