|
शेयर बाज़ारों में तेज़ गिरावट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मंदी गहराने की आशंका के कारण अमरीकी और यूरोपीय शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट आई है. यूरोपीय संघ ने कहा है कि विकास दर में और गिरावट आएगी. बैंकिंग व्यवस्था को लेकर जारी आशंका और जनरल मोटर्स की ख़स्ताहाली के कारण अमरीकी शेयर बाज़ारों ने गिरावट का नया स्तर छू लिया. मुख्य सूचकांक डाउ जोंस चार फ़ीसदी की गिरावट के साथ 12 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुँच गया और लगभग छह हज़ार 595 अंकों पर बंद हुआ. जर्मनी का सूचकांक डैक्स पाँच फ़ीसदी और ब्रिटेन का फ़ुटसी तीन फ़ीसदी से ज़्यादा गिरा. विश्लेषकों के मुताबिक निवेशकों को उम्मीद थी कि चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ आर्थिक पैकेज का विस्तार करेंगे लेकिन ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई. इस बीच यूरोपीय केंद्रीय बैंक यानी ईसीबी ने ब्याज दर दो फ़ीसदी से घटा कर डेढ़ फ़ीसदी कर दी है. इससे पहले बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने ब्याज दर घटाकर 0.5 फ़ीसदी कर दी. बैंक की ये अब तक की सबसे कम दर है. ईसीबी का कहना है कि यूरोपीय संघ के देशों की आर्थिक विकास दर में इस वर्ष दो से तीन फ़ीसदी की गिरावट आ सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें आर्थिक संकट से निपटने पर सहमति01 मार्च, 2009 | कारोबार ब्रिटेन में बैंकों के कामकाज की जाँच08 फ़रवरी, 2009 | कारोबार ब्रिटेन में बैंकों के कामकाज की जाँच08 फ़रवरी, 2009 | कारोबार ब्रिटेन में ब्याज दर न्यूनतम स्तर पर08 जनवरी, 2009 | कारोबार ब्रिटेन में ब्याज दर न्यूनतम स्तर पर08 जनवरी, 2009 | कारोबार ब्रिटेन में भी आर्थिक पैकेज की घोषणा24 नवंबर, 2008 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||