अमिताभ बच्चन को डर लगता है !

अमिताभ बच्चन.

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सत्तर और 80 के दशक की कई फ़िल्मों में गुंडों को धूल चटाने वाले सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को डर लगता है. और ये बात उन्होंने ख़ुद कबूल की.

अमिताभ को डर लगता है किसी भी गंभीर मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करने से. और इसकी वजह उन्होंने कुछ यूं बताई, "अक्सर मेरी कही गई बातों का राजनीतिकरण कर दिया जाता है. और मैं तो राजनीति से दूर रहने वाला आदमी हूं. इसलिए किसी भी मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त करने से मुझे भय लगता है."

दिल्ली में अपनी आने वाली फ़िल्म 'आरक्षण' के बारे में बात करते हुए अमिताभ बच्चन ने ये बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि आरक्षण के मुद्दे पर उनकी निजी राय क्या है.

'आरक्षण' प्रकाश झा की आने वाली फ़िल्म है जिसमें अमिताभ बच्चन ने एक कॉलेज प्रिसिंपल की भूमिका निभाई है जो चाहता है कि सभी वर्ग के लोगों को समान अवसर मिलें और इसके लिए वो अपने घर में भी सभी जाति वर्ग के लोगों को मुफ़्त में पढ़ाता भी है.

अमिताभ ने बताया कि अपने 40 साल लंबे करियर में उन्होंने मुद्दों पर आधारित किसी फ़िल्म में काम नहीं किया और इसी वजह से जब 'आरक्षण' में काम करने का प्रस्ताव उनके पास आया तो उन्होंने झट से हां कर दी क्योंकि ये 'आरक्षण' यानी रिज़र्वेशन जैसे गंभीर मुद्दे पर आधारित है.

उन्होंने ये भी कहा कि वो प्रकाश झा जैसे पारखी निर्देशक के साथ काम करना चाहते थे और फ़िल्म में काम करने की ये भी एक वजह थी.

'आरक्षण' में अमिताभ के अलावा सैफ़ अली ख़ान, दीपिका पादुकोण, मनोज बाजपेयी और प्रतीक बब्बर की भी अहम भूमिका है.

'तो क्या ऐक्टिंग छोड़ दूं'

अमिताभ बच्चन से जब पूछा गया कि 68 साल की उम्र में भी वो अपने आपको कैसे फ़िट रख पाते हैं और कैसे उतनी ऊर्जा के साथ फ़िल्मों में काम कर पाते हैं, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, "लगता है लोगों को बड़ी आपत्ति है मेरे फ़िट रहने से. लगता है एक मिशन चलाया जा रहा है कि भैया अमिताभ बच्चन, बहुत हो गया अभिनय छोड़ दो. बूढ़े हो गए हो."

अमिताभ ने आगे कहा कि जब तक उनका शरीर चल रहा है, चेहरा और आवाज़ ठीक-ठाक है वो ऐक्टिंग करते रहेंगे.