मीडिया से ख़फ़ा अभिनेत्रियां

- Author, गीता पांडे
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
दीपिका पादुकोण के क्लीवेज को दिखाती तस्वीरों पर दीपिका की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद अंग्रैज़ी दैनिक ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की ज़ोरदार आलोचना हो रही है.
दीपिका के ट्वीट के बाद बॉलीवुड से उनका समर्थन और अख़बार की आलोचना करने वालों का तांता लग गया.
हालांकि दीपिका पहली अभिनेत्री नहीं हैं जिनकी मीडिया से ऐसी नोकझोंक हुई है.
ग़ुस्से में हिरोइनें

इमेज स्रोत, Deepikas Twitter Page
बॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका शेरावत से उनके शो 'बैचलरेट इंडिया' के लॉंच के दौरान एक रिपोर्टर ने सवाल किया कि एक अमरीकी मैगज़ीन वैनिटी फ़ेयर को दिए साक्षात्कार में भारत को ‘पिछड़ा और निराशाजनक कहना कितना सही है’.
इस पर मल्लिका ग़ुस्से में आ गईं और पत्रकार से कहा कि ‘‘जब रोज़ाना मादा, भ्रूण हत्या, गैंग रेप, ऑनर किलिंग जैसी घटनाएं अख़बारों की सुर्ख़ियां बनती हों, तो मुझे लगता है कि यह महिलाओं के लिए बहुत ही पिछड़ी हुई हालत है, और मैं अपनी राय पर कायम हूं.’’

इमेज स्रोत, AFP
हाल ही में अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से पूछा गया कि जब लड़कियां युवा होती हैं तो 'वो' उन्हें पसंद आता है, पर उम्र बढ़ने के साथ वो चीख़ना-चिल्लान शुरू कर देती हैं कि उनका शोषण हो रहा है.
इस सवाल पर झल्लाई परिणीति ने रिपोर्टर से पूछा - 'वो से आपका क्या मतलब है. मेरे ख़्याल से ये बात हास्यास्पद है और किसी लड़की से ऐसा कहना उसकी बेइज़्ज़ती करना है'.
ताज़ा उबाल क्यों
16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में एक छात्रा के बलात्कार की घटना ने भारतीय समाज को हिला कर रख दिया और चारों ओर ये स्वर गूँजे कि 'महिलाओं को दोयम दर्जे का नागिरक माना जाता है और उनका दमन लंबे समय से जारी है.'

इमेज स्रोत, BBC World Service
महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली कविता कृष्णन कहती हैं - ‘‘अभिनेत्रियों और चर्चित लोगों को जिस तरह मीडिया में दिखाया जाता है वह बेहद आपत्तिजनक है. उनके सेक्सी होने पर हमेशा ज़ोर दिया जाता है. दीपिका पादुकोण सिर्फ़ क्लीवेज तो नहीं हैं.’’
दीपिका ने ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के ख़िलाफ़ विरोध दर्ज कराया. हज़ारों लोगों ने अख़बार को महिला-विरोधी और औरतों को आनंद की वस्तु समझने वाला कह कर उसकी निंदा की है.
इसके बाद अख़बार ने अपनी सफ़ाई में कहा कि 'यह तो दीपिका की तारीफ़ है'.
शाहरूख़ ख़ान ने भी दीपिका पाडुकोण के पक्ष में आवाज़ उठाते हुए कहा, "दीपिका ने जो किया शायद हम मर्द वो नहीं कर पाते. लेकिन हम उनका समर्थन करते हैं. इसे बेवजह मसला ना बनाएं."
(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












