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भारत-पाक में 95 फ़ीसदी लोग सेक्यूलर- ओम पुरी
- Author, आलिया नज़की
- पदनाम, बीबीसी उर्दू
कुछ हफ़्ते पहले पाकिस्तानी फ़िल्म 'एक्टर इन लॉ' की शूटिंग के दौरान बॉलीवुड अभिनेता ओम पुरी पाकिस्तान में थे.
पाकिस्तान में अपने अनुभवों पर क्या कहते हैं ओम पुरी, पढ़िए उन्ही के शब्दों में-
"एक्टर इन लॉ पाकिस्तानी फ़िल्म के लिहाज़ से काफ़ी बड़े बजट की फ़िल्म है.
मेरा पाकिस्तान में काम करने का अनुभव बहुत अच्छा रहा. मेरी मेहमाननवाज़ी में कोई कसर नहीं छोड़ी गई.
उनकी और हमारी ज़ुबान एक ही है. हमने उनसे कहा कि हमारी फ़िल्म आपके यहां चलती है और आपकी फ़िल्म भी हमारे यहां चलनी चाहिए, तो उन्होंने कहा कि पब्लिसिटी के लिहाज से हमारे पास उतने संसाधन नहीं हैं.
हालात ख़राब होने पर हर कोई मूसीबत झेलता है, फिर चाहे वो कोई कलाकार हो या व्यवसायी.
मुझे ये समझ में नहीं आता कि ये नफ़रत की हवा कहां से आती है. मैं तो वहां जब भी गया मुझे वहां मोहब्बत ही दिखाई दी, मेहमाननवाज़ी दिखाई दी.
मेरा मानना है कि दोनों मुल्कों में 95 फ़ीसद लोग सेक्यूलर हैं. पांच फ़ीसदी लोग ऐसे होंगे, जिन्हें आप कट्टरपंथी या दहशतग़र्द कह सकते हैं.
उन्हीं लोगों की वजह से दोनों मुल्कों की बदनामी हुई है.
हमारे यहां भी कितनी बार हमला हुआ. जब शिवसेना ने ग़ुलाम अली का शो नहीं होने दिया, तो मैं उस वक़्त पाकिस्तान में था और मैंने कहा था कि ये बिल्कुल ग़लत है.
मुझे दोबारा पाकिस्तान बुलाएंगे तो जाउंगा. जहां भी अच्छी चीज़ मिलती है, जिसमें इंसानियत हो, दोस्ती हो, तो मैं ज़रूर करना चाहता हूँ.
मैं 1976 में फ़िल्मों में आया था. आज की फ़िल्में उस समय से थोड़ी बदल गई हैं. उस वक़्त समाज पर असर डालने वाली फ़िल्में बनती थीं, मसलन अंकुर, आक्रोश और अर्धसत्य.
आज गाने या आइटम नंबर से उस फ़िल्म को कमज़ोर कर दिया जाता है. लेकिन आज तकनीकी तौर पर ज़्यादा अच्छी फिल्में बन रही हैं."
(बीबीसी उर्दू ने ओम पूरी को 12 सितंबर को इंटरव्यू किया था)
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