सलमान ख़ान घाटा सहकर भी निभाएँगे 'कमिटमेंट', कोरोना के बावजूद ईद पर ही आएगी राधे

इमेज स्रोत, SKF
- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
भारत के ज़्यादातर हिस्सों में लॉकडाउन जारी है लेकिन सलमान ख़ान की राधे वायदे के मुताबिक़ ईद के मौक़े पर ही रिलीज़ होगी. पर सिनेमाघरों में नहीं डिजटली.
विदेशों में उन जगहों पर जहाँ थियेटर खुल हैं या खुल रहे हैं राधे को सिनेमाघरों में रिलीज़ किया जाएगा.
सलमान ख़ान ने कहा है कि 'उन्होंने पहले सिनेमाघर मालिकों के आग्रह पर फ़िल्म के रिलीज़ का प्लान किया था लेकिन चूंकि अब हालात बदल गए हैं और हम नहीं चाहते कि दर्शक बाहर जाने का रिस्क लें तो हम राधे को डिजीटली ही रिलीज़ कर रहे हैं'.
सलमान ख़ान ने पत्रकारों के साथ एक डिजिटल प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि पिछले लॉकडाउन का असर सिनेमा बिज़नेस पर पड़ा था और सिनेमाघर के मालिकों ने एक ख़त के माध्यम से उनतक पहुंचाई थी कि वो राधे रिलीज़ करें क्योंकि उन्हें लगता था कि राधे फिर से दर्शकों को थियेटर तक वापिस खींच लाएगी.
उनका कहना था कि सिनेमाघर मालिकों ने उनसे फिल्म को ओटीटी पर रिलीज़ न करने की बात कही थी.

इमेज स्रोत, SKF
सलमान ख़ान ने माना कि राधे से उन्हें नुक़सान ही होगा लेकिन उनके मुताबिक़ ये रिलीज़ सिर्फ 'कमिटमेंट पूरा करने के लिए' की जा रही है.
सलमान ख़ान कहते हैं, "हमारी कमाई थियेटर रिलीज़ से होती है और फिल्म थिएटर में रिलीज़ नहीं हो रही है. इसमें हम कमाएंगे नहीं बल्कि गवाएंगे ही लेकिन जो भी जायेगा हमारा और ज़ी स्टूडियो का जायेगा."
"हम फ़िल्म के साथ 250 करोड़ कमाते हैं, 300 करोड़ बनाते हैं, 150 करोड़ .... पर इस बार कुछ नहीं कमा रहे हैं पर नुक़सान सहकर कमिटमेंट निभाना सही लगा."
वो कहते हैं 'हमें नुक़सान होगा लेकिन फैंस का मनोरंजन तो होगा'.

इमेज स्रोत, SKF
सलमान खान का मानना है की देश में जब भी कभी कोई आपदा आई है तब तब फ़िल्म इंडस्ट्री मदद के लिए सबसे पहले खड़ी हुई है.
सलमान ख़ान ने पिछले लॉकडाउन ने सिनेमा उद्योग से जुड़े 45 से 50 हज़ार लोगों की पैसों और दूसरे तरह से मदद की थी.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त, 1
इस बार उनकी चैरिटी संस्था ऑक्सीजन कॉन्संट्रेटर मुहैया करवाने का काम कर रही है और उनका कहना है कि उनके कई फैन क्लब भी लोगो की मदद कर रहे हैं.
वो कहते हैं," बहुत मुश्किल समय है. क्या कहेंगे आप उनको जिन्होंने अपनों को कोरोना में खोया है. लोगों के पास खाने और दवाइयों के लिए पैसे नहीं हैं."
उनका कहना है कि उन्हें अधिक दुख तब होता है जब वो सुनते हैं कि लोग बीमारी में भी दवाइयां ब्लैक में बेच रहे हैं. ऑक्सीजन टैंकों की कालाबाज़ारी हो रही है.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त, 2
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















