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कांग्रेस ने अपने ही आलोचक यूट्यूब चैनल 'जयपुर डायलॉग्स' से कथित तौर पर जुड़े नेता को दिया टिकट - प्रेस रिव्यू
कांग्रेस के भीतर जयपुर लोकसभा सीट से सुनील शर्मा को टिकट देने का मामला तूल पकड़ रहा है और इसे लेकर विरोध बढ़ रहा है.
'द जयपुर डायलॉग्स' नाम से दक्षिणपंथी रुझान वाले संगठन के साथ सुनील शर्मा के संबंधों को लेकर विवाद हो रहा है. ये संगठन कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस नेताओं की आलोचना के लिए जाना जाता रहा है.
अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार गुरुवार को जारी उम्मीदवारों की चौथी सूची में कांग्रेस ने जयपुर से सुनील शर्मा को उम्मीदवार बनाया है. सुनील और उनके परिवार का लंबे वक्त से कांग्रेस से नाता रहा है. वो जयपुर की सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और चांसलर भी हैं.
लेकिन 2016 में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी संजय दीक्षित के शुरू किए 'द जयपुर डायलॉग्स' के साथ उनके संबंधों को लेकर सोशल मीडिया और राजस्थान की राजनीति के गलियारों में चर्चा हो रही है.
कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थकों ने पार्टी से कहा है कि जयपुर सीट से उम्मीदवारी पर फिर से विचार किया जाना चाहिए.
पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने एक ट्वीट किया है, "24 अकबर तक जाने वाली सड़क पर चलते वक्त उनमें दिव्य बदलाव हो गया होगा. ये उस वक्त का उनका एक ट्वीट है जब उन्होंने मुझ पर हमला किया था."
शशि थरूर ने जनवरी 2021 का 'द जयपुर डायलॉग्स' का एक ट्वीट फॉर्वर्ड किया जिसमें लिखा गया है, "शशि थरूर राहुल गांधी ही तो हैं, बस उन्होंने लाइब्रेरी से बाहर जाते हुए एक शब्दकोश चुरा लिया था."
अख़बार लिखता है कि उसने सुनील शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने किसी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया. बाद में उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि काफी पहले वो 'द जयपुर डायलॉग्स' से अलग हो गए थे.
उन्होंने अपने बयान में कहा, "जयपुर डायलॉग्स के यूट्यूब चैनल के प्रबंधन से मेरा कभी कोई नाता नहीं रहा है. मुझे चर्चा के लिए सभी तरह के न्यूज़ चैनल और यूट्यूब चैनल की तरफ से बुलाया जाता है और मैं कांग्रेस की विचारधारा के दायरे में अपनी राय रखता हूं. 'द जयपुर डायलॉग्स' ने भी कई सामाजिक मुद्दों पर चर्चा के लिए मुझे बुलाया था जहां मैंने अपनी क्षमता के अनुसार अपनी राय रखी. मैंने भारत की परंपरा के पक्ष में और धार्मिक कट्टरपंथ के विरोध में अपनी राय रखी."
उन्होंने कहा, "काफी पहले मैंने इस संगठन के साथ अपने संबंध ख़त्म कर लिए थे. लेकिन कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों के लिए इस बात को लेकर अफ़वाह फैला रहे हैं."
हालांकि सुनील शर्मा के दावों के इतर 23 नवंबर 2023 में उन्होंने 'भारत में डिजिटल डिवाइ़ड-आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस और सभ्यता' मुद्दे पर 'द जयपुर डायलॉग्स' की आयोजित एक चर्चा में हिस्सा लिया था.
अख़बार लिखता है कि सुनील शर्मा के बारे में सार्वजनिक तौर पर मौजूद जानकारी के अनुसार वो अब भी 'द जयपुर डायलॉग्स' के पांच निदेशकों में से एक हैं. उन्हें सितंबर 2019 में इस पद पर नियुक्त किया गया था.
होली को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी में तनाव
शनिवार को होली मनाने को लेकर परेशान किए जाने से संबंधित एक छात्र की पुलिस में शिकायत के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में तनाव बढ़ गया है.
यूपी पुलिस ने 10 छात्रों के ख़िलाफ़ दंगा भड़काने, दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने और जानबूझकर उकसाने के लिए अपमान करने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
अख़बार द हिंदू लिखता है कि सोशल साइंसेस फैकल्टी के एक छात्र ने शिकायत की थी कि गुरुवार को जब वो और कुछ अन्य छात्र होली की तैयारी कर रहे थे कुछ 'कट्टर तत्वों' ने उनके साथ हाथापाई की और उन्हें दौड़ाया. उनका आरोप है कि कुछ छात्रों के पास हथियार थे और उन्होंने हिंदू देवी और देवताओं के लिए अपशब्द कहे.
सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि एएएमयू के ज़ाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सामने हर साल छात्र होली मनाते हैं लेकिन इस बार यहां पोस्टर बांटा गया था कि रंगोत्सव 24 इंजीनियरिंग कॉलेज या फिर एथलेटिक्स ग्राउंड पर होगा.
एएमयू के प्रॉक्टर ने अख़बार को बताया कि, "शिकायतकर्ता छात्र ने व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्टर की तस्वीर शेयर की थी जिससे कुछ छात्रों में ये धारणा बनी कि कैंपस में किसी एक जगह को त्योहार के लिए अलग किया जा रहा है. ऐसे में इसका विरोध कर रहे छात्रों ने प्रदर्शन किया और दूसरे छात्रों के साथ उनकी हाथापाई हुई."
"यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गए थे और स्थिति को काबू में किया."
कश्मीर यूनिवर्सिटी में सेमिनार को आर्मी ने किया कैंसिल
मंगलवार को आर्मी ने कश्मीर यूनिवर्सिटी में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर होने वाले एक सेमिनार को कैंसिल कर दिया है.
अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार आर्मी ने कहा है कि लोकसभा चुनावों से पहले आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण ये फ़ैसला लिया गया है.
हालांकि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत दूसरे नेता इसकी आलोचना कर रहे हैं. वो सवाल उठा रहे हैं कि आर्मी इस तरह के "राजनीतिक सेमिनार" का आयोजन क्यों कर रही थी.
वहीं श्रीनगर में आर्मी के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एमके साहू ने कहा है कि ये सेमिनार दरअसल कश्मीर ज्यूरिस्ट नाम की एक संस्था कर रही थी, आर्मी इसके आयोजन में मदद कर रही थी.
इस कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस कोटेश्वर सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने वाले थे.
बिहार की 16 सीटों के लिए नीतीश की सूची तैयार
द हिंदू में ही छपी एक अन्य ख़बर के अनुसार हाल में एक बार फिर एनडीए में शामिल हुई जनता दल यूनाइटेड ने लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र बिहार की 16 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की आख़िरी सूची तैयार कर ली है.
अख़बार ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि कुछ सीटों को छोड़कर अधिकतर सीटों पर पार्टी अपने मौजूदा सांसदों को ही आज़मा सकती है.
यहां की मुंगेर सीट से राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह, बांका से गिरधारी यादव, सुपौल से दिलेश्वर कामत, मधेपुरा से दिनेश चंद्र यादव, जहानाबाद से चंदेश्वर चंद्रवंशी, पूर्णिया से संतोष कुशवाहा, कटिहार से दुलाल चंद गोस्वामी, गोपालगंज से आलोक सुमन, नालंदा से कौशलेंद्र कुमार, भागलपुर से अजय मंडल, झांझरपुर से रामप्रीत मंडल और वाल्मिकी नगर से सुनील महतो को टिकट मिल सकता है. ये सभी मौजूदा सांसद हैं.
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