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पहलवानों और अनुराग ठाकुर के बीच हुई लंबी बातचीत, ये हुआ फ़ैसला
कई दिनों से कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे पहलवानों ने आज केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से लंबी मुलाक़ात की है.
बैठक के बाद अनुराग ठाकुर ने कहा कि बीजेपी सांसद और कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ जारी जांच 15 जून तक पूरा कर ली जाएगी.
कुछ पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं और उनको पद से हटाने की मांग कर रहे हैं.
आंदोलन कर रहे पहलवानों से मुलाक़ात के बाद अनुराग ठाकुर ने कहा, "बैठक में हमने जांच पूरी करके चार्जशीट दायर करने की बात की है और हम ये करेंगे."
इससे पहले केंद्र सरकार ने पहलवानों को बातचीत के लिए न्योता दिया था.
बातचीत के लिए बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और किसान नेता राकेश टिकैत खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के घर पहुंचे थे.
दोनों पक्षों के बीच क़रीब छह घंटे बातचीत चली.
बैठक के बाद केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया, "बैठक में सकारात्मक बातचीत हुई है."
मंत्री ने बैठक के दौरान उठे मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी.
अनुराग ठाकुर ने कहा, " खिलाड़ी चाहते हैं कि 15 जून तक चार्जशीट दायर हो. तब तक वो कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे. सारी बातें आम सहमति से हुई हैं. खुले मन के साथ सभी विषयों पर गंभीरता से बातचीत की है."
बैठक में खिलाड़ियों ने मांगें रखीं -
- जो आरोप लगाए गए हैं, 15 जून तक उनकी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जाए
- रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया का चुनाव 30 जून तक किया जाए
- इंटरनल कंम्पलेंट (आंतरिक शिकायत) कमेटी रेसलिंग फेडरेशन की बनाई जाए
- कमेटी की अध्यक्षता कोई महिला करे
- जब तक फेडरेशन के चुनाव नहीं होते तब तक आईओए की एडहॉक कमेटी के लिए दो कोच का नाम प्रस्तावित किया गया
- आईओए की ए़डहॉक कमेटी में दो कोच को रखा जाए
- चुनाव के बाद रेसलिंग फेडरेशन ठीक तरह से चले इसके लिए खिलाड़ियों से राय ली जाए
- निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और उनसे जुड़े लोग चुनकर न आएं
- महिला खिलाड़ियों को सुरक्षा मिले. अखाड़ों, कोच और खिलाड़ियों के ख़िलाफ मुकदमे वापस लिए जाएं.
पहलवानों ने क्या कहा?
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए साक्षी मलिक ने कहा, “सरकार ने जांच पूरी करने के लिए 15 जून तक का समय मांगा है. तब तक पहलवान कोई प्रदर्शन नहीं करेंगे.”
ये सरकार और पहलवानों के बीच दूसरे राउंड की बातचीत है.
पहलवान साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट के नेतृत्व में पहलवान कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज की हुई है और इस पर जांच चल रही है.
पहलवानों की मांग है कि बृजभूषण शरण सिंह को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन्हें अध्यक्ष पद से हटाया जाए.
बैठक से निकलने के बाद पहलवान बजरंग पुनिया ने भी दोहराया कि केंद्र ने भरोसा दिलाया है कि आरोपों पर 15 तारीख़ तक जांच पूरी कर ली जाएगी.
बजरंग पुनिया ने बताया, "सरकार से हमारी कुछ बिंदुओं पर बात हुई है."
बजरंग पुनिया ने कहा, "खेल मंत्री के साथ बात हुई है. उन्होंने 15 जून तक पुलिस जांच पूरी करने की बात की है. खेल मंत्री ने कहा कि तब तक आप कोई प्रदर्शन न करें."
उन्होंने कहा, "जो हमारे साथ बात हुई है, उन्हें हम अपने समर्थकों के सामने रखेंगे और उनकी राय लेंगे."
इस बैठक में बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक तो थे पर विनेश फोगाट नहीं थीं. उनके न होने पर भी सवाल उठ रहे हैं.
उनकी नाराज़गी की ख़बर है, इस पर बजरंग ने कहा, "विनेश फोगाट नाराज़ नहीं है, कहां से ये बात आती है, पता नहीं."
पहलवानों के आरोप के आधार पर दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के ख़िलाफ केस भी दर्ज किया है.
बृजभूषण शरण सिंह ख़ुद पर लगे आरोपों को ख़ारिज करते रहे हैं.
पहलवान, बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ़्तारी मांग भी उठा रहे हैं, उसे लेकर क्या कोई बात हुई, इस सवाल पर बजरंग पुनिया ने कहा, "सरकार ने कहा है कि 15 जून तक पुलिस कार्रवाई पूरी करके बता देंगे."
क्या है पूरा मामला?
इस पूरे मामले की शुरुआत हुई 18, जनवरी 2023 को हुई.
देश के प्रमुख पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर आवाज़ उठाई.
उन्होंने रेसलिंग फ़ेडरेशन के अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह पर कई गंभीर लगाए.
इन आरोपों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, वित्तीय अनियमितताएं, खिलाड़ियों के साथ बुरा बर्ताव और मनमाना रवैया शामिल था, लेकिन सबसे गंभीर आरोप यौन शोषण से जुड़े थे.
तब विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था कि बृजभूषण सिंह और कोच, नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं.
फोगाट ने कहा था, "वे हमारी निजी ज़िंदगी में दखल देते हैं और परेशान करते हैं. वे हमारा शोषण कर रहे हैं."
इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए तब बृजभूषण सिंह ने कहा था कि 'किसी भी एथलीट का यौन शोषण नहीं हुआ है और अगर यह सच साबित होता है तो वे फांसी पर लटकने को तैयार हैं.'
लेकिन खिलाड़ियों के गंभीर आरोपों को देखते हुए केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने तब पहलवानों के साथ मुलाक़ात की और 23 जनवरी को आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय निरीक्षण समिति बनाई.
जांच रिपोर्ट में क्या?
ओवरसाइट कमेटी (निरीक्षण समिति) में पहले कुल पांच लोगों को शामिल किया गया.
दिग्गज मुक्केबाज़ एमसी मैरीकॉम को इस समिति का अध्यक्ष चुना गया था.
इसके अलावा इसमें ओलंपिक पदक विजेता योगेश्वर दत्त, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी तृप्ति मुरगुंडे, टॉप्स के पूर्व सीईओ राजगोपालन और भारतीय खेल प्राधिकरण की पूर्व कार्यकारी निदेशक राधिका श्रीमन शामिल थे.
बाद में पहलवान और बीजेपी नेता बबीता फोगाट को भी इस समिति का हिस्सा बनाया गया.
इस समिति का काम बृजभूषण सिंह, अधिकारियों और कोचों पर लग रहे उत्पीड़न, वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक चूक के आरोपों की जांच करना था.
समिति को एक महीने के लिए रेसलिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया के कामकाज को भी देखना था.
समिति को चार हफ्तों के अंदर जांच पूरी करने को कहा गया था, फिर इसकी समय सीमा को दो और हफ़्तों के लिए बढ़ा दिया गया.
जिसके बाद अब खिलाड़ियों का कहना है कि समिति को बने तीन महीने हो गए हैं, लेकिन समिति ने क्या जांच की और उस जांच में क्या निष्कर्ष निकाला, ये अभी तक सामने नहीं आया है.
आरोप हैं कि इसके उलट जांच रिपोर्ट से जानकारियां मीडिया में लीक की जा रही हैं, जबकि निरीक्षण समिति की ये रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं है.
धरना प्रदर्शन का दूसरा चरण
21 अप्रैल- महिला पहलवानों ने दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण सिंह के ख़िलाफ़ शिकायत की, लेकिन पुलिस ने एफ़आईआर दर्ज नहीं की.
23 अप्रैल- दूसरी बार जंतर-मंतर पर धरना शुरू.
24 अप्रैल- पालम 360 खाप के प्रधान चौधरी सुरेंद्र सोलंकी समर्थन करने जंतर मंतर पहुंचे और दूसरी खापों से समर्थन की अपील की.
25 अप्रैल- विनेश फोगाट समेत 6 अन्य महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ एफ़आईआर की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा.
26 अप्रैल- जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जंतर-मंतर पहुंचे और कहा, "ये लड़ाई हमारे देश की बेटियों के सम्मान की लड़ाई है. दिल्ली में जो बेशर्म लोग बैठे हैं, उन्हें मुक़दमा दर्ज करने और बृजभूषण सिंह को बर्ख़ास्त करने में एक मिनट का समय भी नहीं लगाना चाहिए था. "
27 अप्रैल- यौन उत्पीड़न के आरोपों का बृजभूषण सिंह ने कविता सुना कर जवाब दिया.
28 अप्रैल- इंडियन एक्सप्रेस अख़बार से विनेश फोगाट की बातचीत के बाद देश के कई बड़े खिलाड़ियों और सितारों ने पहलवानों के समर्थन में ट्वीट किए.
इसमें ओलंपियन नीरज चोपड़ा, स्वरा भास्कर, अभिनव बिंद्रा, सानिया मिर्ज़ा, वीरेंद्र सहवाग, इरफ़ान पठान, कपिल देव, सोनू सूद जैसे खिलाड़ी शामिल थे.
बृजभूषण पर एफ़आईआर
दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के ख़िलाफ़ दो एफ़आईआर दर्ज की, जिसमें से एक एफ़आईआर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुई.
पहलवानों ने आरोप लगाया कि रात में दिल्ली पुलिस ने बिजली-पानी काट दिया और धरना प्रदर्शन स्थल खाली करने का दबाव बनाया.
पहलवानों से मिलीं प्रियंका गांधी
29 अप्रैल- कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी धरना स्थल पहुंचीं और कहा, "जब महिला का शोषण होता है तो सरकार मौन हो जाती है."
3 मई- रात में जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों पर हमला, पुलिस के साथ धक्का मुक्की. पहलवानों ने दावा किया कि 'पुलिस ऐक्शन' में उनके दो साथी घायल हुए हैं. समर्थन करने पहुंचे नेताओं और लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया. रात भर हंगामा चलता रहा.
7 मई- पहलवानों ने जंतर मंतर पर कैंडल मार्च किया.
8 मई- कई प्रदेशों के किसान संगठन समर्थन करने जंतर मंतर पहुंचे.
11 मई- पहलवानों ने सिर पर काली पट्टियां बांधकर ब्लैक डे मनाया. नाबालिग़ महिला पहलवान ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करवाया.
20 मई- पहलवान फ़िरोजशाह कोटला मैदान में चल रहे आईपीएल मैच को देखने पहुंचे थे. पहलवानों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने स्टेडियम में जाने नहीं दिया.
21 मई- हरियाणा के रोहतक में पहलवानों के समर्थन में खाप पंचायत हुई. पंचायत में बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ़्तार करने और नार्को टेस्ट करवाने की मांग की गई.
22 मई- बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि वे अपना नार्को, पॉलीग्राफ़ और लाइ डिटेक्टर टेस्ट करवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन शर्त है कि उनके साथ विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया का भी ये टेस्ट होना चाहिए.
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