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मंगलवार, 06 जून, 2006 को 03:43 GMT तक के समाचार
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कम पढ़े युवक ने बनाई सस्ती कार

नई कार
मात्र बारहवीं कक्षा तक स्कूल गए गोगोई को बचपन से ही नई-नई मशीनें बनाने का शौक है
असम के गुवाहाटी शहर के कनक गोगोई ने एक ऐसी कार बनाई है जिससे आम आदमी का कार ख़रीदने का सपना साकार हो सकता है.

इस कार की कीमत 55 से 60 हजार रुपए आंकी गई है. इससे पहले भी तीन नए वाहन ईजाद करने वाले कनक गोगोई की इस कार में तीन चक्के हैं और इसे परीक्षण के लिए गुवाहाटी की सड़कों पर चलाया गया है.

ट्राईगो-एक्स नामक इस कार के डिज़ाइन को गुवाहाटी स्थित भारतीय तकनीकी संस्थान ने आगे विकसित करने के लिए स्वीकृत कर लिया है.

पुराने कलपुर्ज़े

चौंकाने वाली बात यह है कि इस कार के निर्माता ने इसे पुराने ऑटो रिक्शा तथा पुरानी फिएट कार के कलपुर्जों को जोड़कर बनाया है.

पेशे से व्यवसायी 44-वर्षीय कनक गोगोई का दावा है कि व्यावसायिक स्तर पर निर्माण किए जाने पर इसकी कीमत और भी कम हो सकती है.

 इस कार में बहुत ही सहज तकनीक का इस्तेमाल किया है इसलिए इसके रख-रखाव में भी काफ़ी कम खर्च होगा. लेकिन व्यावसायिक निर्माण से पहले इसमें कुछ रद्दोबदल करने जरूरी हैं
भारतीय तकनीकी संस्थान के प्राध्यापक

गुवाहाटी स्थित भारतीय तकनीकी संस्थान के डिज़ाइन विभाग के प्राध्यापक एके दास कहते हैं, "व्यावसायिक निर्माण से पहले इसमें कुछ रद्दोबदल करने जरूरी हैं."

इस कार के आगे दो पहिये हैं तथा पीछे मात्र एक पहिया है. इसलिए इसे भीड़भाड़ वाली सड़कों पर घुमाना बिल्कुल आसान हो जाता है.

गोगोई के अनुसार बढ़ती आबादी वाले शहरों के लिए यह कार वरदान साबित हो सकती है. वे बताते हैं कि आठ हार्स पावर वाले इंजन तथा चार गियर वाली इस कार में ईंधन की खपत भी काफ़ी कम है.

एक महीने में तैयार की गई ये कार एक लीटर पेट्रोल पर 45 किलोमीटर तक दौड़ती है और इसकी अधिकतम गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा है.

मात्र बारहवीं तक पढ़े

इससे पहले गोगोई अपनी बनाई पानी में चलने वाली साइकिल और पानी तथा जमीन पर चलने वाली नौका का प्रदर्शन कर चुके हैं.

महत्वपूर्ण है कि गोगोई मात्र बारहवीं कक्षा तक स्कूल गए हैं लेकिन उन्हें बचपन से ही नई-नई मशीनें बनाने का शौक है.

लेकिन मात्र बारहवीं कक्षा तक शिक्षा पाने वाले गोगोई की ये कार तकनीकी रूप से कितनी विश्वसनीय है?

एके दास बताते हैं कि इस कार में बहुत ही सहज तकनीक का इस्तेमाल किया है इसलिए इसके रख-रखाव में भी काफ़ी कम खर्च होगा.

गुवाहाटी स्थित एक संस्था नार्थ ईस्ट हाईटेक सोसाइटी ने इस कार के व्यावसायिक निर्माण के बाद वितरण का दायित्व लेने का वादा किया है.

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