खाने-पीने की कुछ चीज़ें भी बना सकती हैं किडनी स्टोन, डॉक्टर की सलाह जानिए

    • Author, बीबीसी फ़ूड

ब्रिटेन में हर दस में से एक से ज़्यादा वयस्क किडनी स्टोन की समस्या से जूझते हैं. यह बेहद दर्दनाक हो सकती है और कभी-कभी संक्रमण या कमज़ोर किडनी फ़ंक्शन होने का कारण भी बनती है.

किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी के कई कारण हो सकते हैं. यह जेनेटिक भी हो सकती है या कुछ दवाओं के कारण भी हो सकती है.

लेकिन शोध से यह भी पता चला है कि आपके खाने-पीने की आदतों का भी इस पर असर पड़ सकता है.

इसका मतलब है कि जिन लोगों को पहले से पथरी की समस्या रही है, वे अपने खान-पान में बदलाव करके इसके दोबारा लौटने से बच सकते हैं.

'साइलेंट स्टोन'

यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल बर्मिंघम एनएचएस फ़ाउंडेशन ट्रस्ट में यूरोलॉजिकल सर्जन डॉक्टर इवो डुकिक कहते हैं कि ज़्यादातर लोगों को यह पता भी नहीं चलता कि उन्हें किडनी स्टोन है.

उन्होंने कहा, "छोटे-छोटे स्टोन बिना किसी हलचल के किडनी में बने रहते हैं और किसी तरह का लक्षण नहीं दिखाते."

लेकिन अक्सर किसी दूसरी चीज़ के लिए आप अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन करवाते हैं तो डॉक्टर को ऐसे 'साइलेंट स्टोन' का पता चलता है.

डुकिक बताते हैं, "समय के साथ कुछ स्टोन बढ़ने या अपनी जगह बदलने लगते हैं, जिससे तेज़ दर्द, पेशाब में खून या बार-बार यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफे़क्शन) जैसी शिकायतें होती हैं."

यह दर्द आमतौर पर पेट के सामने की ओर होता है और इसके साथ ही बार-बार पेशाब आने या टॉयलेट तक पहुंचने की जल्दी महसूस हो सकती है.

डुकिक कहते हैं, "इलाज की ज़रूरत तभी पड़ती है जब स्टोन बढ़ जाएं, दर्द या संक्रमण का कारण बनें या किडनी के ड्रेनेज सिस्टम को ब्लॉक कर दें."

अहम बदलाव क्या करें?

डुकिक कहते हैं कि किडनी स्टोन की सबसे बड़ी वजह है पर्याप्त पानी या तरल पदार्थ न पीना.

असल में जितना कम पानी आप पीते हैं, उतनी ज़्यादा संभावना होती है कि किडनी स्टोन बनें.

डुकिक सलाह देते हैं कि जिन लोगों को पहले से यह समस्या रही है, उन्हें हर दिन 2 से 2.5 लीटर पानी ज़रूर पीना चाहिए. यह मात्रा उन दूसरे पेयों या खाने में मौजूद तरल से अलग होनी चाहिए.

कौन-से खाने से बचें?

डॉ. डुकिक बताते हैं, "एक्सपर्ट्स और शोधकर्ताओं की राय इस बात पर अलग-अलग है कि कौन-से खाद्य पदार्थ अलग-अलग तरह के किडनी स्टोन बनने में भूमिका निभाते हैं. अभी तक इस विषय पर बहुत कम नियंत्रित ट्रायल हुए हैं."

लेकिन कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो पेशाब की रासायनिक संरचना को बदल सकते हैं यानी या तो स्टोन बनाने वाले मिनरल्स की मात्रा बढ़ा देते हैं या फिर उन तत्वों को घटा देते हैं जो स्टोन बनने से रोकते हैं.

इसलिए, अगर आप कुछ चीज़ें बार-बार या बहुत ज़्यादा मात्रा में खाते हैं, तो किडनी स्टोन बनने का ख़तरा बढ़ सकता है.

ऑक्सलेट से भरपूर खाद्य पदार्थ

डॉ. डुकिक के मुताबिक़, "सबसे आम तरह का किडनी स्टोन कैल्शियम ऑक्सलेट का होता है. जिन लोगों को ऐसे स्टोन बनते हैं, उनके लिए ज़रूरी है कि वे ऑक्सलेट (पौधों में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक तत्व) वाले खाने की मात्रा कम करें."

उनके मुताबिक़, ऑक्सलेट की अधिक मात्रा वाले कुछ खाद्य पदार्थ हैं:

  • पालक
  • रूबर्ब
  • बादाम
  • कुछ अन्य मेवे
  • कुछ प्रकार के आलू और बीन्स

डुकिक का कहना है कि अगर आपको इस तरह के स्टोन की समस्या है, तो ऑक्सलेट की मात्रा रोज़ाना 100 मिलीग्राम से कम रखने की कोशिश करनी चाहिए.

नमक से भरपूर खाना

डुकिक का कहना है कि ज़्यादा नमक वाला आहार, यानी अगर आप रोज़ाना 6 ग्राम से ज़्यादा नमक ले रहे हैं तो यह एक बड़ा जोखिम है.

ऐसा इसलिए क्योंकि नमक में सोडियम की मात्रा ज़्यादा होती है, जो किडनी को पेशाब में ज़्यादा कैल्शियम निकालने पर मजबूर करती है.

डुकिक बताते हैं, "पेशाब में कैल्शियम की यह अधिक मात्रा कैल्शियम-आधारित स्टोन बनने का ख़तरा कई गुना बढ़ा देती है."

इसलिए अपने आहार में प्रोसेस्ड और फ़ास्ट फ़ूड पर नज़र रखना ज़रूरी है. डुकिक के मुताबिक़, "टिन वाले सूप और प्रोसेस्ड मीट जैसे खाने में अक्सर सोडियम की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है."

जानवरों से मिलने वाला प्रोटीन

डॉ. डुकिक बताते हैं कि जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन की अधिक मात्रा लेने से 'कैल्शियम और यूरिक एसिड दोनों तरह के स्टोन' बनने का ख़तरा बढ़ सकता है.

यह पेशाब में कैल्शियम और यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ा देता है, जबकि सिट्रेट को कम कर देता है. सिट्रेट वह रासायनिक तत्व है जो स्टोन बनने से रोकने में मदद करता है.

यह बात सभी तरह के एनिमल प्रोटीन पर लागू होती है, जैसे रेड मीट, चिकन, अंडे और मछली.

डुकिक का कहना है कि अगर आपको बार-बार किडनी स्टोन की समस्या होती है, तो रोज़ाना 40 से 50 ग्राम तक ही एनिमल प्रोटीन लेना बेहतर है.

वे खाद्य पदार्थ जो किडनी की रक्षा कर सकते हैं

कैल्शियम से भरपूर खाना:

  • अक्सर लोगों को लगता है कि अगर स्टोन कैल्शियम से बन रहा है, तो शायद कैल्शियम का सेवन कम करना चाहिए.
  • लेकिन डुकिक कहते हैं कि यह गलतफ़हमी है. कैल्शियम वास्तव में बचाव का काम करता है. क्योंकि यह ऑक्सलेट को खून में घुलने और पेशाब में जाने से रोक देता है.
  • डुकिक सलाह देते हैं कि कैल्शियम भोजन से लेना बेहतर है. जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स या फोर्टिफाइड फूड्स से. क्योंकि कैल्शियम सप्लीमेंट्स अगर सही तरह से (भोजन के साथ) न लिए जाए, तो वे स्टोन बनने का ख़तरा बढ़ा सकते हैं.

फल और सब्ज़ियां:

  • डुकिक बताते हैं, "फाइबर और फलों से भरपूर आहार लेने वालों में किडनी स्टोन की वजह से अस्पताल में भर्ती होने का ख़तरा कम होता है."
  • सामान्य तौर पर सलाह दी जाती है कि रोज़ाना कम से कम पाँच बार फल और सब्ज़ियां खाएं.
  • डॉ. डुकिक के मुताबिक़, खाने या पानी में नींबू या लाइम जूस मिलाना भी फ़ायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इनमें सिट्रेट होता है. यह स्टोन बनने से रोकने वाला प्राकृतिक तत्व है.
  • एनएचएस की सलाह है कि हर एक लीटर पानी में लगभग 60 मिलीलीटर नींबू या लाइम जूस मिलाएं.

क्या पुरुषों को ज़्यादा सावधान रहना चाहिए?

डॉ. डुकिक बताते हैं, "पुरुषों में अपने जीवनकाल में किडनी स्टोन होने की संभावना महिलाओं की तुलना में दो से तीन गुना ज़्यादा होती है."

"आमतौर पर पुरुष ज़्यादा मात्रा में एनिमल प्रोटीन और नमक का सेवन करते हैं. लेकिन यह ख़तरा केवल खानपान से नहीं, बल्कि बायोलॉजी और जेनेटिक्स से भी जुड़ा होता है."

वे कहते हैं कि पुरुषों में कम उम्र में मोटापा और डायबिटीज़ जैसी मेटाबॉलिक बीमारियां होने की संभावना अधिक होती है, जिससे उनके पेशाब में कैल्शियम और ऑक्सलेट का स्तर बढ़ जाता है और स्टोन बनने की संभावना भी.

डॉ. डुकिक का कहना है कि हर किसी के लिए सबसे बेहतर बचाव यही है कि आहार संतुलित रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी या अन्य तरल पदार्थ पिएं.

डिस्क्लेमर: यह लेख किसी चिकित्सकीय जांच या आपके डॉक्टर या डाइटीशियन द्वारा दी जाने वाली सलाह का विकल्प नहीं है. अपने लिए उचित सलाह और इलाज के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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