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दीपिका को बॉलीवुड में ऐसे मिला चांस
- Author, हिना कुमावत
- पदनाम, मुंबई से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे कई बड़े-बड़े सितारों के साथ काम करने वाली दीपिका आज ख़ुद एक बड़ी स्टार बन चुकी हैं.
साल 2008 की फ़िल्म 'ओम शांति ओम' से हिन्दी सिनेमा मे कदम रखने वाली दीपिका की पहली फ़िल्म शाहरुख के साथ नहीं बल्कि हिमेश रेशमिया के साथ हो सकती थी.
दीपिका हिमेश रेशमिया के साथ फ़िल्म करने का मन बना चुकी थीं लेकिन फ़राह ख़ान के कहने पर उन्होंने फ़िल्म 'ओम शांति ओम' का इंतज़ार किया.
'विसलिंग वुडस' के छात्रों से मुखातिब हुई फ़राह ने बातचीत के दौरान बताया, "मैंने दीपिका से कहा कि अगर तुम स्क्रीन टेस्ट में पास हो गई तो मैं तुम्हें शाहरुख के साथ रोल दूंगी नहीं तो मैं तुम्हें सेकेण्ड लीड दूंगी. दीपिका इसके लिए राज़ी हो गई थीं."
'ओम शांति ओम'
दीपिका में मॉर्डन हेमा मालिनी जैसी खूबियां देखने वाली फ़राह मानती हैं कि उनके लिए सबसे मुश्किल था उनकी भाषा बदलना.
उन्होंने बताया, "दीपिका की भाषा कन्नड़ है, साथ ही उनकी आवाज़ भी काफ़ी अजीब थी. बहुत मुश्किल से हमने उनकी आवाज़ से मिलती आवाज़ खोजी और 'ओम शांति ओम' में डबिंग कराई. लेकिन आज जिस तरह से उन्होनें अपनी भाषा को सुधारा मैं बहुत खुश हूँ. भाषा को सुधारना आसान काम नहीं होता."
शाहरुख के साथ अपना पहला रोमांटिक सीन देते हुए काँप जाने वाली दीपिका को सेट पर एक दिन फ़राह की वज़ह से रोना भी पड़ा था.
फ़राह बताती हैं, "वो अपनी हिंदी क्लास मिस कर रही थीं जिसे लेकर मैंने उन्हें डांटा और वो रो पड़ी जिससे उनका मेकअप गंदा हो गया, फिर से मेकअप करने में उन्हें फिर से 4 घंटे लगे और मुझे 4 घंटे इंतजार करना पड़ा. मैंने उस दिन सीख लिया कि हीरोइनों को कभी मत डांटो नहीं तो आपको इंतजार करना होगा."
'शीला की जवानी'
दीपिका को लॉन्च करने वाली फ़राह ने कटरीना कैफ़ को भी डांसिग सेन्सेशन बना दिया.
'शीला की जवानी' में अपने डांस के जलवे दिखाने वाली कटरीना को उस गीत के बाद कई डांस नंबर करने को मिले जैसे 'बॉडीगार्ड' का टाइटल सॉन्ग और 'अग्निपथ' का 'चिकनी चमेली'.
हालांकि कटरीना की इच्छा फ़िल्म 'तीस मार खान' बतौर हीरोइन करने की थी. फ़राह बताती हैं, "मैंने कटरीना को कहा कि फ़िल्म की जगह मैं तुम्हें ऐसे डांस नंबर दूंगी जिसके लिए तुम्हें हमेशा याद रखा जाएगा. 'शीला की जवानी' के लिए उन्होंने पहले दस दिन बैले डांस सीखा और डायटिंग की क्योंकि वो पहली बार अपनी कमर किसी गीत में दिखा रही थी. इस गीत के बाद तो उन्हें डांस नंबर्स के कई ऑफर आए.''
'जो जीता वही सिकंदर'
आज से 25 साल पहले 1992 में 'जो जीता वही सिकंदर' से इंडस्ट्री में कदम रखने वाली फ़राह अब कोरियोग्राफी के लिए पैसे नहीं लेती, "मैं प्राइसलेस हूँ. आज मैं सिर्फ़ दोस्तों के लिए कोरियोग्राफी करती हूं जिसके लिए मैं पैसे नहीं लेती."
फ़राह को विश्वास नहीं होता कि वो इंडस्ट्री में इतनी लंबी पारी खेल पाईं.
वो कहती हैं, "30 और 40 रुपये का काम मिलने वाले दौर में मेरा सपना था कि मैं एक गाने का दस हज़ार लेकर महीने के चार गाने करूंगी और चालीस हज़ार कमा लिया करूंगी. इससे ज्यादा की इच्छा नहीं थी."
फ़राह को आज भी याद है कि उनको कोरियोग्राफी से लिए सबसे ज्यादा 21 लाख का चेक शाहरुख खान ने फ़िल्म 'बिल्लू बार्बर' के एक गीत के लिए दिया था.
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