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मंगलवार, 16 अगस्त, 2005 को 19:16 GMT तक के समाचार
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दा विंची कोड पर फ़िल्म का विरोध
लिंकनशायर गिरजाघर
लिंकनशायर गिरजाघर के मुख्यद्वार के बाहर 12 घंटे प्रार्थना करती रहीं सिस्टर मैरी माइकल
डैन ब्राउन के जाने-माने उपन्यास दा विंची कोड पर आधारित फ़िल्म की शूटिंग शुरू हो गई है लेकिन एक रोमन कैथोलिक नन ने 12 घंटे प्रार्थना कर शूटिंग का विरोध किया है.

फ़िल्म के प्रमुख कलाकार टॉम हैंक्स हैं. इसकी शूटिंग ब्रिटेन की लिंकनशायर काउंटी में इस सप्ताह शुरू हुई है.

लेकिन शूटिंग से नाख़ुश सिस्टर मैसी माइकेल ने लिंकन गिरजाघर के बाहर लगातार 12 घंटे प्रार्थना कर अपना विरोध जताया है.

61 वर्षीय सिस्टर माइकेल को लगता है कि डैन ब्राउन की पुस्तक पर आधारित फ़िल्म से ईशनिंदा होगी और ईसाईयत का अपमान होगा.

सिस्टर माइकेल ने कहा,"जब मैं अंतिम निर्णय के दिन और सब लोगों की ही तरह ईश्वर के सामने जाऊंगी तो मैं कह सकूँगीं कि मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की".

विवाद

दा विंची कोड को लेकर विवाद पुराना है क्योंकि इस किताब से ऐसा लगता है कि ईसाई धर्म को नियंत्रित करनेवाले चर्च ने ईसा मसीह के जीवन की सच्चाई पर पर्दा डाला है.

इस उपन्यास के अनुसार ईसा मसीह ने मैरी मेग्डालन से विवाह किया था और उनकी एक संतान भी थी.

दा विंची कोड पर बननेवाली हॉलीवुड की फ़िल्म के निर्माता फ़िल्म की शूटिंग लंदन के वेस्टमिंस्टर गिरजाघर में करना चाहते थे लेकिन उन्हें वहाँ शूटिंग की अनुमति नहीं दी गई.

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दा विंची कोड के लेखक डैन ब्राउन

लेकिन लिंकनशायर के लिंकन गिरजाघर के पादरी वेरी रेवरेंड एलेक नाइट ने लिंकन गिरजाघर में फ़िल्म की शूटिंग की अनुमति दे दी थी.

उनका कहना है,"मेरी निगाह में ये किताब ईशनिंदा नहीं करती बल्कि कुछ अनुमान लगाती है जिसने लोगों को छुआ है. चर्च को उनपर बहस करनी चाहिए ना कि अपना पल्ला झाड़ लेना चाहिए".

वैसे फ़िल्म का विरोध करनेवाली सिस्टर मैरी माइकेल का कहना है कि पादरी नाइट को चर्च की शिक्षा के प्रसार के लिए आगे आना चाहिए ना कि किताब के दावों के संबंध में चुपचाप कोने में बैठे रहना चाहिए.

शूटिंग

दा विंची कोड फ़िल्म की शूटिंग के लिए लिंकनशायर में फ़िल्म से जुड़े 200 लोगों के अलावा 400 एक्स्ट्रा कलाकार जुटे हैं.

फ़िल्म में टॉम हैंक्स प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं जबकि ऑड्रे टॉटो फ़िल्म की अभिनेत्री हैं.

ऑस्कर पुरस्कार विजेता रॉन हावर्ड फ़िल्म का निर्देशन कर रहे हैं.

फ़िल्म की शूटिंग के लिए लिंकन गिरजाघर को सोमवार और मंगलवार को पूरी तरह बंद रखा गया और दूसरे महायुद्ध के बाद पहली बार चर्चा का घंटा नहीं बजा.

लिंकन गिरजाघर के भीतर दो सप्ताह तक सेट का निर्माण होता रहा ताकि उसे वेस्टमिंस्टर गिरजाघर के जैसा बनाया जा सके.

फ़िल्म की शूटिंग विंचेस्टर गिरजाघर और एडिनबरा के नज़दीक रोज़लिन गिरजाघर में भी होगी.

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