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'भारत की आर्थिक विकास दर और घटेगी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार भारत की आर्थिक विकास दर वर्ष 2008-09 में घटकर 6.25 प्रतिशत रह जाएगी और वर्ष 2009-10 में ये और घटकर 5.25 प्रतिशत हो जाएगी. उधर भारत सरकार का अनुमान है कि 2008-09 में देश की आर्थिक विकास दर 7.1 प्रतिशत होगी. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने मंगलवार को कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर में गिरावट को देखते हुए यदि अर्थव्यवस्था में तेज़ी लाने के लिए नीतिगत कदम उठाए जाते हैं और अच्छी फ़सल होती है तो देश में माँग को प्रोत्साहन मिल सकता है. विदेशी मुद्रा भंडार भी घटा आईएमएफ़ ने कहा है कि कॉरेपोरेट पूँजी निवेश के कारण हाल के वर्षों में आर्थिक विकास हुआ है और आने वाले वर्षों में भरोसा और लाभ घटने के कारण आर्थिक विकास में सुस्ती आएगी. आईएमएफ़ के बयान के मुताबिक - "अर्थव्यवस्था की इस भविष्यवाणी के साथ खासी बड़ी अनिश्चितता जुड़ी हुई है और गिरावट से जुड़े हुए महत्वपूर्ण ख़तरे हैं. सकारात्मक पहलुओं से जुड़े ख़तरों भी है. इनमें सरकार के घोषित और लागू किए गए प्रोत्साहन पैकेज से जुड़ी बहुत बड़ी उम्मीदें शामिल हैं." आईएमएफ़ के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा कोष इस वित्तीय वर्ष में मई 2008 के 315 अरब अमरीकी डॉलर से घटकर फ़रवरी 2009 में 252 अरब अमरीकी डॉलर रह गया है लेकिन भारत की ज़रूरतों और आयात के मुकाबले में पर्याप्त है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'ग़रीबी आकलन की पद्धति में बदलाव हो'23 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस भारत में रिकॉर्ड विकास दर की उम्मीद07 फ़रवरी, 2007 | कारोबार भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ती रफ़्तार 31 मई, 2006 | कारोबार अर्थव्यवस्था में उम्मीद से ज़्यादा विकास30 नवंबर, 2005 | कारोबार 'विकास के फ़ायदे ग़रीबों तक नहीं'07 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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