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जैक्सन के वकीलों ने की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पॉप स्टार माइकल जैक्सन के वकीलों ने अपील की है कि बच्चों का यौन शोषण करने के एक मामले में जैक्सन के ख़िलाफ मुकदमा शुरु करने से पहले की सुनवाई भी बंद कमरे में कराई जाए. मुकदमे से पहले की सुनवाई में यह तय होता है कि अभियुक्त के ख़िलाफ किस तरह के सबूत पेश किए जाएंगे. मुकदमा इसी साल शुरु होना है. आम तौर पर ऐसी सुनवाई खुली अदालत में होती हैं जहां आम लोग जा सकते हैं. मुकदमे से पहले की सुनवाई में अभियोजन पक्ष जैक्सन पर पूर्व में लगे आरोपों और उनसे जुड़े सबूत भी पेश करेगा जिसकी अनुमति दी जा चुकी है. हालांकि जैक्सन के वकीलों ने इसका विरोध यह कहते हुए किया था कि पूर्व में जैक्सन पर लगे आरोपों के बारे में न्यायाधीशों को बताने से नए मामले में न्यायाधीशों के फैसले पर असर पड़ेगा. मुकदमे से पहले की सुनवाई के दौरान आम जनता की गैर मौजूदगी संबंधी अपील के बारे में पूछे जाने पर जैक्सन के वकीलों ने कहा " जैक्सन पर किसी भी मामले को मीडिया बहुत उछालता है. कोर्ट में जो कुछ भी होगा उसे सभी जगह दिखाया जाएगा जिसका असर फैसले पर पड़ सकता है. " विरोध
46 वर्षीय माइकल जैक्सन पर षडयंत्र और बच्चों के साथ छेड़छाड़, यौन शोषण के 10 आरोप हैं. जैक्सन के वकीलों की इस अपील का मीडिया संगठनों ने विरोध किया है. इस मामले की कवरेज कर रहे पत्रकारों के समूह से जुड़े थियोडोर बोरट्रस कहते हैं कि जैक्सन कोशिश कर रहे हैं कि वो सुनवाई को यथासंभव गुप्त रखें जो ग़लत है. इस अपील पर वरिष्ठ न्यायाधीश रोडनी मेलविले 12 जनवरी को फैसला दे सकते हैं. वैसे इस पूरे मामले की अधिकतर सुनवाई बंद कमरों में ही हुई है और न्यायाधीश के आदेशों के तहत दोनों ही पक्ष मीडिया में बयानबाजी नहीं कर रहे हैं. मामले के सारे दस्तावेज़ भी सीलबंद हैं और मीडिया को गिनी चुनी बातें बताई जा रही हैं. |
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