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'लड़की पंजाबन' का सीमा-पार प्यार
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को मधुर बनाने की दोतरफ़ा कोशिशें पिछले कुछ समय से चर्चा में हैं. अमन और प्रेम के इस मौसम में एक नया वसंत तब आ गया जब एक ऐसी फ़िल्म रिलीज़ हुई जो दोनों देशों के निर्देशकों ने मिलकर बनाई है. इतना ही नहीं, यह एक भारतीय लड़की और पाकिस्तानी लड़के की प्रेम कहानी है, इस फ़िल्म का नाम है-'लड़की पंजाबन.'
भारत के निर्देशक शशिलाल नायर और पाकिस्तान के निर्देशक सैयद नूर ने मिलकर इस फ़िल्म का निर्देशन किया है. ये फ़िल्म उर्दू और पंजाबी दोनों ही भाषाओं में है. एक और प्रेम कहानी 'लड़की पंजाबन' एक ऐसी प्रेम कहानी है जिसमें पंजाब की एक सिख लड़की को सरहद पार पाकिस्तान के एक लड़के से प्यार हो जाता है. ज़ाहिर है, ऐसा दोनों देशों की सामाजिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुकूल नहीं है. दक्षिण एशियाई फ़िल्मों के समीक्षक निहार भूषण ने बीबीसी को बताया," ये यूँ तो बॉलिवुड की किसी भी फ़िल्म की तरह रोमांच और नाटकीयता से भरपूर एक फ़िल्म है लेकिन इसमें रोमियो-जूलियट अलग-अलग देशों के हैं." विवादास्पद मसला इस फ़िल्म के निर्देशन में भारत और पाकिस्तान दोनों देशों निर्देशकों की भागीदारी और इस तरह की विवादास्पद कहानी होने के चलते इसे रिलीज़ होने में बहुत सी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इस फ़िल्म की एक ख़ास बात ये है कि आम भारतीय फ़िल्म की तरह इसमें एक पाकिस्तानी को बुरे आदमी के रूप में नहीं दिखाया गया है. इससे पहले राजकपूर बैनर की फ़िल्म 'हिना' में इस तरह की कहानी दिखाई गई थी. भारत पाकिस्तान के रिश्तों में आ रही मौजूदा मधुरता को देखते हुए इस फ़िल्म के निर्देशकों को फ़िल्म से काफ़ी उम्मीदें हैं. |
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