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भारतीय कॉल सेंटर के कर्मचारी गिरफ़्तार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक भारतीय कॉल सेंटर कंपनी के 14 पूर्व और वर्तमान कर्मचारियों पर आरोप लगा है कि उनका एक अमरीकी बैंक से घोखाधड़ी से चार लाख डॉलर निकालने में हाथ है. अमरीकी बैंक सिटिबैंक में खाता रखने वाले चार लोगों के खातों से धोखाधड़ी से ये रकम निकाली गई. जब प्रभावित लोगों ने पाया कि उनके खातों से ये राशि गायब है तो उन्होंने इसकी शिकायत की. जाँच से सामने आया कि कॉल सेंटर कर्मचारियों ने इन लोगों के बैंक पिन नबंर का इस्तेमाल कर ऐसा किया. सिटिबैंक ने पता लगाया कि इस घोटाले में उसके कॉल सेंटर चलाने वाली पुणे स्थित कंपनी एम्फ़ेसिस के कर्मचारियों का हाथ है. लेकिन एम्फ़ेसिस ने अपनी वेबसाइट पर बयान में इस घटना पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए कहा है कि उसके सतर्कता और सुरक्षा कदम पर्याप्त हैं. जब एम्फ़ेसिस ने पुलिस को शिकायत की तो पुलिस फ़ौरन हरकत में आई और 14 में से 12 संदिग्ध कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया और दो अन्य को सोमवार रात को गिरफ़्तार किया गया. देश में सॉफ़्टवेयर कंपनियों की राष्ट्रीय संस्था नासकॉम ने कहा है कि वह पूरे देश में इस क्षेत्र से संबंधित कर्मचारियों के बारे में पूछताछ करेगा. |
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