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दुनिया का सबसे महान डॉग शो – क्रफ़्ट्स | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जिस तरह जेम्स बॉन्ड अपना नाम बताते हैं - माई नेम इज़ बॉन्ड, जेम्स बॉन्ड..उसी तरह से परिचय कराएँ तो इनका नाम है - चांस, केटलैंड आइल टेक ए चांस. सुंदर, सजीले, तेज़-तर्रार और फुर्तीले. इन्होंने 22,000 से ज़्यादा प्रतिस्पर्धियों को पछाड़ा है और ये कोई आसान काम नहीं. बात हो रही है इस साल क्रफ़्ट्स डॉग शो में सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार, बेस्ट इन शो, के विजेता पाँच साल के आस्ट्रेलियन शेपर्ड की, जिनका छोटा नाम है चांस और बड़ा नाम केटलैंड आइल टेक ए चांस. ये आयोजन सच्चे मायने में अंतरराष्ट्रीय है, इस चीज़ का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतियोगिता हुई इंगलैंड में, विजेता चांस हैं ऑस्ट्रेलियन प्रजाति के, और वे रहते हैं अमरीकी राज्य कैलिफोर्निया में. बर्मिंघम के नेशनल एग्ज़िबिशन सेंटर में 9 मार्च से 12 मार्च तक चली 115वीं क्रफ्ट्स प्रतियोगिता में दुनिया भर के 120,000 से भी ज़्यादा कुत्ता प्रेमी जुटे. प्रतियोगिता ख़ासतौर पर कुत्ते पालने का शौक रखने वाले साल भर अपने कुत्तों को इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने की ट्रेनिंग देते हैं. नॉरफ़ोक से आए स्टीवन थॉर्न का कहना है,"मेरा कॉकर स्पैनियल, कोको मुझे अपने बच्चों सा प्यारा है. मैंने अपने बच्चों के पालन-पोषण में कोई कसर नहीं छोड़ी तो मैं कोको को लेकर कैसे भेदभाव कर सकता हूँ." वे कहते हैं कि इनाम उनकी प्राथमिकता नहीं रही,"कोको की ट्रेनिंग पर मैने पैसा पानी की तरह बहाया है मुझे इनाम से मतलब नहीं अगर कोको कुछ जीतता है तो ये हमारे लिये गर्व का मौका होगा." ग़ौरतलब बात तो ये है कि जिस प्रतिस्पर्धा के लिए लोग इतना पैसा और समय खर्च करते हैं उसकी सबसे बड़ी इनाम की रकम है केवल 100 पाउंड. इस प्रतियोगिता के एक जज मार्टिन फ्रीमैन का मानना है कि शायद ही कोई इस प्रतियोगिता में जीत की रकम के लिए आता है. वो कहते हैं,"सबसे बड़ा इनाम है शोहरत. क्रफ्ट्स कुतों के शो की दुनिया में ऑस्कर की तरह है. फिर कई बार इसमें जीतने वाले कुतों के बारे में इतना लिखा जाता है कि कई बार उन्हें मॉडलिंग के अलावा फिल्मों में काम करने का मौका भी मिल जाता है". प्रतियोगिता से परे
लेकिन ये आयोजन सिर्फ कुत्तों की सुंदरता और गुणों को ही नहीं देखता. आप अपने प्रिय दोस्त के बारे में कुछ भी खरीदारी और जानकारी चाहेंगे तो वो आपको इन चार दिनों के दौरान दुनिया के सबसे जानेमाने जानकारों से मिल सकती है. इस साल कुत्तों से बात करने वाले जाने माने डॉग व्हिस्परर स्टीव फ्रायर से लोगों ने उद्दंड कुत्तों को सीधा करने के गुर सीखे. स्टीव ढीठ और शैतान कुत्तों को स्पीच कंट्रोल से ट्रेन करते हैं. हैरानी की बात तो ये है कि इस शो में हज़ारों की तादाद में पहुँचे कुतों की मौजूदगी के बावजूद आपको ये अहसास नहीं होगा. शरीफ़ कुत्ते
कुत्ते अपने अपने मालिकों के साथ चहलकदमी करते या फिर अपनी अपनी जगह पर चुपचाप बैठे मिलेंगे. प्रतियोगिता में भाग लेने की पहली शर्त है कि आपका कुत्ता सोशल यानि मिलनसार होना चाहिये. इस आयोजन में दृष्टिहीनों, कम सुनने वालों और विकलांगों की मदद के लिए प्रशिक्षित कुत्तों की भी कमी नहीं. साथ ही पेट थेरेपी यानी किस तरह कुत्ते आपको मानसिक तनाव से मुक्ति दिला सकते हैं इसके बारे में भी जानकारी दी गई. यहाँ लोगों को डूबने से बचाने वाले, बर्फ में दबे लोगों को खोजने वाले कुत्तों के बहादुरी के किस्से भी दोहराये जाते हैं और एसे कुत्तों को सम्मानित भी किया जाता है. इन्हें देखकर इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि वाकई कुत्ता इंसान का सबसे खास दोस्त होता है. |
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