|
ग्यारह बीवियों के पति नूरे की 'नेक सलाह' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इथियोपिया के रहने वाले अयातु नूरे का भरा पूरा परिवार है-11 बीवियाँ और 77 बच्चे. लेकिन दूसरों को वो परिवार नियोजन का मशविरा दे रहे हैं. अयातु नूरे की सलाह है कि बाक़ी लोग उनके नक़्शे क़दम पर न चलें. परिवार बड़ा तो ज़रूरतें भी ज़्यादा और इन्हीं ज़रूरतों के बोझ तले दबे अयातु नूरे की वित्तीय स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है. बड़े परिवार से तौबा कर चुके अयातु नूरे तो लोगों को शादी न करने तक की सलाह देते हैं. नूरे अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं लेकिन पैसे नहीं हैं. वे अपने बच्चों को किसान बनाना चाहते हैं लेकिन उनके पास ज़मीन नहीं है. आर्थिक परेशानी अयातु की सात बीवियाँ झोपड़ियों में रहती हैं जबकि बाक़ी चार पास के किसी और गाँव में.
बच्चे इतने ज़्यादा हैं कि अयातु को उनके नाम भी याद नहीं है. अयातु नूरे कहते हैं कि वो ये याद रखने की कोशिश ज़रूर करते हैं कि कौन सा बच्चा किस बीवी से है. नूरे बताते हैं कि वो कभी काफ़ी अमीर हुआ करते थे और चाहते थे कि अपनी दौलत को लोगों के साथ बाँटें. यही वजह है कि उन्होंने इतनी शादियाँ की. उनकी पत्नियों ने 100 से भी ज़्यादा बच्चों को जन्म दिया जिसमें से 23 मर चुके हैं. अयातु नूरे कहते हैं कि जब वो अपने बच्चों को ख़ाना नहीं दे पाते तो उन्हें लगता है कि ख़ुद को मार डालें. इस वक़्त उनकी सबसे बड़ी समस्या है स्थानीय स्कूल को अपने 40 बच्चों की तस्वीरें उपलब्ध करवाना क्योंकि उनके पास इसके लिए पर्याप्त पैसे नहीं है. पारिवारिक तालमेल अयातु नूरे अपने बच्चों की देखभाल करने में मदद न देने के लिए इथियोपिया सरकार को भी दोषी ठहराते हैं. इतने बड़े परिवार में तालमेल बिठाने पर वो बताते हैं कि वो सभी पत्नियों के साथ समय बिताने की कोशिश करते हैं और झगड़े सुलझाने की भी. अपने बारे में उनका कहना है कि लोग उन्हें एक मज़ेदार व्यक्ति समझते हैं लेकिन उनकी जिंदगी में कोई मज़ा नहीं है. अयातु नूरे के सबसे बड़े बेटे के सात बच्चे हैं और वो जल्द ही चौथी पत्नी से शादी करने जा रहे हैं. पर बेटे का कहना है कि वे पत्नियों की गिनती के मामले में पिता का अनुसरण नहीं करेंगे. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||