अमेरिकी पोर्न स्टार के ईरान दौरे पर विवाद, क्या ईरानी अधिकारियों ने प्रौपेगेंडा के लिए किया इस्तेमाल

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- Author, सरबास नाज़री
- पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग
व्हिटनी राइट अमेरिका में एडल्ट फ़िल्मों में काम करती हैं. उन्होंने हाल ही में ईरान का दौरा किया है. ये इस्लामिक रिपब्लिक हिजाब के कानूनों को सख़्ती से लागू करने को लेकर लगातार चर्चा में रहा है. अमेरिकी पॉर्न स्टार का ये दौरा अब एक बड़े विवाद की वजह बनता जा रहा है.
व्हिटनी राइट की जो तस्वीरें आई हैं उनमें वे तेहरान में अमेरिकी के पुराने दूतावास के भीतर मौजूद हैं.
ये वही जगह है जहाँ ईरान में 1979 की क्रांति के दौरान छात्र घुस आए थे और कई अमेरिकी नागरिकों को 444 दिन तक बंधक बनाकर रखा था.
आखिर में 20 जनवरी, 1981 को इन 52 बंदियों को ईरान ने रिहा कर दिया. ये अमेरिकी इतिहास का बेहद संवेदनशील हिस्सा है.
अमेरिका में अब आरोप लग रहे हैं कि ईरान ने व्हिटनी राइट की पृष्ठभूमि से वाकिफ़ होते हुए भी उनका इस्तेमाल प्रौपेंगेंडा के लिए किया.
लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि वीज़ा प्रक्रिया के दौरान उनके पेशे पर ध्यान नहीं दिया गया था.
कैसे शुरू हुआ बवाल

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बीते कुछ हफ़्तों में व्हिटनी राइट ने तेहरान की सड़कों पर घूमने की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं.
ईरान में उन्होंने लोगों और मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा और इस वजह से ईरानी अधिकारियों के लिए शर्मिंदगी की स्थिति बन गई.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी से पाँच जनवरी को इस बारे में सवाल पूछा गया था.
उन्होंने कहा था, “मेरे पास इस केस के बारे में कोई जानकारी नहीं है. ये ज़रूरी नहीं है कि विदेशी नागरिकों के ईरान आने पर विदेश मंत्रालय की कोई भूमिका हो.”
पांच फ़रवरी को ही ईरान की कट्टरपंथी न्यूज़ एजेंसी तसनीम ने एक स्रोत के हवाले से बताया कि वीज़ा अधिकारियों को राइट के पेशे के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.
एजेंसी ने बताया कि राइट किसी आधिकारिक निमंत्रण पर ईरान नहीं आई थीं और वे पहले ही देश छोड़कर जा चुकी हैं.
अमेरिकी नागरिकों को ईरान में प्रवेश के लिए आसानी से वीज़ा नहीं मिलता. बीते 45 वर्षों में कई अमेरिकी नागरिकों को ईरान में अवैध प्रवेश के लिए गिरफ्तार कर, उन्हें सज़ा दी गई है.
ईरानी अधिकारियों पर दोहरे मापदंड का आरोप

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आमतौर पर हिजाब के सख़्त कानूनों के मुद्दों पर सरकार ने भिड़ने वाले ईरानी नागरिक इस मामले में खुलकर राय रख रहे हैं.
हिजाब के बारे में इन्हीं कानूनों का विरोध करने के लिए महसा अमीनी को ईरान की हिजाब पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था. सितंबर 2022 में पुलिस कस्टडी में अमीनी की मौत हो गई थी.
अमीनी की मौत के बाद ईरान कई महीनों तक एक अस्थिरता के दौर में दाख़िल हो गया था. नॉर्वे स्थित ह्यूमन राइट्स ओर्गेनाइज़ेशन के मुताबिक इस दौरान ईरानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 550 लोग मारे गए थे.
राइट की यात्रा के दौरान ईरान के अधिकारियों पर दोहरे मापदंड अपनाने के आरोप लगे हैं.
ईरान में महिलाओं को स्टेडियम में पुरूषों के फ़ुटबॉल मैच देखने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है. इसके अलावा महिलाओं की कब्र पर लगने वाली तस्वीरों में भी हिजाब होना लाज़िमी है.
लोग कह रहे हैं कि देश की भीतर ऐसी सख़्त पाबंदियां हैं और ऐसे में एक एडल्ट स्टार को देश में आने दिया जा रहा है.
लेकिन ईरान के कई अधिकारी राइट की ईरान यात्रा को देश में शांति और व्यवस्था से जोड़कर प्रोजेक्ट कर रहे हैं.
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ईरान में महिलाओं के अधिकारों की वकालत करने वाली संस्था टर्क्वाइज़ वीमैन ऑफ़ ईरान ने एक्स पर लिखा, "ये ईरान के इस्लामिक रिपब्लिक के लिए एक दुख की बात है. दशकों से ईरान हिजाब को लाज़िमी बनाकर महिलाओं का दमन करता रहा है. साथ ही उनके मौलिक अधिकारों को भी कुचलता रहा है.”
ग़ौरतलब है कि व्हिटनी राइट सोशल मीडिया पर इसराइल की कड़ी आलोचना करती रही हैं. उन्होंने ग़ज़ा पट्टी पर हमास के ख़िलाफ़ चल रही जंग का भी विरोध किया है.
फ़लस्तीन पर व्हिटनी राइट और ईरान के विचार एक जैसे हैं और शायद इसीलिए ये अटकलें लगने लगीं कि उन्हें शायद ईरानी सरकार ने ही आमंत्रित किया है या उनकी यात्रा को प्रौपेगेंडा की तरह इस्तेमाल किया है.
ईरान के बारे में राइट ने क्या कहा?

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अपने ईरान प्रवास के दौरान व्हिटनी राइट ने तेहरान में पूर्व अमेरिकी दूतावास के भीतर से कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं.
इसी दूतावास पर 1979 की ईरानी क्रांति के दौरान 52 अमेरिकी राजनयिकों को 444 दिनों पर होस्टेज बनाकर रखा गया था.
तब से ईरान और अमेरिका एक दूसरे के कट्टर दुश्मन हैं. दोनों के बीच कोई औपचारिक संबंध नहीं है. ईरान ने दूतावास की इस इमारत को एक संग्रहालय बना दिया है.
ईरान इस इमारत को जासूसों का गढ़ बताता रहा है. इस इमारत की हिफ़ाज़त बासिज मिलिशिया के पास है जो ईरान के शक्तिशाली रेवल्यूशनरी गार्ड्स कोर से जुड़ा है.
अपनी एक इंस्टाग्राम स्टोरी में व्हिटनी राइट ने लिखा है कि वो हर हाल में इस संग्रहालय की यात्रा करना चाहती थीं.
एक अन्य पोस्ट में राइट में 2015 में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह अली ख़ामेनेई के एक पत्र की तस्वीर पोस्ट की है. इस पोस्ट में ख़ामेनेई इस्लाम को एक शांतिपूर्ण धर्म के तौर पर पेश कर रहे थे.
राइट को सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.
उनकी सबसे अधिक आलोचना इस बात पर हो रही है कि उन्होंने ईरान में महिलाओं की हालत और दमन को नज़रअंदाज़ किया.
ईरानी पत्रकार सईद मालेकी और अन्य लोगों ने राइट को वीज़ा देने पर सरकार से सख़्त सवाल पूछे हैं.
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