कश्मीरी रॉक बैंड को बॉलीवुड से न्यौता

प्रगाश- कश्मीर की तीन लड़कियों द्वारा बनाए गए इस एक मात्र रॉक बैंड को अपने ही राज्य में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है लेकिन इनका साथ देने के लिए अब हिंदी फिल्म इंडस्ट्री आगे आई है.
कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती बशीरुद्दीन अहमद और कुछ संगठनों द्वारा बैंड का विरोध करते हुए उनके खिलाफ़ फतवा जारी कर दिया है.
विशाल का प्रस्ताव
ये मामला सामने आने पर भारत के प्रसिद्ध बैंड पैंटाग्राम के प्रमुख गायक रहे विशाल ने इन लड़कियों को प्रस्ताव दिया है कि वो उनके मुंबई आने-जाने और रहने की सारी व्यवस्था के साथ ही उनके एल्बम की रिकॉर्डिंग से लेकर रिलीज़ और प्रमोशन तक का खर्चा वहन करने के लिए तैयार है.
सोशल मीडिया पर धमकियां मिलने के बाद इन लड़कियों ने संगीत से तौबा करने की बात कही है, लेकिन संगीतकार विशाल डडलानी ने इस बैंड के फेसबुक पेज पर लिखा है, "कृप्या कुछ सनकियों के डर के कारण संगीत बनाना बंद मत करो. अपनी प्रतिभा के संरक्षक होने की हैसियत से ये हमारा कर्त्तव्य है कि हम लोगों तक पहुंचे और मनुष्य की आत्मा से जुड़े गीत गाएं."
ये किसी भी नए कलाकार, ख़ासकर युवतियों के लिए एक बड़ा मौका हो सकता है लेकिन बैंड की लड़कियां फिलहाल बहुत घबराई हुई हैं. बैंड की मुख्य गायिका नोमा ने कहा है कि वो इस प्रस्ताव के बारे में ज़रा सा भी नहीं सोचने वाली.
विरोध और फतवा
दरअसल प्रगाश बैंड के लिए मुश्किलें तब खड़ी हो गई जब उन्होंने पिछले साल दिसंबर में श्रीनगर में हुए एक संगीत प्रतियोगिता में हिस्सा लिया. इसके बाद बैंड के फेसबुक पन्ने पर कई अभद्र टिप्पणियां की गई जिसका लड़कियों ने काफी बहादुरी से सामना किया.
लेकिन बाद में कश्मीर के ग्रैंड मुफ्ती बशीरुद्दीन अहमद ने उनके खिलाफ़ फतवा जारी कर दिया.
इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को एक प्राथमिकी भी दर्ज कर ली है और वो उन लोगों की तलाश में हैं जिन्होंने बैंड के सोशल मीडिया पन्ने पर ग़लत टिप्पणियां की थी.
श्रीनगर के जिला पुलिस अधिकारी आशिक़ बुख़ारी ने पुष्टि की है कि केस रजिस्टर कर लिया गया है और आईपी पतों के ज़रिए आरोपियों को पकड़ा जाएगा. पुलिस की ये कार्रवाई मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह के निर्देश के बाद की गई है.
उमर ने अपने ट्वीट के ज़रिए लड़कियों का समर्थन किया था लेकिन इसके बावजूद लड़कियां डरी हुई हैं और मीडिया के सामने आने से बच रही हैं.
उदार पंथी छवि
प्रख्यात पत्रकार राशिद अहमद के मुताबिक प्रगाश बैंड से जुड़ा से विवाद दरअसल कश्मीर की 'उदार पंथी' छवि को ध्वस्त करने के लिए रचा गया है.
राशिद का कहना है कि मुफ्ती सिर्फ एक रॉक बैंड को निशाना बना रहे हैं जबकि कश्मीर के कई गायक और गायिकाएं दशकों से अलग-अलग मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते आ रहे हैं.
कश्मीर के संगीत जगत के जाने माने चेहरों में राज बेग़म,ज़ून बेग़म,हसीना अख़्तर और अब केंद्रीय मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद की पत्नी शमीमा देव जैसी गायिका मौजूद हैं.












