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सोनी और ज़ी का विलयः किसके लिए फ़ायदेमंद, किसके लिए चुनौती
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (SPNI) और ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज़ेज़ लिमिटेड (ZEEL) ने विलय के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.
जापान की विभिन्न कंपनियों के समूह सोनी की भारतीय ईकाई ने अपने स्थानीय प्रतिद्वंद्वी के साथ यह समझौता किया है.
ज़ी एंटरटेनमेंट के साथ हुए इस समझौते के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट नेटवर्क बन गया है.
मंगलवार को इस समझौते के तहत क़रीब 75 से अधिक टीवी चैनल, फ़िल्मों से जुड़े अधिकार और दो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स अब एक नेटवर्क के तहत आ जाएंगे.
भारत में तेज़ी से पांव पसार रहे मनोरंजन इंडस्ट्री में मुख्य भूमिका में रहने के लिए उठाया गया यह एक महत्वपूर्ण क़दम है. इसके साथ ही यह नेटवर्क अब वॉल्ट डिज़्नी के हॉटस्टार जैसे प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर और चुनौती देने के लिए तैयार है.
भारत के व्यापक एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की बात करें तो इसका अंदाज़ा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि भारत में 90 करोड़ से अधिक टीवी दर्शक हैं और यहां क़रीब 800 से अधिक टीवी चैनल हैं.
इन 800 चैनलों पर लगभग हर तरह के कार्यक्रम वो चाहे ड्रामा हो, खेल हो, रिएलिटी शो हो या दूसरे एंटरटेनमेंट के प्रोग्राम दिखाए जाते हैं.
मंगलवार को दोनों कंपनियों के इस विलय की घोषणा के साथ ही यह भी तय हो गया है कि विलय के बाद बनी नई कंपनी की लगभग 51 फ़ीसदी हिस्सेदारी सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के पास होगी.
ज़ी के सीईओ पुनीत गोयनका विलय के बाद बनी इस नई कंपनी के प्रमुख होंगे.
पुनीत गोयनका ने इस समझौते को एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है.
एक आधिकारिक प्रेस रिलीज़ के मुताबिक़, गोयनका ने कहा, "विलय के बाद बनी यह नई कंपनी मनोरंजन के व्यवसाय को और व्यापक बनाएगी. इससे हम अपने उपभोक्ताओं को और व्यापक स्तर पर कॉन्टेंट के विकल्प दे सकेंगे."
ये दोनों ही कंपनियां भारत में सालों से बनी हुई हैं और और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ZEE5 और SonyLIV की मालिक हैं.
सोनी और ज़ी टीवी भारत के प्रमुख लोकप्रिय चैनल हैं और इनकी अपनी एक बहुत बड़ी टीवी फ़ॉलोइंग है.
मीडिया और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की जानकारी रखने वाली वनिता कोहली खांडेकर ने बीबीसी को बताया कि यह एक ऐसा समझौता है जो कई कमियों को दूर करेगा.
वह कहती है, "उदाहण के लिए सोनी के पास ज़ी की तरह पूरे भारत में वो चाहे छोटे शहर हों, गांव हों या क्षेत्रीय स्तर के दर्शक हों, वैसी पहुंच नहीं है. और ज़ी के पास सोनी की तरह बच्चों से जुड़े और खेल से जुड़े कार्यक्रम और प्लेटफ़ॉर्म्स नहीं हैं."
वनिता मानती हैं कि यह दोनों कंपनियों के लिए एक-दूसरे को पूरा करने वाला समझौता है.
वह कहती हैं कि इस विलय के साथ ही ज़ी को अंतरराष्ट्रीय आयाम भी मिलेगा.
उनके मुताबिक़, "ज़ी का अब सोनी में विलय हो गया है जो कि एक 61 बिलियन पाउंड (लगभग 6100 अरब रुपये) का कॉर्पोरेशन है. ऐसे में ज़ी अब एक विदेशी कंपनी बन गयी है और इसके साथ ही इसे एक बड़ा प्लटफ़ॉर्म भी मिल गया है. "
हालांकि अभी भी अधिकांश भारतीय दर्शक डायरेक्ट-टू-होम टीवी मनोरंजन पर ही निर्भर करते हैं लेकिन देश में स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म भी तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. युवा दर्शक और ख़ासतौर पर डिजिटल ऑडियंस इसका बड़ा उपभोक्ता है.
बीते कुछ सालों में नेटफ़्लिक्स, अमेज़ॉन प्राइम वीडियो और हॉट स्टार जैसे कई स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी है.
जानकार मानते हैं कि सोनी और ज़ी के बीच हुए इस समझौते से यह प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की उम्मीद है.
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