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भविष्य बताने के लिए कॉलसेंटर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जब ज़माना हाइटेक का हो तो भला भविष्य जानने के तरीके पुराने क्यों हों? न पंडित, न पोथी-पत्री, सब कुछ कंप्यूटराइज्ड. भोपाल में चल रहा है एक टेलीफ़ोन कंपनी का एक ऐसा ही कॉल सेंटर, जिसमें है सब कुछ हाइटेक. बस घर बैठे एक फ़ोन घुमाइए और जानिए अपना भविष्य. इस सेंटर का माहौल आम कॉलसेंटर से बिलकुल अलग है. यहाँ न तो दूसरे कॉलसेंटरों की तरह युवा कर्मचारी नज़र आते हैं और न ही इनकी बोलचाल का माध्यम अंग्रेज़ी है. यहाँ व्यवस्था संभालते हैं उम्रदराज़ आचार्य और शास्त्री जिन्हें अंग्रेज़ी की बहुत कम जानकारी है और कंप्यूटर का ज्ञान है वो भी बस कामचलाऊ. लंबी बातें किसी भी अन्य कॉलसेंटर में ग्राहकों के कॉल तीन मिनिट से ज़्यादा के नहीं होते, लेकिन इस कॉलसेंटर में ग्राहक तब तक बात करता है जब तक उसे पूरी तसल्ली न हो जाए. कई बार यहाँ के कर्मचारी एक-एक घंटा फोन पर बात कर लोगों की समस्याओं का हल खोजते हैं. एयरटेल के इस कॉल सेंटर के अधिकारियों के अनुसार, "यहाँ फ़ोन करने वाले करने वाले हर शख़्स से उसकी जन्मतिथि, पैदाइश का वक़्त, लिंग और पैदा होने का स्थान पूछा जाता है. इसके बाद “कुंडली सॉफ्टवेयर ” की मदद से पूछने वालों की जन्मपत्री पढ़कर उसका भविष्य बताया जाता है." लोगों की सुविधा का ध्यान रखकर कॉलसेंटर भी दो शिफ्ट में सुबह 9 से 10 बजे रात तक खुला रहता है. कॉलसेंटर अपनी सेवा फिलहाल मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के लोगों को ही दे रहा है. यहाँ काम करने वाले आचार्य शुभम मानते हैं कि इससे ज़्यादा आसानी से भविष्य जानने का कोई तरीका नहीं है. कॉलसेंटर के दूसरे बुज़ुर्ग सहयोगी राम नरेश त्रिवेदी का मानना है, "व्यस्तता और आपाधापी के इस दौर ने जिंदगी की उलझनें बढ़ा दी है. इसी के साथ लोगों में भविष्य जानने की उत्सुकता भी बढ़ गई है और कॉलसेंटर ने ऐसे लोगों की राह आसन कर दी है." वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री के साथ ही बीएड कर चुके पंडित त्रिवेदी रत्नों की भी ख़ासी जानकारी रखते हैं. कामयाब सेंटर की कामयाबी का अंदाज़ इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ रोज़ करीब 400 कॉल करने वालों में हर उम्र और वर्ग के लोग शामिल हैं.
लेकिन ज़्यादातर सवाल रोज़गार, धंधा और शादी के बारे में होता है. नौजवान लड़के-लड़कियों की दिलचस्पी अपने कैरियर और प्रेम प्रसंग के बारे में जानने में होती है, वहीं बड़ी उम्र के लोग बच्चों की शादी और रोज़गार के बारे में पूछते हैं. कॉलसेंटर से लगातार संपर्क में रहने वाली नीलम सिंह कहती हैं, "ये अच्छी सेवा है. लड़की होने की वजह से मैं किसी पंडित या भविष्यवक्ता के पास जाने से झिझकती थी लेकिन इस कॉल सेंटर ने मेरी हर मुश्किल, आसान कर दी है." कॉल सेंटर में कुछ कर्मचारी धर्म और सेवाभाव के कारण भी जुड़े हैं. इन्हीं में से एक 62 वर्षीय केके शर्मा जिनके पास हिंदी-संस्कृत की डिग्रियों के साथ ज्योतिषशास्त्र का डिप्लोमा है. इनके पास सबसे ज़्यादा कॉल पूजन और शुभ काम के लिए मुहूर्त पूछने वालों के आते हैं. लेकिन क्या कंपनी लोगों के विश्वास और श्रद्धा से कंपनी लाभ कमाने की कोशिश नहीं कर रही है, इस सवाल के जवाब में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहतास मल कहते हैं, "वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर ही भविष्य का आकलन किया जाता है. और जहाँ तक पैसे की बात है ये सेंटर आमदनी का बहुत बड़ा ज़रिया नहीं है." टेलीफ़ोन कंपनियों में जारी गलाकाट प्रतिस्पर्धा के बीच बाज़ार पर कब्ज़ा जमाने के नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं. भविष्य बताने का व्यावसाय भी इस प्रतिस्पर्धा का हिस्सा है. लेकिन कंपनियों के आगे निकलने की होड़ ने उन लोगों का भला कर दिया है जो अपने भविष्य के प्रति चिंचित हैं. अगर आप भी कॉलसेंटर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो ये बात ज़रूर नोट कर लें कि यहाँ दान-दक्षिणा की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि यहाँ काम कर रहे ज्योतिषचार्य भी नए ज़माने के हैं और दक्षिणा के बजाए वो लेते हैं, बाक़ायदा पगार जो कंपनी उन्हें देती है. |
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