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विदेशियों के खुदरा व्यापार करने पर रोक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस में एक नए क़ानू़ऩ के तहत विदेशी लोगों के खुदरा व्यापार करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. नए क़ानू़ऩ के तहत केवल रूसी नागरिक ही दुकान चला सकेंगे. हाँलांकि विदेशियों को सफाई और ढुलाई के काम के लिए नौकरी करने की अनुमति होगी. ये क़ानून रविवार को लागू हो गया. करीब बीस हज़ार ग़ैर-रूसी केवल मॉस्को के बाजा़र में ही काम करते हैं. रूस के राष्ट्रपति ने कहा है कि रूस के नागरिकों के हितों पर असर पड़ था. आप्रवासी लोगों ने नए का़नून की आलोचना की है. दरअसल रूस के बाहर से आए लोगों से स्थानीय लोगों की कई बार झड़प हो चुकी है. हाल में इन झड़पों में दो लोगों की मौत भी हो गई थी.इसी के बाद नया क़ानून लाया गया है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि नए क़ानून ने रूस में रिटेल बाज़ार के समीकरण बदल दिए हैं. दूसरे देशों से, ख़ासकर ग़रीब देशों से, लोग रूस में रोज़गार की तलाश में आते है और वे कम वेतन पर भी काम करने को तैयार होते हैं. पर अब ये ग़ैरका़नूनी हो गया है. दुकान या स्टॉल पर काम करने वालों का रूसी नागरिक होना अब ज़रूरी हो गया है. क़ानून के क्रियान्वयन के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि वे नए क़ानून को देखते हुए कोई बड़ा अभियान नहीं चला रहे हैं. रुसी मीडिया के मुताबिक नए क़ानून के चलते कीमतों में वृद्धि हो सकती है लेकिन अधिकारियों का कहना है अगर कीमते बढ़ती हैं तो वो मुद्रस्फीति में बढ़ोत्तरी के चलते होंगी. आप्रवासन के मुद्दे पर पिछले कुछ समय में रूस में कई क़ानून बने हैं. इस साल 15 जनवरी को सीआईएस देशों से रूस आने वाले लोगों पर रोक लगा दी गई थी कि वे शराब और दवाईयाँ नहीं बेच सकते. एक अप्रैल से पहले, रूसी बाज़ार में काम करने वाले विदेशियों की संख्या 40 फ़ीसीद कम हो गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें रुस ने ईरान का परमाणु ईंधन रोका12 मार्च, 2007 | पहला पन्ना रूस में स्वास्थ्य संकट की स्थिति22 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना भारतीय छात्र के शव की प्रतीक्षा26 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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