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मुनव्वर फ़ारूक़ी बोले, 'आप जनता को रोक नहीं सकते, कॉमेडी रुकने वाली चीज़ नहीं'
- Author, मयंक भागवत
- पदनाम, बीबीसी मराठी संवाददाता
"जब तक देश में प्यार, शांति और कॉमेडी पसंद करनेवाले समझदार लोग तुम्हारी तरफ़ हैं, तुम्हें सपोर्ट कर रहे हैं तो नफ़रत ज़्यादा दिन जीत नहीं सकती." ये कहना है स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी का.
बीते दो महीनों में मुनव्वर फ़ारूक़ी के 12 से भी ज़्यादा शो रद्द हो चुके है. हाल ही में मुंबई और बेंगलुरु में पुलिस की इजाजत न मिलने की वजह से उन्हें शो रद्द करना पड़ा. पुलिस ने शांति भंग होने और सांप्रदायिक सद्भाव के उल्लंघन की आशंका के चलते आयोजन को रद्द कर दिया था. लेकिन मुनव्वर कहते है, "कभी हार होगी, तो कभी जीत. लेकिन रुकना नहीं है."
तो फिर ऐसा क्या हुआ कि लोगों के चेहरे पर चंद लम्हे मुस्कान लानेवाला ये शख़्स "अब बस्स" कह रहा है? दरअसल मुनव्वर ने कुछ ही दिनों पहले आपने सोशल मीडिया पर लिखा था '..अब बस्स हो गया'.
इसका क्या मतलब है पूछे जाने पर मुनव्वर ने बताया, "मुझे मेरी बात कहने को नहीं मिल रही थी. पिछले कुछ दिनों में कुल 15 शो रद्द हुए हैं. मैं सोचता था, चलो ठीक है. लेकिन लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि में किस दौर से गुजर रहा हूं. मैं कोई ख़तरा नहीं हूं. मेरा शो देखे बिना कैसे कोई कह सकता है कि ये ग़लत है? इसलिए तब ऐसे लगा कि अब बस्स हो गया."
हालांकि मुनव्वर फ़ारूक़ी ने यह भी कहा कि वे लोगों को हंसाना कभी छोड़ नहीं सकते क्योंकि उन्हें लोगों को हंसाना पसंद है. ऐसे में क्या वे अपने शो को ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर लेकर जाएंगे, इस बारे में उन्होंने कहा, " मैं ऑनलाइन शो कर सकता हूं. लेकिन उसमें वो स्टेज का नशा, मज़ा नहीं है. लोगों के साथ ये नाइंसाफ़ी होगी. ऐसा करने पर ऐसा दिखाई देगा कि मैंने कुछ ग़लती की, लिहाज़ा मुझे ऑनलाइन आना पड़ा. मुझे मैरा मैदान चाहिए. फ़िलहाल उस मैदान की तलाश में हूं."
क्या है पूरा मामला
मूल रूप से गुजरात के रहने वाले मुनव्वर फ़ारूक़ी को इस साल की शुरुआत में इंदौर पुलिस ने गिरफ़्तार किया था. जिसके बाद एक महीने से अधिक समय तक वह जेल में रहे थे.
उन पर हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था.
हिंदू देवी-देवताओं के अपमान पर फ़ारूक़ी ने कहा, "मेरे जोक का ग़लत मतलब निकालकर इंटरनेट पर नफ़रत फैलाई गयी. उस पूरे वीडियो में सिर्फ़ 30 सेकेंड का हिस्सा था. वो भी एक गाने पर था. मेरा किसी को भी हर्ट करने का इरादा नहीं था. इंटरनेट पर वो क्लिप पोस्ट की गई, एक नैरेटिव के साथ कहा गया कि हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है. मेरे धर्म, मां-बहन को गाली दी गई."
वो बताते हैं कि धर्म पर जोक करना उन्होंने बंद कर दिया है और अब राजनीति पर कटाक्ष करने पर शो करते हैं. कॉमेडियन का काम कॉमेडी करना है, पॉलिटिकल सटायर करना कितना ठीक है, इस बारे में मुनव्वर ने कहा, "अगर लोग कहते हैं कि कॉमेडियन को सिर्फ़ कॉमेडी करना चाहिए. उसको पॉलिटिकल बातों में नहीं पड़ना चाहिए, तो वो ठीक कर रहे है. उन्हें ऐसा कहने का हक़ है. लेकिन उसी तरह से मेरा भी राजनीति पर बात करने का अधिकार है."
फ़ारूक़ी इसे अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से भी जोड़कर देखते हैं. लेकिन किसी एक विचारधारा या राजनीतिक दल पर ही पॉलिटिकल सटायर किए जाने के सवाल पर मुनव्वर ने कहा, "वो विचारधारा इतनी फेमस है, तो मैं क्या करूं. क्या राहुल गांधीपर जोक नहीं बनाए जाते. राहुल गांधी पर जितने जोक बने, उतने सारे राजनीतिक दलों पर नहीं बने. मोदी जी ने तो नहीं कहा कि जोक मत बनाओ. वे जिन्हें जानते तक नहीं उन्हें तकलीफ़ होती है."
लोगों को तकलीफ़ क्यों होती है, इसे बारे में मुनव्वर ने बताया, "राजनीतिक दलों का काम है नफ़रत फैलाना. आप पिछले तीन सालों का माहौल देखिए. कैसे-कैसे मुद्दे उठाए जा रहे है. कैसी चीज़ों पर नफ़रत फैलाई जा रही है. मैं इसका शिकार हो गया हूं. उन्हें लगा अकेला है, कमज़ोर है, कोई पॉलिटीकल बैकअप नहीं है. मैंने सभी राजनीतिक दलों का मज़ाक उड़ाया है. सिर्फ एक पार्टी का ये कहना सही नहीं होगा जो इनकी विचारधारा या फिर आइडिया से सहमत नहीं है, उन्हें डरा क्यों रहे हो? अगर ऐसा ही चलता रहा तो लोग उस विज़न से डरेंगे."
कॉमेडी पर राय
वे कौन लोग हैं जिनके चलते मुनव्वर फ़ारूक़ी के शो नहीं हो पा रहे हैं, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "ये लोग दावा करते हैं कि कॉमेडियन अभिव्यक्ति की आज़ादी का फ़ायदा उठाते हैं. लेकिन जो लोग हुड़दंग मचाते हैं वो अभिव्यक्ति की आज़ादी का फ़ायदा उठाते है. जो लोग नफ़रत फैलाते हैं, इंटरनेट पर लोगों पर हमले करते हैं. उन्हें पता है कि हम ये करेंगे तो वो संभाल लेंगे. उनके दिमाग़ में ये पावर बना चुका है."
ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि जिस तरह का देश में माहौल है, क्या उसमें लोग कॉमेडी करने सामने आ पाएंगे? मुनव्वर इसके जवाब में कहते हैं, "कॉमेडी देखनेवाले लोग कहीं नहीं गए. वो लोग नये कॉमेडियन को देखने जाएंगे. आप जनता को रोक नहीं सकते. आनेवाले दिनों में कॉमेडी भारत में और भी बढ़ती रहेगी. 2020 में 50 स्टैंडअप के वीडियो आए तो 2021 में ये बढ़कर 200 हो गए. मुनव्वर फ़ारूक़ी के जेल जाने से इसपर कोई फ़र्क़ नहीं हुआ. नये कॉमेडियन आ रहे है. कॉमेडी रूकनेवाली चीज़ नहीं है."
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