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उद्योग जगत ने रेल बजट को सराहा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उद्योग जगत ने रेल बजट में माल भाड़ा कम करने के लिए रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की तारीफ़ की है और कहा है कि इससे महँगाई नियंत्रित करने में मदद मिलेगी. वाणिज्य और उद्योग संगठन एसोचैम के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत ने रेल बजट को व्यावहारिक, विकासोन्मुखी और दूरदर्शी बताया है. एसोचैम के अलावा फिक्की और सीआईआई ने पेट्रोल और डीज़ल पर माल भाड़े में पाँच प्रतिशत की कटौती का स्वागत किया है. रेल मंत्री ने अगले वित्त वर्ष में 85 करोड़ टन माल ढुलाई का लक्ष्य रखा है. उद्योग संगठनों का कहना है कि माल भाड़े में कमी से रेलवे का कारोबार बढ़ेगा. सीआईआई के अध्यक्ष सुनील मित्तल ने कहा है कि रेल बजट की घोषणाओं से बुनियादी संरचना को मज़बूत बनाने में मदद मिलेगी. उन्होंने मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक बनाने का काम तेज़ करने और यात्री सुविधाएँ बढ़ाने के फ़ैसले का स्वागत किया. सुनील मित्तल ने कहा कि इन फ़ैसलों से भारतीय रेलवे को विश्वस्तरीय बनाने में मदद मिलेगी. सीआईआई ने रेलवे के विकास और नई परियोजनाओं में निजी क्षेत्र से साझीदारी करने की पहल को भी उचित बताया है और उम्मीद जताई कि इससे नई परियोजनाएँ जल्दी पूरी होंगी. | इससे जुड़ी ख़बरें लालू के रेल बजट की ख़ास बातें26 फ़रवरी, 2008 | कारोबार रेल किरायों में कमी की घोषणा26 फ़रवरी, 2008 | कारोबार तब रेल बजट-आम बजट एक होते थे25 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस तेज़ रफ़्तार रेलगाड़ियाँ चलाने पर विचार24 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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