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ट्रांसजेंडरः गौरव से गौरी अरोड़ा बनने का सफर
- Author, सुप्रिया सोगले
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
साल 2015 में ब्रूस जेनर ने अपने आप को ट्रांसजेंडर महिला के रूप में तब्दील कर दुनिया को चौंका दिया था.
हालांकि इससे वो कई लोगों के निशाने पर आ गए, लेकिन इससे दुनिया में लिंग पहचान की दुविधा से गुज़र रहे कई लोगों को इससे नई आस बंधी थी.
भारत में अब भी सेक्सुअल आइडेंटिटी बहुत बड़ा सवाल बना हुआ है.
सामाजिक नज़रिए को देखते हुए भारत में लोग छिपते-छुपाते ही अपना लिंग परिवर्तन करवाते हैं.
हाल ही में एक रियलिटी शो के कंटेस्टेंट गौरव अरोड़ा ने लिंग परिवर्तन कर ख़ुद को गौरी अरोड़ा में तब्दील कर लिया.
गौरी अरोड़ा ने बीबीसी से अपने जीवन और ट्रांसजेंडर महिला बनने के सफ़र को साझा किया.
उनका ताल्लुक दिल्ली के रूढ़िवादी परिवार से है. उम्र है 23 साल. गौरी बताती हैं कि आठ से 12 साल की आयु के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि वो आम बच्चों से अलग हैं.
उनका कहना है कि उन्हें लड़कियों के कपड़े पसंद थे. वो लड़कों की तरफ आकर्षित होते थे. जैसे ही लोगों को इस बात का पता चला वो मज़ाक का पात्र बनते चले गए.
गौरी को अपनी इन भावनाओं के लिए पिता की क्रूरता का सामना भी करना पड़ा.
गौरी के मुताबिक़, मारपीट तो उनके लिए आम बात थी. कभी गरम चाकू से जलाया जाता, तो कभी उन्हें कमरे में बंद कर दिया जाता था. कभी उन्हें खाना नहीं दिया जाता था, तो कभी घर से निकाल देने की धमकी दी जाती थी.
गौरी बताती हैं कि जब वो 10 साल की थीं तो चार लड़कों ने उनके साथ बलात्कार किया. पुलिस में शिकायत करने पर पुलिसवालों ने शिकायत को नज़रअंदाज़ करते हुए उन्हें ही दोषी माना.
उस दौर को याद करते हुए गौरी कहती हैं, "मुझे उस दौरान इस बात का एहसास हो गया कि अपने दिल की आवाज़ को दबाकर दुनिया के हिसाब से जीना ही मेरे लिए बेहतर होगा. मैंने वैसा ही किया, क्योंकि उस वक़्त मैं घर छोड़ने की हिम्मत नहीं कर सकता था."
गौरव से गौरी अरोड़ा के सफ़र के बारे में गौरी कहती हैं, "20 साल की उम्र में दोस्तों के साथ मुंबई घूमने आया तो मॉडलिंग में अपनी किस्मत आज़माने के बारे में सोचा. मॉडलिंग के दौरान दिल्ली में मशहूर डेटिंग रियलिटी शो का ऑफ़र मिला".
गौरी का कहना है, " शो के ही एक पुरुष सेलिब्रिटी मेहमान से मुझे प्रेम हो गया. हम दोनों ने कुछ खूबसूरत लम्हें साथ गुज़ारे. चंद दिनों बाद मुझे पता चला कि वो मुझे धोखा दे रहा है.इसके बाद मैं टूट गई और शो से निकल गई."
शो के ज़रिए गौरव को पता चला कि वो बाईसेक्सुअल हैं.
इससे नाराज़ परिवारवालों ने गौरी की ज़बरदस्ती शादी करवानी चाही. पर गौरी ने शादी से इनकार कर दिया और मुंबई में रहकर लिंग बदलवाने का फ़ैसला किया.
फिलहाल गौरी ने चेहरे की सर्जरी करवाई है. गौरव को गौरी में तब्दील होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके लिए उन्हें रोज़ महंगी और ताक़तवर हार्मोनल दवाइयां लेनी पड़ती हैं.
उनके गुप्तांग की सर्जरी के लिए फ़िलहाल डॉक्टरों ने हरी झंडी नहीं दी है.
गौरव के गौरी बनने की ख़बर सुनकर उनके परिवार ने उनसे अपना नाता तोड़ लिया है.
भावुक गौरी कहती हैं, "मेरे परिवार को मेरा मज़ाक बने रहना पसंद था, लेकिन मेरे इस रूप को अपनाना पसंद नहीं है. मेरे घरवाले घर के कुत्ते के बिना नहीं जी सकते, पर उन्हें ख़ुद की औलाद के बिना जीना मंज़ूर है. मेरी हकीक़त जानने के बाद मेरे कई दोस्तों ने भी मुझसे नाता तोड़ लिया है.''
गौरी के मुताबिक़ लोग उन पर आज भी हंसते हैं, पर उन्हें समझ नहीं आता कि आख़िर लोग उन पर हंसते क्यों हैं?
जबकि गौरव को यह बात भी बखूबी पता है कि समाज ट्रांसजेंडर्स का सिर्फ़ मज़ाक ही उड़ाता है.
गौरी इन दिनों ट्रांसजेंडर काउंसलिंग कर रही हैं. उनका सपना है कि वो अपने आप को फ़िल्म इंडस्ट्री में एक सफल महिला के रूप में स्थापित करें और भारत के ट्रांसजेंडरों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनें.
गौरी का मानना है, "यह सब इतना आसान भी नहीं है क्योंकि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ट्रांसजेंडर्स के साथ काम करने से कतराती है. पर मुझे यकीन है कि जिस तरह से हॉलीवुड ने ट्रांसजेंडर महिलाओं को अपनाया है, उसी तरह हिंदी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री भी हमें अपनाएगी.
ज़िंदगी भर मज़ाक और ज़िल्लत सह चुकीं गौरी अब और मज़ाक नहीं बनाना चाहती हैं. वह भी दूसरों की तरह समाज से इज़्ज़त और सम्मान चाहती हैं.
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