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'इंटरकोर्स' शब्द पर जनता में वोटिंग चाहते हैं पहलाज निहलानी
सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज़ निहलानी के इम्तियाज़ अली की अगली फिल्म 'जब हैरी मैट सेज़ल' के एक प्रोमो पर आपत्ति जताने से एक नया विवाद खड़ा हो गया है.
निहलानी ने शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा की फ़िल्म के प्रोमो में 'इंटरकोर्स' शब्द पर आपत्ति जताई है.
टीवी चैनलों से बात करते हुए निहलानी ने कहा कि अगर ये एक पारिवारिक फ़िल्म है तो इसमें इस शब्द का क्या मतलब है.
लोग वोटिंग करें तो पास करूंगा फ़िल्म
निहलानी ने मिरर नाउ से बात करते हुए कहा है कि अगर देश की जनता इस शब्द के फ़िल्म में रहने पर सहमति जताए तो वह फ़िल्म को पास कर देंगे.
उन्होंने कहा कि अगर एक लाख लोग भी समर्थन में मतदान करते हैं तो वह पूरी फ़िल्म को पास कर देंगे.
सोशल मीडिया पर जारी विरोध
अभिनेता और स्टेंडअप कॉमेडियन वीर दास ने ट्विटर पर लिखा, "बच्चों, जब आपके मम्मी-पापा ने बिस्तर पर जाकर कुछ संस्कारी काम किया तब आप पैदा हुए. कोई इंटरकोर्स नहीं हुआ. अपने बायलॉज़ी टीचर को जाकर ये बताना."
वहीं, एक ट्विटर यूज़र कहते हैं कि आप इसे ट्वीट कर सकते हैं, वोट कर सकते हैं लेकिन कह नहीं सकते.
एक अन्य ट्विटर यूज़र कहते हैं कि भारत की जनसंख्या जल्द ही दुनिया में सबसे ज़्यादा होने जा रही है और फिर भी हम फ़िल्म में इसे इस्तेमाल नहीं कर सकते. ये सिर्फ़ भारत में हो सकता है.
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