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स्विस कंपनी ने कृपाण बाज़ार में उतारा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चाकू बनाने वाली दुनिया की मशहूर स्विस कंपनी विक्टोरिनॉक्स ने भारत में सिखों के लिए तरह-तरह के कृपाण बाज़ार में उतारे हैं. गुरूग्रंथ साहिब के चार सौंवे प्रकाश उत्सव के मौक़े पर कृपाणों की बिक्री शुरू की गई. विक्टोरिनॉक्स को उम्मीद है कि सुंदर कृपाण मध्यवर्गीय सिखों को पसंद आएँगे और बिकेंगे क्योंकि हर सिख के लिए कृपाण रखना धार्मिक नियम है. दो अलग-अलग आकार के कृपाण बाज़ार में उतारे गए हैं जिनकी कीमत लगभग साढ़े तीन हज़ार रूपए है. किसी भी गुरूद्वारे के बाहर लगने वाली दुकानों से इतनी रक़म में लगभग 35 कृपाणें ख़रीदीं जा सकती हैं लेकिन विक्टोरिनॉक्स का विश्वास है कि उसके कृपाणों की बात ही कुछ और है. कंपनी ने देश भर में लगभग साढ़े चार सौ दुकानों के ज़रिए कृपाणों को बेचने का फ़ैसला किया है. विक्टोरिनॉक्स के कृपाणों के साथ उनका खोल और कंधे पर पहनी जाने वाली बेल्ट भी मिलेगी. भारत में कंपनी के प्रतिनिधि अनीश गोयल कहते हैं, "दुनिया में लगभग ढ़ाई करोड़ सिख हैं और वे कृपाण के बिना नहीं रहते, हमने उन्हें ध्यान में रखा है, हम इसे किसी और उत्पाद की तरह नहीं बेच रहे हैं." कंपनी ने कृपाणों को बाज़ार में उतारने के लिए प्रकाश उत्सव का समय चुना है क्योंकि अमृतसर में गुरूग्रंथ साहिब के चार सौ वर्ष पूरे होने के मौक़े पर लाखों सिख जुटे हैं. |
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