आशा भोसले भड़कीं, बंटा संगीत जगत

- Author, मधु पाल
- पदनाम, मुंबई से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
"कुछ गायक अपने गानों में अंग्रेज़ी और हिंदी के स्तरहीन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. वो युवा पीढ़ी को बिगाड़ रहे हैं."
हाल ही में दिल्ली में हुए एक समारोह में प्रख्यात गायिका STYलता और आशा: हम साथ-साथ हैंलता और आशा: हम साथ-साथ हैंलंबे समय बाद एक ही मंच पर नज़र आईं लता मंगेशकर और आशा भोसले. आखिर क्या था मौका. देखिए तस्वीरों में.2013-04-01T17:10:09+05:302013-04-02T02:01:11+05:30PUBLISHEDhitopcat2 ने ये कहते हुए आगे कहा, "भद्दे गानों की भरमार हो गई है. स्थापित और पुराने गायकों को इस वजह से काम मिलना ही बंद हो गया है."
आशा भोसले के इस बयान पर फ़िल्म संगीत जगत में जैसे तूफ़ान आ गया और नतीजा ये कि लोग दो ख़ेमों में बंट गए. जानते हैं किसने क्या कहा.
सोनू निगम (गायक)

"आशा जी की बात पर मैं कहूंगा कि गायकों को मजबूरी में वैसे गाने गाने पड़ते हैं क्योंकि जो काम मिलेगा उन्हें वही करना होगा. आजकल गानों में भी फ़िल्मकार दख़ल देते हैं और दबाव देकर अपने मनमाफ़िक़ गाने लिखवाते हैं."
वाजिद (संगीतकार)
"आशा जी बहुत सीनियर हैं. उनका कहा सर आंखों पर. लेकिन आज ज़रूरत के हिसाब से गाने बन रहे हैं. और आइटम सॉन्ग तो पहले भी बनते रहे हैं. बस ये है कि अब लफ़्ज़ों में खुलापन आ गया है. लेकिन माहौल के हिसाब से तो चीज़ें बदलती ही हैं."
ऋचा शर्मा (गायिका)

इमेज स्रोत, Richa Sharma Official Page
"मैं आशा जी की बात से पूरी तरह सहमत हूं. गाने को मसालेदार बनाने के लिए गाली-गलौच की क़त्तई ज़रूरत नहीं है. ये गंदी ज़बान वाले गाने वैसे भी ज़्यादा नहीं चलते. अच्छा संगीत ही लंबे समय तक टिक पाता है."
हरिहरन (गायक और संगीतकार)
"भद्दे गाने बनते हैं और मीडिया उन्हें दिन में 20-30 दफ़ा बजाती है. भला क्यों? देखिए मॉडर्न हम भी हैं लेकिन लोगों को आधुनिकता और अश्लीलता में फ़र्क़ पता होना चाहिए. ख़ुदा लोगों को अक़्ल दे."
जावेद अली (गायक)
"देखिए बदलते वक़्त के साथ लोगों की रुचि भी बदलती है. अब अगर भद्दे गाने हिट होते हैं तो दूसरे गायक को लगता है कि मैं भला क्यों पीछे रहूं और फिर ये सिलसिला चल पड़ता है. मैं तो गायक हूं और मुझे जैसे गाने मिलेंगे मैं गाऊंगा."
अनूप जलोटा (गायक)

इमेज स्रोत, R.Rajkumar
"गाली-गलौच से परिपूर्ण गानों पर तो फ़ौरन रोक लगा देनी चाहिए. हुस्न के लाख रंग, कौन सा रंग देखोगे कहोगे तो ये अच्छा लगेगा. लेकिन अगर हीरो कहेगा कि अब करूंगा गंदी बात तो ये बिलकुल फ़िज़ूल के शब्द हैं."
तलत अज़ीज़ (ग़ज़ल गायक)
"मैं आशा जी की बात से पूरी तरह सहमत हूं. लोकप्रियता पाने के लिए अपना स्तर नहीं गिराना चाहिए. जनता की आड़ लेकर गंदे गाने परोसना फ़ैशन बन गया है."
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