जो कुछ हूं, बॉबी की वजह से हूं: डिंपल

साला 1973 में रिलीज़ हुई 'बॉबी' के बाद इस फ़िल्म के हीरो ऋषि कपूर और हीरोइन डिंपल कपाड़िया रातों-रात स्टार बन गए थे. राज कपूर निर्देशित इस फ़िल्म को रिलीज़ हुए 40 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी डिंपल कपाड़िया अभिनीत फ़िल्मों की लिस्ट में इस फ़िल्म का कोई मुक़ाबला नहीं.
वो कहती हैं, "मैं जो कुछ हूं, बॉबी की वजह से हूं. इसी फ़िल्म की वजह से मेरा वजूद है. 40 सालों से इसी फ़िल्म के बलबूते मेरा अस्तित्व है."

डिंपल कपाड़िया की नई फ़िल्म 'वॉट द फ़िश' जल्द ही रिलीज़ होने वाली है. इस फ़िल्म के बारे में मीडिया से बात करते हुए वो पुरानी यादों में खो गईं.
'बॉबी' की रिलीज़ के फ़ौरन बाद उन्होंने उस समय के सुपरस्टार राजेश खन्ना से शादी कर ली थी और फिर फ़िल्मों से लंबा ब्रेक ले लिया था.
ये ब्रेक क़रीब 11 वर्षों तक चला जिसके बाद फ़िल्म सागर से उन्होंने फ़िल्मों में वापसी की. इस फ़िल्म में उन्होंने ऋषि कपूर और कमल हासन के साथ काम किया था. इसका निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था.
क्या उन्होंने फ़िल्मों से ब्रेक ना लिया होता तो उनका करियर कुछ और ही होता? ये पूछने पर डिंपल ने कहा, "हो सकता है मैं उन 10-11 सालों में काम करके ख़त्म हो चुकी होती. इसलिए मुझे कोई अफ़सोस नहीं है. उस दौरान मैंने अपने पारिवारिक जीवन की ज़िम्मेदारियों को निभाया."
'ख़राब दौर में वापसी'
हालांकि, उन्होंने ये ज़रूर माना कि जब वो फ़िल्मों में वापस लौटीं तो मुक़ाबला काफ़ी कड़ा हो चुका था.
उन्होंने हंसते हुए कहा, "तब तक श्रीदेवी हिंदी फ़िल्मों में छा चुकी थीं. उन्होंने मेरे लिए कुछ छोड़ा ही नहीं."
डिंपल कपाड़िया ने ये भी माना कि उन्होंने राज कपूर जैसे बेहतरीन फ़िल्मकार के निर्देशन में अपना करियर शुरू किया, लेकिन उसके बाद जब वो दोबारा लौटीं तो वो फ़िल्मों का बेहद ख़राब दौर था.
उन्होंने कहा, "राज कपूर जैसे शानदार और जीनियस निर्देशक के साथ काम करने के बाद 80 के दौर में काम करना बड़ा तक़लीफ़देह था. चार सीन उसके बाद दो गाने. निर्देशक के बिना सोचे समझे एक्शन कहना और बिना सोचे समझे कट कह देना."
'काका जी जैसा कोई नहीं'

डिंपल कपाड़िया और उनके पति राजेश खन्ना को फ़िल्म प्रेमी एक साथ पर्दे पर कभी नहीं देख पाए.
दोनों ने साथ में एक ही फ़िल्म की शूटिंग की जिसका नाम था 'जय जय शिवशंकर'. लेकिन वित्तीय समस्या की वजह से ये फ़िल्म कभी रिलीज़ ही नहीं हो पाई. उन्होंने राजेश खन्ना के बारे में एक दिलचस्प बात बताई.
उन्होंने कहा, "एक दफ़ा उनकी तबियत ठीक नहीं थी. घर के बाहर प्रेस वाले खड़े थे. काका जी बालकनी में जाने लगे. तो मैंने उनसे कहा कि आप शॉल ओढ़ लीजिए और मेरे सन ग्लासेस लगा लीजिए. इस पर उन्होंने मेरी तरफ़ मुड़कर देखा और कहा अब तुम मुझे सिखाओगी कि मुझे क्या करना है. उनके जैसा सुपरस्टार आज तक नहीं हुआ."
पसंदीदा को स्टार

अपने पसंदीदा को स्टार्स के बारे में उन्होंने कहा, "कमल हासन मुझे पसंद है. ऋषि कपूर मेरे सबसे पसंदीदा को स्टार हैं. मुझे सैफ़ अली ख़ान और बमन ईरानी भी पसंद हैं."
डिंपल कपाड़िया साल 2001 में रिलीज़ हुई दिल चाहता है को अपने करियर की इस तीसरी पारी का अहम मोड़ मानती हैं.
वो कहती हैं, "बहुत कमाल की फ़िल्म थी और सैफ़, आमिर और अक्षय के साथ बड़ा मज़ा आया."
डिंपल मानती हैं कि मौजूदा दौर के फ़िल्मकार बेहद समझदार हैं और काफ़ी समझदारी से स्क्रिप्ट लिखते हैं जिस वजह से विविधतापूर्ण फ़िल्में देखने को मिलती हैं और उन जैसी उम्रदराज़ अभिनेत्री के लिए भी रोल लिखे जाते हैं.
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