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गूगल और यूट्यूब पर आरोप | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मनोरंजन के क्षेत्र की बड़ी कंपनी वायाकॉम मीडिया ने घोषणा की है कि वह वेब सर्च इंजन गूगल और वीडियो क्लिप दिखाने वाली वेबसाइट यूट्यूब पर 51 करोड़ 70 लाख पाउंड के मुआवज़े का दावा करने जा रही है. मनोरंजन के क्षेत्र की बड़ी कंपनी वायाकॉम गूगल और वीडियो क्लिप दिखाने वाली वेबसाइट यूट्यूब पर 51 करोड़ 70 लाख पाउंड के मुआवज़े का दावा करने जा रही है. गूगल ने पिछले वर्ष के अंत में ही यूट्यूब को ख़रीदा है. वायाकॉम ने आरोप लगाया है कि यूट्यूब उसके टेलीविज़न कार्यक्रमों को अवैध रूप से अपनी वेबसाइट पर दिखा रही है. कंपनी का कहना है कि यूट्यूब बड़े पैमाने पर कॉपीराइट क़ानून के उल्लंघन की दोषी है. कंपनी का दावा है कि उसके कार्यक्रमों की लगभग एक लाख 60 हज़ार वीडियो क्लिप अवैध रूप से प्रसारित की गईं और उन्हें डेढ़ अरब बार से ज़्यादा देखा गया. वायाकॉम एक अरब डॉलर से ज़्यादा के हर्जाने की राशि मांग रही है और उसका यह भी कहना है कि साइट को कॉपीराइट का और अधिक उल्लंघन करने से रोका जाए. वायाकॉम ने एक वक्तव्य में कहा, यूट्यूब की नीति है कि वह पहले से ऐसा कोई क़दम नहीं उठाती जो कॉपीराइट क़ानून को रोक सके. पिछले महीने ही वायाकॉम ने यूट्यूब से अपनी साइट से उसकी एक लाख से अधिक वीडियो क्लिप हटाने को कहा था. केबल नेटवर्क एमटीवी पर भी वायाकॉम का ही नियंत्रण है. | इससे जुड़ी ख़बरें गूगल ने यू ट्यूब को ख़रीदा09 अक्तूबर, 2006 | कारोबार गूगल सबसे बड़ी मीडिया कंपनी08 जून, 2005 | कारोबार गूगल ने ऑनलाइन लाइब्रेरी का काम रोका13 अगस्त, 2005 | पहला पन्ना गूगल से जानकारियाँ सौंपने को कहा गया19 मार्च, 2006 | विज्ञान पेटेंट और कॉपीराइट का चक्कर!13 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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