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मुंबई शेयर बाज़ार में रिकॉर्ड गिरावट | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाज़ार में गिरावट का असर भारत में भी दिखाई दिया और मुंबई शेयर बाज़ार के सूचकांक में रिकॉर्ड 826 अंक की गिरावट दर्ज की गई. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ़्टी भी 246 अंक नीचे गिर कर बंद हुआ. गुरुवार को जब बाज़ार खुला तो कुछ ही मिनटों के बीएसई संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 542 अंक गिरकर 11,675.98 अंक तक जा गिरा. उधर नेशनल स्टाक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला सीएनएक्स निफ्टी भी सुबह 164 अंक गिरकर 3470.40 अंक तक जा पहुँचा था. दोपहर तक निफ़्टी 186.20 अंकों तक गिर चुका था. उल्लेखनीय है कि बुधवार को अमरीका और यूरोप के शेयर बाज़ार में तीन साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. ख़बरें हैं कि विदेशी निवेशकों का हाथ खींचना जारी रखने की वजह से ये गिरावट आई है. इस सप्ताह की शुरुआत से ही शेयर बाज़ार में मंदी दिखाई पड़ रही है. सोमवार को शेयर बाज़ार में 462 अंकों की गिरावट आई थी जिसके कारण इसे एक और ब्लैक मंडे कहा गया था. उल्लेखनीय है कि 17 अप्रैल 2004 को भी सोमवार था जब सेंसेक्स 565 से ज़्यादा अंकों से नीचे आया था. मंगलवार को भी सेंसेक्स सुबह के सत्र में एक समय 400 अंको की डुबकी लगा चुका था लेकिन अंतिम कारोबारी घंटों में 50 अंकों की सुधार के साथ बाज़ार बंद हुआ था. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीका-यूरोप के शेयर बाज़ार धराशाई18 मई, 2006 | कारोबार शुरुआती झटकों से उबरा शेयर बाज़ार16 मई, 2006 | कारोबार शेयर बाज़ार में एक और 'ब्लैक मंडे'15 मई, 2006 | कारोबार मुंबई शेयर बाज़ार की रिकॉर्ड ऊँचाई06 फ़रवरी, 2006 | कारोबार सूचकांक साढ़े बारह हज़ार से ऊपर10 मई, 2006 | कारोबार सेंसेक्स भारी गिरावट के बाद संभला28 अप्रैल, 2006 | कारोबार 16 दिनों में सूचकांक 12 हज़ार पर पहुँचा20 अप्रैल, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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