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महँगाई दर चार फ़ीसदी के पार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रोज़मर्रा की ज़रूरतों के सामान के दाम बढ़ने से भारत में महँगाई दर चार फ़ीसदी के आँकड़े को पार कर गई है. यह पिछले पाँच माह का सर्वोच्च स्तर है. वाणिज्य मंत्रालय के ताज़ा आँकड़ों के मुताबिक 26 जनवरी को ख़त्म हुए सप्ताह में महँगाई 0.2 प्रतिशत बढ़ी और यह 4.11 प्रतिशत पर पहुँच गई. इस दौरान नमक, सरसों तेल, फल और गेहूं जैसी रोज़मर्रा की वस्तुओं के दाम में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. विश्लेषकों का कहना है कि खाद्य जिंसों की ऊंची कीमतों का मुद्रास्फ़ीति पर असर साफ दिख रहा है. ऐसे में आने वाले समय में काफी कुछ तेल की कीमतों पर होने वाले फ़ैसले पर निर्भर करेगा. अगर केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ाने का फ़ैसला करती है तो महँगाई दर और बढ़ सकती है. हालाँकि यह अभी भी रिजर्व बैंक के लक्ष्य से अधिक नहीं है. भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2007-08 के दौरान महँगाई दर पाँच से साढ़े पाँच फ़ीसदी के बीच रखने का लक्ष्य निर्धारित किया था. पिछले साल जनवरी के अंतिम सप्ताह में मुद्रास्फ़ीति की दर दो वर्ष के उच्चतम स्तर 6.69 प्रतिशत पर थी जो अक्तूबर में तीन प्रतिशत से नीचे आ गई थी. इसके बाद से इसमें उतार-चढ़ाव बना हुआ है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'महँगाई पर क़ाबू रखना ज़्यादा महत्वपूर्ण'26 जनवरी, 2008 | कारोबार महँगाई दर 16 माह के न्यूनतम स्तर पर08 सितंबर, 2007 | कारोबार 'महँगाई हो सकती है हार की वजह'06 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस महँगाई के कारण घट सकता है सीमा शुल्क 24 फ़रवरी, 2007 | कारोबार महँगाई पर निगरानी के लिए विशेष सेल22 फ़रवरी, 2007 | कारोबार 'महँगाई के लिए सरकार ज़िम्मेदार'09 फ़रवरी, 2007 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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