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ईसा पर विवादित फ़िल्म प्रदर्शित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईसा मसीह की ज़िंदगी पर बनी मेल गिब्सन की बहुचर्चित और विवादास्पद फ़िल्म- द पैशन ऑफ़ द क्राइस्ट - बुधवार को अमरीका में प्रदर्शित हो गई है. रिलीज़ से पहले सोमवार को इस फ़िल्म का अमरीका में ख़ास शो हुआ और फ़िल्म देखने आए लोगों ने फ़िल्म को बेहद पसंद किया. इस फ़िल्म में ईसा मसीह के जीवन के अंतिम 12 घंटों का चित्रण किया गया है. ये फ़िल्म बुधवार को अमरीका के 2800 सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई. बाद में इसे ब्रिटेन के सिनेमाघरों में भी दिखाया जाएगा. विवाद आलोचकों का कहना है कि फ़िल्म में हिंसा का निर्मम चित्रण हुआ है. कुछ यहूदी संगठन ये भी आरोप लगा रहे हैं कि ये फ़िल्म यहूदी विरोधी है. मगर निर्माता मेल गिब्सन ने इन आरोपों को ग़लत बताते हुए कहा है कि इसमें ईसा मसीह के विराट त्याग को दिखाया गया है. मेल गिब्सन ने कहा, "अगर आपको फ़िल्म अच्छी नहीं लग रही तो आप मत देखिए. अगर बीच में छोड़कर बाहर निकलना है तो बेशक जाईए." कुछ जानकारों ने फ़िल्म में दिखाए गए कुछ तथ्यों पर भी सवाल उठाए हैं. मगर मेल गिब्सन ने कहा है कि फ़िल्म की पटकथा लिखने से पहले उन्होंने विद्वानों, धर्मशास्त्रियों, पुजारियों और आध्यात्मिक लेखकों से सलाह ली थी. प्रतिक्रिया फ़िल्म के प्रदर्शन से पहले न्यूयॉर्क में कुछ यहूदी प्रदर्शनकारियों ने बैनर लेकर एक सिनेमाघर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया है. वहीं कान्सास राज्य में एक चर्च ने इस फ़िल्म के विशेष शो के 3,500 टिकट बेचे हैं जिनमें फ़िल्म के बाद धार्मिक उपदेश सुनाए जाएँगे. उधर सोमवार को विशेष शो देखने के बाद कुछ लोगों ने कहा कि इस फ़िल्म से काफ़ी लोगों की ज़िंदगी बदल जाएगी. वृद्ध लोगों को सहारा देनेवाली एक संस्था से जुड़ी रोज़मेरी हेंडरसन ने कहा, "मुझे लगता है कि मेल गिब्सन ने सही समय पर सही फ़िल्म बनाई है. प्रेस या आलोचकों की मुझे कोई परवाह नहीं है." |
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