विद्या बालन को क्यों मनहूस कहा गया था

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- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी के लिए
'कहानी', 'डर्टी पिक्चर', 'इश्किया' और 'पा' जैसी फ़िल्मों में संजीदा किरदार निभा चुकी विद्या बालन को डर था कि उन्हें कभी हल्की-फुल्की फ़िल्मों के ऑफर ही नहीं आएंगे.
बीबीसी से बात करते हुए विद्या बालन ने बताया कि वो हंसमुख और चुलबुली इंसान हैं, लेकिन उन्हें अपनी शख़्सियत के विपरीत ही किरदार मिलते रहे. इसलिए उन्हें डर था कि उन्हें हमेशा गंभीर किरदार ही मिलेंगे.
वो कहती हैं, "मुझे ख़ुशी है कि फ़िल्म 'तुम्हारी सुलु' के मेरे किरदार में मुझे दिल खोल कर हँसने का मौका मिला है."

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'श्रीदेवी के गाने पर नाचना आत्महत्या बराबर'
फ़िल्म में विद्या बालन ने श्रीदेवी के मशहूर गाने 'हवा हवाई' पर डांस किया है. विद्या कहती हैं, "पहले मैं डर के मारे पागल हो गई. मैंने फ़िल्म के निर्देशक सुरेश से कहा कि मैं ये नहीं कर सकती. ये आत्महत्या करने के बराबर है. पर जब उन्होंने साफ़ किया की ये गाना सिर्फ़ श्रीदेवी को ट्रिब्यूट है तब मैंने इसके लिए हामी भरी."
38 साल की विद्या बालन अपने आप को फ़िल्म इंडस्ट्री के बदलते हुए दौर की गवाह मानती हैं. वो कहती हैं कि यहां तीस की उम्र पार कर चुकी अभिनेत्रियों के लिए भी किरदार लिखे जा रहे हैं.
वो कहती है, "मैं 38 की हूँ. मैं शादीशुदा हूँ और मैं बहुत ही दिलचस्प किरदार कर रही हूं. कुछ साल पहले ऐसा कुछ भी नहीं था."

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'डर की वजह से फ़िट रहना मजबूरी'
20-30 साल की उम्र में फ़िट होने की अभिनेत्रियों की कोशिश के बारे में विद्या कहती हैं, "ये समाज की दिक्क़त है कि हर कोई अपना वज़न और अपनी उम्र कम करना चाहता है."
"जब तक समाज नहीं बदलता तब तक अभिनेत्रियां भी कम उम्र में फ़िट होने की कोशिश करना बंद नहीं करेंगी क्योंकि डर रहता है कि बढ़ती उम्र में उन्हें काम नहीं मिलेगा."
विद्या साफ़ तौर पर कहती हैं कि उन्हें ऐसा कोई डर नहीं है और उन्हें यक़ीन है कि जब तक वो ज़िंदा हैं तब तक उनके लिए दिलचस्प किरदार लिखे जाएंगे.

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यौन उत्पीड़न पर औरतें चुप क्यों?
हार्वी वाइनस्टीन की ख़बर के बाद फ़िल्म इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न को लेकर चर्चा शुरू हो गई है. विद्या का विचार है की इतनी बड़ी-बड़ी अभिनेत्रियों को इस बारे में बात करने में इतना वक़्त लग गया तो आम औरतों को कितना वक़्त लगेगा?
ऐसे मामलों में अभिनेत्रियों की चुप्पी पर विद्या कहती हैं, "औरतों के लिए ऐसा करना मुश्किल होता है. ताकतवर निर्माता हो तो शायद आपका करियर ख़त्म कर सकता है और ऐसे में आप ये रिस्क नहीं लेते. इतने समय तक चुप रहने पर सवाल करना बकवास है क्योंकि इस विषय पर बात करना ही अपने आप में बहुत मुश्किल होता है."
वो कहती हैं "सभी जानते हैं कि अधिकतर लोग आप पर ही उंगली उठाएंगे. लेकिन खुशी है कि अब अभिनेत्रियां इस पर बात कर रही हैं."
विद्या मानती हैं कि उनके साथ कभी ऐसी घटना नहीं हुई.
जब विद्या को मनहूस माना गया...
हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में अपना अलग मुकाम हासिल हर चुकी विद्या बालन जब शुरुआत में फ़िल्मों में अभिनय से लिए संघर्ष कर रही थीं तब उन्हें दक्षिण भारतीय फ़िल्मों के अभिनेता मोहनलाल के साथ मलयालम फ़िल्म मिली थी. ये फ़िल्म किसी कारण से बंद हो गई और उन्हें मनहूस करार दिया गया.
उसी दौरान एक दक्षिण भारतीय फ़िल्म की कास्टिंग से पहले विद्या बालन से उनके जन्म का समय भी मांगा गया था.
सुरेश त्रिवेणी द्वारा निर्देशित फ़िल्म 'तुम्हारी सुलु' में विद्या बालन एक गृहिणी का किरदार निभा रही हैं जिसे रेडियो जॉकी बनने का मौका मिलता है.
ये फ़िल्म 17 नवंबर को रिलीज़ होगी.
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