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गुरुवार, 29 जुलाई, 2004 को 15:33 GMT तक के समाचार
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हॉलीवुड में चमकेगा भारतीय सितारा

कल्पेन की फ़िल्म का पोस्टर
कल्पेन इस फ़िल्म में मुख्य नायक के तौर पर नज़र आएँगे
इक्का-दुक्का भारतीय कलाकारों ने बॉलीवुड की फ़िल्मों में काम किया है, मनोज नाइट श्यामलन ने निर्देशन और लेखन के क्षेत्र में अपना लोहा मनवाया है लेकिन किसी हॉलीवुड फ़िल्म में भारतीय मूल के अभिनेता को मुख्य भूमिका दिया जाना वाक़ई बहुत बड़ी बात है.

अब कैल पेन बन चुके कल्पेन मोदी की फ़िल्म 'हैरोल्ड ऐंड कुमार दो टू व्हाइट कासल' शुक्रवार को पूरे अमरीका में रिलीज़ हो गई.

यह एक कॉमेडी फ़िल्म है लेकिन इसमें एशियाई लोगों के साथ अमरीका में होने वाले भेदभाव का भी चित्रण किया गया है.

इसका निर्देशन डैनी लिनर ने किया है जिन्होंने इससे पहले मशहूर कॉमेडी फ़िल्म 'डूड, व्हेयर इज माइ कार?' का निर्देशन किया था.

अमरीका के न्यूजर्सी में पैदा हुए पेन ने मंच पर अभिनय का प्रशिक्षण लिया और उसके बाद क़िस्मत आज़माने के लिए हॉलीवुड चले गए.

पैन ने इससे पहले 'नेशनल लैम्पून्स वैन वाइल्डर' और 'मालिबूज़ मोस्ट वांटेड' नाम की हॉलीवुड फ़िल्मों में भी काम कर चुके हैं, इन फ़िल्मों में उनके अभियन को काफ़ी सराहा गया है.

फ़िल्म

'हैरोल्ड ऐंड कुमार दो टू व्हाइट कासल' में पेन ने कुमार पटेल नाम का किरदार निभाया है जो अपने जिगरी दोस्त हैरोल्ड के साथ रहता है, हैरोल्ड की भूमिका कोरियाई मूल के अमरीकी अभिनेता जॉन चो ने निभाई है.

कल्पेन मोदी
कल्पेन ने इस फ़िल्म में एक भारतीय का रोल निभाया है

डॉक्टर बाप की ज़िद के बावजूद मेडिकल कॉलेज में दाख़िला लेने से इनकार करने वाले कुमार और हैरोल्ड शुक्रवार की रात न्यूजर्सी में बर्गर की दुकान ढूँढने निकलते हैं तो उनके साथ क्या-क्या वाकए होते हैं, यही इस फ़िल्म की कहानी है.

पिछले दिनों न्यूयॉर्क में पत्रकारों को जब यह फ़िल्म दिखाई गई तो वे हँस-हँसकर लोटपोट हो गए, फ़िल्म के माध्यम से नस्लवादी भेदभाव पर जमकर टिप्पणी की गई है.

पेन कहते हैं, "मुझे बहुत ख़ुशी हुई कि इस फ़िल्म के ज़रिए एक भारतीय लड़के का किरदार करने का मौक़ा मिला जिसमें नाटकीय चाल-ढाल या अजीब तरह के उच्चारण के बिना सहज अभिनय का अवसर मिला."

डैनी लिनर ने पहले इस फ़िल्म का निर्देशन करने से इनकार कर दिया था लेकिन फ़िल्म की पटकथा पढ़ने के बाद वे अपनी हँसी नहीं रोक सके और राज़ी हो गए.

वे कहते हैं, "आप इन दोनों पात्रों पर हँसे बिना नहीं रह सकते, इसके अलावा इस फ़िल्म में यह भी दिखाया गया है कि हमारे समाज में विदेशी मूल के लोगों से अब तक किस तरह भेदभाव होता है."

नई पीढ़ी

भारतीय मूल के कई कलाकार हॉलीवुड की फ़िल्में दिखाई देने लगे हैं, स्टीवन स्पीलबर्ग की ताज़ा फ़िल्म 'द टर्मिनल' में कुमार पलाना ने एक अहम भूमिका निभाई है.

कॉमेडी फ़िल्म 'द गुरू' में मुख्य भूमिका निभाने वाले जिमी मिस्री 'एला एनचांटेड' में नज़र आएँगे जबकि आसिफ़ मांडवी स्पाइडरमैन-2 में दिख रहे हैं.

दरअसल, इसकी शुरूआत छह दशक पहले हुई थी जब साबू दस्तगीर ने पहले एशियाई अभिनेता के तौर पर 'एलीफेंट ब्वाय' नाम की फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभाई लेकिन यह एक अपवाद की ही तरह रहा.

लगता है कि अब यह अपवाद ख़त्म हो रहा है, पेन हॉलीवुड की फ़िल्मों और अमरीकी टीवी सीरियलों में भी जल्द ही नज़र आने वाले हैं जिनमें वार्नर ब्रदर्स की 'ए लॉट लाइक लव' प्रमुख है.

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