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ग्रैमी अवॉर्ड में लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि नहीं दिये जाने पर क्या बोले रिकी केज
- Author, ज्योतिका सिंह
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारत के संगीतकार रिकी केज को ग्रैमी अवॉर्ड से नवाज़ा गया है. ये दूसरी बार है जब केज को ग्रैमी मिला है.
उन्हें 'बेस्ट न्यू एज एल्बम' का अवॉर्ड अमेरिकी रॉक बैंड 'द पुलिस' के ड्रमर स्टीवर्ट कोपलैंड के साथ मिला है.
ये अवॉर्ड उनके एल्बम 'डिवाइन टाइड्स' के लिए दिया गया है.
ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर करते हुए केज ने लिखा, "हमारे एल्बम डिवाइन टाइड्स के लिए ग्रैमी अवॉर्ड दिए जाने के लिए बहुत आभारी हूं. मेरे बगल में जो शख़्स खड़े हैं, इस जीते-जागते लीजेंड- स्टीवर्ट कोपलैंड से मुझे प्यार है. आप सभी को मेरा ढेर सारा प्यार! यह मेरा दूसरा ग्रैमी अवॉर्ड है और स्टीवर्ट का छठा अवॉर्ड है."
रिकी केज का जन्म अमेरिका में हुआ था लेकिन अब वह बेंगलुरु में रहते है. उनकी इस कामयाबी पर बीबीसी ने उनसे बात की.
इस कामयाबी पर खुशी ज़ाहिर करते हुए उन्हें कहा, "मैं दूसरी बार ग्रैमी अवॉर्ड पाकर बेहद रोमांचित हूं."
अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि यह ग्रैमी अवॉर्ड इसलिए भी और ख़ास है क्योंकि यह अवॉर्ड उन्हें उनके बचपन से आइडल रहे लीज़ेंड स्टीवर्ट कोपलैंड के साथ मिला है.
उन्होंने कहा, "मैंने उनसे प्रेरणा लेता हूं. मैं उन्हें सुनते हुए बड़ा हुआ हूं और ऐसे में उनके साथ यह अवॉर्ड पाना अपने आप में बेहद ख़ास हो जाता है."
इससे पहले केज को साल 2015 में भी ग्रैमी अवॉर्ड से नवाज़ा गया था. साल 2015 से लेकर साल 2022 में दूसरा ग्रैमी अवॉर्ड पाने के अपने अभी तक के सफ़र पर केज ने कहा कि यह सफ़र बेहद खूबसूरत रहा है.
उन्होंने कहा, "यह एक अच्छा सफ़र रहा है. मैंने अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड साल 2015 में जीता था. यह अवॉर्ड मुझे विंड्स ऑफ़ समसारा के लिए मिला था और इन सालों में मेरी कोशिश रही कि मैं वैसा ही कुछ बना सकूं. लेकिन इस दौरान मैं अलग-अलग कॉन्सर्ट्स की वजह से काफी व्यस्त भी रहा. लेकिन साल 2020 में जैसा कि कोविड महामारी ने दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया तो एक तरह से यह एक अवसर भी था. अवसर, कि आप स्टूडियो में बैठकर किसी एलबम पर काम कर सकें और यहीं से अलग-अलग टुकड़ों को जोड़कर यह एलबम तैयार हुआ."
अपने एलबम के अनोखे नामों पर बात करते हुए केज ने कहा कि हर एलबम के पीछे एक सोच होती है.
उन्होंने बताया कि 'डिवाइन टाइड्स' नाम स्टीवर्ट कोपलैंड का दिया हुआ है.
उन्होंने बताया, "मेरे दिमाग़ में इस एलबम के लिए जो नाम था वो बिल्कुल ही अलग था. स्टीवर्ट ने जब ये नाम सुझाया तो हमने इसे कई आयामों पर जोड़कर देखा, और अंत में इसी नाम को लेकर सहमति बनी."
क्या ग्रैमी अवॉर्ड मिलने से पहले कोई बेचैनी थी?
इस सवाल के जवाब में केज कहते हैं कि नर्वस होने जैसा कुछ नहीं था.
वह बताते हैं, "सच बताऊं तो मैं बिल्कुल भी नर्वस नहीं था और इसके पीछे एक बड़ी वजह ये थी कि मैं बेहद व्यस्त था. मैं इस दौरान अलग-अलग कॉन्सर्ट्स में था और इस वजह से मुझे ग्रैमी के बारे में सोचने का मौक़ा तक नहीं मिला. हां लेकिन जब मैं सेरेमनी के लिए जा रहा था और वहां था तो बेशक नर्वसनेस थी."
ग्रैमी अवॉर्ड के इन मेमोरियम सेगमेंट में भारत की स्वर साम्रज्ञी लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि नहीं दिये जाने के सवाल पर केज कहते हैं कि यह बेहद अनुचित था.
वह कहते हैं, "ग्रैमी अवॉर्ड्स उन कलाकारों को सम्मानित करने के लिए ही हैं जिन्होंने पूरी दुनिया में अपना असर छोड़ा है लेकिन अगर भारत की बात करें तो भारत की आबादी अपने आप में इतनी विशाल है और जिस हिसाब से भारतीय पूरी दुनिया में फैले हुए हैं, उस लिहाज़ से लता दीदी को चाहने वालों की ओर से बड़ी कोई श्रद्धांजलि हो नहीं सकती. दुनिया की एक बहुत बड़ी आबादी उनको प्यार करने वाली है. लेकिन बेशक मुझे इस बात का खेद है कि उन्हें इन ग्रैमी अवॉर्ड्स के दौरान याद नहीं किया गया."
दरअसल, सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने इस बात को लेकर आपत्ति जतायी है कि ग्रैमी अवॉर्ड 2022 में लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि नहीं दी गई.
'इन मेमोरियम सेगमेंट' ने कई दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी लेकिन ना तो इस दौरान लता मंगेशकर को याद किया गया और ना ही बप्पी लाहिणी को.
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