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नितेश तिवारी- 'दंगल' के 'असली पहलवान'
आमिर ख़ान की 'दंगल' ने बॉक्स ऑफ़िस पर झंडे गाड़ दिए हैं.
चारों ओर फ़िल्म की, इसकी कमाई की, आमिर ख़ान की और फ़िल्म में गीता और बबीता फोगाट का किरदार निभाने वाले कलाकारों की चर्चा हो रही है.
लेकिन ये फ़िल्म जिस शख़्स के दिमाग़ की उपज है और जिसने इसे पर्दे पर उतारा वो सुर्खियों से दूर है.
वो हैं नीतेश तिवारी जिन्होंने 'दंगल' को लिखा और निर्देशित किया है. नीतेश इससे पहले 'चिल्लर पार्टी' और अमिताभ बच्चन को लेकर 'भूतनाथ रिटर्न्स' का निर्देशन कर चुके हैं.
नीतेश सोशल मीडिया पर ज़्यादा सक्रिय नहीं हैं. उनके ट्विटर पर भी महज़ तीन हज़ार फॉलोअर्स ही हैं. और फ़िल्म की कामयाबी के बाद भी वो मीडिया से दूर हैं.
नीतेश तिवारी ने अपने करियर की शुरुआत बतौर इंजीनियर की थी.
बाद में वो विज्ञापन जगत में बतौर लेखक आए.
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दंगल फ़िल्म की शुरुआत कैसे हुई?
हमारी सहयोगी सुप्रिया सोगले को उन्होंने बताया, "डिज़नी पिक्चर्स में मेरे कुछ दोस्त काम करते हैं. उन्होंने फोगाट सिस्टर्स और उनके पिता महावीर फोगाट के जीवन पर बनी इस फ़िल्म की चार-पांच लाइनें मुझे बताईं और आयडिया डेवलप करने को कहा."
नीतेश इसके बाद पटियाला गए और उन्होंने गीता और बबीता फोगाट और उनके पिता महावीर फोगाट से मुलाक़ात की. उसके साथ-साथ उन्होंने उनके रिश्तेदारों से भी बात की, जिसके बाद फ़िल्म की कहानी लिखनी शुरू कर दी.
तो क्या आमिर ख़ान शुरू से ही महावीर फोगाट के किरदार के लिए पहली पसंद थे?
नीतेश कहते हैं, "मैंने किसी एक्टर को ध्यान में रखकर फ़िल्म लिखनी शुरू नहीं की थी, क्योंकि जब आप किसी ख़ास शख़्स को दिमाग़ में रखते हो तो उसकी पर्सनैलिटी आपके लेखन को प्रभावित करती है जो कहानी के लिए अच्छा नहीं होता."
लेकिन कहानी पूरी होने के बाद नीतेश से जब निर्माता रोनी स्क्रूवाला और सिद्धार्थ रॉय कपूर ने पूछा कि आपके हिसाब से कौन सा कलाकार मेन लीड के लिए फ़िट रहेगा, तो नीतेश ने तपाक से जवाब दिया, "आमिर ख़ान."
आमिर का नाम सुनते ही सभी लोग रोमांचित हो गए.
कुछ दिनों बाद जब नीतेश के पास फ़ोन आया कि आमिर कहानी सुनना चाहते हैं, तो उन्होंने फ़ौरन उन्हें कहानी सुनाई और आमिर एक झटके में फ़िल्म के लिए तैयार हो गए.
नीतेश तिवारी की पत्नी अश्विनी अय्यर तिवारी भी फ़िल्मकार हैं. हाल ही में उनकी फ़िल्म 'निल बटे सन्नाटा' की काफ़ी चर्चा हुई थी.
पति-पत्नी दोनों फ़िल्मकार हैं तो बच्चों की देखभाल कैसे होती है?
नीतेश कहते हैं, "मेरे और अश्विनी के बीच समझौता है. जब मैं शूटिंग कर रहा होता हूं तो वो घर पर होती हैं और जब वो शूटिंग में व्यस्त रहती हैं तो मैं बच्चों की देखभाल करता हूं. मुझे घर की देखरेख करना बहुत अच्छा लगता है."
'दंगल' के बाद अब क्या? नीतेश कहते हैं कि फ़िलहाल कोई कहानी उनके दिमाग़ में है नहीं, इसलिए अभी वो आराम के मूड में हैं.
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