हीरो नहीं तो स्टंटमैन होता: अक्षय कुमार

बॉलीवुड के खिलाड़ी, फ़िल्मों में अपने स्टंट्स के लिए मशहूर अक्षय कुमार कहते हैं कि अगर वो हीरो नहीं होते तो स्टंटमैन होते.
अक्षय कहते हैं, “स्टंट्स करना एक कला है. स्टंटमैन की कद्र करनी चाहिए लेकिन उनको कितना कम मेहनताना मिलता है, सिर्फ़ पांच या छह हज़ार. मैं उनकी कला की दाद देता हूं. मैं गर्व से कह सकता हूं कि अगर मैं हीरो नहीं होता तो स्टंटमैन होता. ये कोई बुरा काम नहीं है.”
गुरुवार को मुम्बई में रियेल्टी शो ख़तरों के खिलाड़ी के चौथे सीज़न के लिए प्रैस कॉन्फ़्रैंस की गई. अक्षय इस शो को होस्ट कर रहे हैं और उन्होंने ये बात इस दौरान कही.
प्रैस कॉन्फ़्रैंस से पहले अक्षय ने एक ख़तरनाक स्टंट किया जिसमें उन्हें ऊंचाई से जलती हुई कार से छलांग लगाई. अक्षय ने बताया कि उन्होंने पांच साल बाद स्टंट किया है. ये इतना ख़तरनाक था कि उन्होंने इसे करने से पहले अपनी पत्नी या मां को भी नहीं बताया था.
अक्षय के स्टंट के बाद बारिश हुई जो मुम्बई में सीज़न की पहली बारिश थी. एक पत्रकार द्वारा ये कहे जाने पर शायद उनके स्टंट की वजह से बारिश हुई, अक्षय ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा, “बारिश मेरे स्टंट की वजह नहीं हुई क्योंकि पहले से ही बारिश का मौसम था. लेकिन अगर आपको ऐसा लगता है, तो जहां-जहां बारिश नहीं होगा, मुझे बुला लेना मैं स्टंट कर दूंगा.”
बड़े पर्दे पर अक्षय के स्टंट्स भले ही उनके फ़ैन्स को लुभाते हों लेकिन अक्षय मानते हैं कि उन्हें भी डर लगता है. उन्होंने कहा, “मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैंने स्टंट करने के लिए कभी भी स्टंटमैन या डुप्लीकेट का इस्तेमाल नहीं किया. लेकिन मैं ये नहीं कहूंगा कि मुझे डर नहीं लगता. मुझे डर लगता है लेकिन वो अच्छा डर होता है, मुझे सुरक्षा को लेकर डर लगता है.”
महिलाएं पुरुषों से बेहतर
ख़तरों के खिलाड़ी के चौथे सीज़न में कश्मीरा शाह, स्मिता बंसल जैसी टीवी कलाकार, पूनम पांडे, डियांडरा सुआरेज़ जैसी मॉडल्स, क्रिकेटर अंजुम चोपड़ा और गायिका मौली दवे समेत 13 लड़कियां अपने पुरुष साथियों के साथ हिस्सा ले रही हैं. इन सभी ने कई शो के दौरान कई ख़तरनाक स्टंट्स किए हैं.
होस्ट अक्षय इनकी बहादुरी से काफ़ी प्रभावित लगते हैं. शायद इसीलिए उन्होंने कहा, “मैं तो इसी नतीजे पर पहुंचा हूं कि महिलाएं पुरुषों से ज़्यादा अच्छी तरह से दबाव झेल सकती हैं. मैं नहीं जानता इसकी क्या वजह है लेकिन ये सच है. मैं भी जब दबाव में होता हूं तो कभी-कभी मैं भी हार मान लेता हूं लेकिन तब मेरी पत्नी, मां या मेरी सास मेरा हौसला बढ़ाती हैं.”
ख़तरों के खिलाड़ी का चौथा सीज़न 3 जून से टीवी पर दिखाया जाएगा.












