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घबराहट में शेयर मत बेचो: चिदंबरम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने निवेशकों से सोच-समझ कर फ़ैसले लेने की अपील करते हुए कहा है कि उन्हें घबराहट में क़दम नहीं उठाने चाहिए. चिदंबरम ने दिल्ली में कहा, "पूर्वी एशिया के बाज़ारों में गिरावट मात्र से ही भारतीय (शेयर)बाज़ार के गिरने की कोई वज़ह नहीं है... किसी को भी घबराहट में बिकवाली नहीं करनी चाहिए." रूपये की घटती क़ीमत के बारे में भारतीय वित्त मंत्री ने कहा कि पूँजी बाहर जा रही है क्योंकि विदेशी संस्थागत निवेशकों पर अपने यहाँ नक़दी जुटाने का दबाव है. हालाँकि इस स्थिति में बदलाव की उम्मीद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे पूरा भरोसा है कि विदेश संस्थागत निवेशकों पर दबाव कम होते ही, वे कॉरपोरेट और सरकारी ऋण बाज़ार में धन लगाने लगेंगे." नक़दी की कमी नहीं बैंकिंग सेक्टर के बारे में चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए चिदंबरम ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था में नक़दी का कोई संकट नहीं है. उन्होंने बैंकों से बढ़-चढ़ कर ऋण योजनाएँ चलाने के लिए भी कहा है. भारतीय वित्त मंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स जून 2006 के बाद सबसे निचले स्तर पर जा पहुँचा है. पूरी दुनिया में अर्थव्यस्था को लेकर निराशावादी दृष्टिकोण के बीच भारतीय शेयर बाज़ार भी पिछले कुछ हफ़्तों से भारी बिकवाली के दबाव में है. हालाँकि गुरुवार को वित्त मंत्री का बयान आने के बाद शेयर बाज़ार कुछ सँभला. |
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