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सोमवार, 22 मई, 2006 को 09:16 GMT तक के समाचार
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बीएसई ने 456 अंकों का गोता लगाया
चिदंबरम
चिदंबरम के बयान से बाज़ार की गिरावट थमी है
भारत में शेयर बाज़ार में गिरावट का दौर जारी है. वित्त मंत्री के आश्वासन के बाद बाज़ार थोड़ा संभला ज़रूर था लेकिन आख़िरकार गिरावट के साथ ही बंद हुआ.

मुंबई शेयर बाज़ार का संवेदी सूचकांक 456 अंक नीचे गिरकर 10481 पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज़ के निफ़्टी में भी 165 अंकों की गिरावट दर्ज की गई.

इससे पहले दोपहर से पहले चौतरफा बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स में 1100 अंकों की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई और शेयर कारोबार एक घंटे के लिए रोकना पड़ा.

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि बाज़ार में आई गिरावट से घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है. उनका कहना था कि निवेशकों को शेयर बाज़ार पर भरोसा रखना चाहिए.

उन्होंने कहा कि पूंजी बाज़ार में नकदी की कमी नहीं है और इस तरह की किसी भी समस्या से निपटने के पुख़्ता इंतज़ाम हैं.

 भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी मज़बूती को देखते हुए निवेशकों के घबरने की ज़रुरत नहीं है और उन्हें शेयर बाज़ार पर भरोसा रखना चाहिए
चिदंबरम

चिदंबरम ने बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज के संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 1100 अंको की गिरावट के कारण कारोबार रोक दिए जाने के बाद पत्रकारों से कहा कि उन्होंने नकदी की उपलब्धता पर रिजर्व बैंक से बात की है और अभी इस तरह की कोई समस्या नहीं है.

उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक समेत अन्य बैंकों के पास सभी ज़रुरतमंद ब्रोकरों को पैसे देने के लिए पर्याप्त कोष है.

उन्होंने एक बार फ़िर खुदरा निवेशकों से सोच समझ कर शेयर बाज़ार में निवेश करने की सलाह दी.

गिरावट

इसके पहले गुरुवार को 826 अंकों की रिकार्डतोड़ गिरावट के बाद वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सफ़ाई दी थी कि विदेशी संस्थागत निवेशकों पर किसी तरह का पूंजीगत लाभ कर थोपने की कोई योजना नहीं है.

पिछली रिकॉर्ड गिरावट
19 मई 2006, गिरावट - 826 अंक
15 मई 2006, गिरावट - 462 अंक
08 मार्च 2006, गिरावट - 216 अंक
12 अप्रैल 2006, गिरावट - 306 अंक
17 मई 2004, गिरावट - 565 अंक
28 अप्रैल, 1992, गिरावट - 570 अंक

साथ ही उन्होंने छोटे निवेशकों से सोच समझ कर शेयर बाज़ार में पैसा लगाने की सलाह दी थी.

विश्लेषकों की राय में तकनीकी सुधारों का मौज़ूदा दौर कुछ और आगे तक जा सकता है और एक ही दिन में निवेश कर मुनाफ़ा वसूली करने वाले डे-ट्रेडरों की सक्रियता से कारोबार में भारी उतार चढाव ज़ारी रह सकता है.

शेयर बाज़ारों की नियामक संस्था सेबी की रिपोर्ट के अनुसार 19 मई को एफआईआई ने 1459 करोड़ रूपए की बिकवाली की थी.

दूसरी ओर घरेलू साझा कोषों की ओर से 18 मई को 762 करोड़ रुपए की ख़रीदारी हुई थी.

बिकवाली के कारण पिछले सात कारोबारी दिनों में सेंसेक्स 1346 अंक गिर चुका है. शुक्रवार को सेंसेक्स की गिरावट 10938 पर थमी थी और निफ्टी 3246 अंकों पर टिका था.

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