|
मेरी फ़िल्म राजनीतिक नहीं हैः क्लूनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अभिनेता जार्ज क्लूनी ने ज़ोर देकर कहा है कि उनके निर्देशन में बनी दूसरी फ़िल्म ‘गुड नाइट एंड गुड लक’ राजनीतिक फ़िल्म नहीं है. वेनिस फ़िल्म समारोह में दिखाई जाने वाली इस फ़िल्म के बारे में उनका कहना है कि यह फ़िल्म सवाल उठाती है कि क्या डर दिखाकर लोगों के मौलिक अधिकार छीन लेना सही है? प्लाज़्ज़ो देल कासीनो में खचाखच भरे संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए क्लूनी ने कहा कि “मेरा उद्देश्य किसी प्रशासन पर हमला करने का नहीं है, मेरा मक़सद एक बहस छेड़ने का है”. 44 वर्षीय क्लूनी बुश प्रशासन पर स्पष्ट शब्दों में हमले करने के लिए प्रसिद्ध हैं. उनका कहना है कि यह फ़िल्म 1950 के दशक के दौरान उस समय पर आधारित है जब अमरीकी प्रसारक एडवर्ड आर मुर्रो ने विसकॉन्सिन के सीनेटर जोसफ़ मैक्कार्थी के व्यवहार पर उन्हें घेरा था. चित्रण मैक्कार्थी के आधारहीन आरोपों के चलते अनगिनत अमरीकी नागरिकों को कम्युनिस्टों का समर्थक बताया गया, जिसके कारण उन लोगों को अपनी रोज़ी-रोटी से हाथ धोना पड़ा था और उनके परिवार और दोस्त भी उनसे अलग हो गए थे.
फ़िल्म में मुर्रो के प्रोड्यूसर फ़्रैड फ़्रैंडली की भूमिका निभा रहे क्लूनी का कहना है कि “मैं मुर्रो का फ़ैन हूँ और उनके उस समय के भाषणों को सुनते हुए ही बड़ा हुआ हूँ”. उनका कहना है कि मेरी यह फ़िल्म राजनीति पर आधारित नहीं है, मैने यह फ़िल्म ऐतिहासिक घटनाओं पर बनाई है. लेकिन अभिनेता से निर्देशक बने जार्ज क्लूनी यह स्वीकार करते हैं कि फ़िल्म में दिखाई गई परिस्थितियाँ वर्तमान की घटनाओं से मेल खातीं हैं. विशेषरुप से तब जबकि अक्तूबर महीने में अमरीका के आतंकवाद विरोधी पैट्रिऑट कानून पर मतदान होना है. क्लूनी ने इस फ़िल्म के निर्माता ग्रांट हेसलोव के साथ मिलकर फ़िल्म की पटकथा भी लिखी है. उन्होनें संपादकीय दृष्टिकोण अपनाते हुए फ़िल्म के हर सीन की दो जगहों से पुष्टि की है जिससे फ़िल्म की कहानी सशक्त हुई है. इस फ़िल्म में सीनेटर मैक्कार्थी का रोल किसी अभिनेता को देने की बजाए डाक्यूमैंट्री शैली में उनकी फ़िल्म फ़ुटेज का इस्तेमाल किया गया है. जार्ज क्लूनी का कहना है कि “मैक्कार्थी के रोल पर आरोपो से बचने के लिए ऐसा किया गया है ताकि वही सामने आए जो मैक्कार्थी ने वास्तव में किया है”. पुरानी फ़िल्म फ़ुटेज को फ़िल्म में इस्तेमाल करने के लिए फ़िल्म निर्माताओं ने यह भी निर्णय लिया गया कि फ़िल्म को रंगीन की बजाए ब्लैक एंड वाइट में बनाया जाए. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||