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करिश्मा का अदालत से आग्रह | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दांपत्य जीवन में संकट का सामना कर रहीं फ़िल्म अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने अदालत से कहा है कि उन्हें उनके 'नाराज़' पति संजय कपूर ने छोड़ा है और उनके वैवाहिक संकट को अदालत में घसीटा. करिश्मा कपूर के वकील ने शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट में अपने मुवक्किल की ओर से एक हलफ़नामा पेश किया. अदालत ने संजय कपूर की याचिका पर करिश्मा कपूर से 19 अगस्त तक अदालत में अपना जवाब पेश करने का निर्देश दिया था. करिश्मा के हलफ़नामे में लिखा गया है संजय कपूर ने बेटी समायरा को रेहन की तरह इस्तेमाल कर दांपत्य मुद्दे को अदालत में सुलझाने का एक असभ्य प्रयास किया है. करिश्मा ने अपना हलफ़नामा संजय कपूर की एक याचिका के जवाब में पेश किया जिसमें ये कहा गया था कि करिश्मा को अपनी बेटी को विदेश ले जाने से रोका जाए. 'संजय ने छोड़ा' करिश्मा ने कहा है कि उनके पति ने सोच-समझकर उनको छोड़ा और उनके पति को पता था कि वे क्यों मुंबई में रहने के लिए मजबूर हुईं. उन्होंने अदालत को बताया है कि विवाह के बाद पति-पत्नी दिल्ली में रहने लगे थे लेकिन संजय कपूर ने अपनी याचिका में ये नहीं बताया कि उन्होंने समझ-बूझकर उन्हें छोड़ दिया जिसके बाद करिश्मा के पास जनवरी 2005 में दिल्ली छोड़ने और अपने पति से अलग मुंबई में रहने के अलावा और कोई चारा नहीं बचा था. करिश्मा ने अपने हलफ़नामे में ये भी आरोप लगाया है कि सिवाए कुछ बार अपनी बेटी को देखने के संजय कपूर ने समाएरा के लालन-पालन में कोई भूमिका नहीं निभाई. उन्होंने लिखा है कि विशेष रूप से बच्ची की परवरिश में कोई आर्थिक मदद नहीं की. करिश्मा ने आरोप लगाया है कि उनके पति की याचिका का सारा ज़ोर इस बात पर था कि कैसे वे करिश्मा के प्रति अपने व्यक्तिगत वैमनस्य का हिसाब बराबर करें और समायरा को हमेशा के लिए उनसे अलग कर दें. 'नागरिकता छिपाई' करिश्मा ने अपने पति पर ये जानकारी छिपाने का भी आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी इच्छा से अमरीका की नागरिकता ली और वे भारतीय नागरिक नहीं हैं. करिश्मा ने अदालत से आग्रह किया है कि चूँकि संजय कपूर की याचिका प्रामाणिक नहीं है इसलिए उसे ख़ारिज़ किया जाए और समाएरा के विदेश जाने पर लगी अदालती रोक को हटा लिया जाए. करिश्मा ने अपने हलफ़नामे में लिखा है कि समाएरा का पासपोर्ट मुंबई के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से लागू किया गया और इस कारण इस बारे में सुनवाई दिल्ली में अदालत के क्षेत्राधिकार में नहीं आती. उधर केंद्र सरकार ने भी पासपोर्ट के जारी होने के स्थान को कारण बताकर संजय कपूर की याचिका को रद्द किए जाने का आग्रह किया है. |
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