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वागनर ग्रुप ने कैसे थाम दीं रूस की सांसें, 24 घंटे का नाटकीय घटनाक्रम
रूस के प्राइवेट मिलिट्री कॉन्ट्रेक्टर वागनर ग्रुप के लड़ाकों ने बग़ावत का ऐलान करने के 24 घंटों के भीतर ही रोस्तोव-ऑन-डोन शहर से पीछे हटना शुरू कर दिया है.
इससे पहले, वागनर समूह के प्रमुख येवगेनी प्रिगोज़िन ने कहा था कि उन्होंने ख़ून-ख़राबे से बचने के लिए अपने लड़ाकों को वापस यूक्रेन लौटने के लिए कहा है.
रूस के सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक़ येवगेनी प्रिगोज़िन अब बेलारूस चले जाएंगे और उनके और वागनर समूह के लड़ाकों के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों को वापस ले लिया जाएगा.
ये माना जा रहा है कि इसी के साथ रूस में नाटकीय और अफ़रा-तफ़री भरे दिन का अंत हो गया हो.
वागनर समूह भाड़े के लड़ाकों की एक निजी सेना है जो पैसों के बदले लड़ती है. इस समय यूक्रेन युद्ध में ये वागनर समूह के लड़ाके रूस की नियमित सेना के साथ मिलकर यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ रहे हैं.
मॉस्को में भी सुरक्षा बंदोबस्त करने पड़े सख़्त
यूक्रेन में युद्ध को लड़ने के तरीक़े को लेकर वागनर समूह और रूस की सेना के बीच तनाव बढ़ रहा था. येवगेनी प्रिगोज़िन ने हाल के महीनों में रूस के सैन्य नेतृत्व की खुली आलोचना की थी.
शनिवार को वागनर समूह और रूस की सेना के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया. वागनर के लड़ाके शनिवार को यूक्रेन में अपने कैंपों से निकलकर रूस के दक्षिणी शहर रोस्तोव-ऑन-डोन शहर पहुंच गए और रूस की सेना के दक्षिणी कमांड मुख्यालय पर क़ब्ज़ा कर लिया.
बेहद तेज़ी से बदल रहे घटनाक्रम में वागनर लड़ाकों ने क्षेत्रीय सैन्य कमांड और आगे उत्तर दिशा में मॉस्को के रास्ते पर पड़ने वाले वोरोनेज़ शहर में सैन्य ठिकानों पर क़ब्ज़ा कर लिया.
वागनर के लड़ाकों ने रूस की राजधानी की तरफ़ मार्च शुरू कर दिया और रूस के कई इलाक़ों में सख़्त सुरक्षा इंतेज़ाम करने पर मजबूर होना पड़ा.
मॉस्को की सड़कों पर टैंक तैनात हो गए और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल उतर आए. मॉस्को के मेयर को नागरिकों से घरों से बाहर न निकलने की अपील करनी पड़ी.
फिर पीछे हटने की घोषणा की
इसी बीच चेचन्या के विशिष्ट सैन्यबलों के मॉस्को की तरफ़ बढ़ने की ख़बरें भी आईं. ज़रूरत पड़ने पर चेचन लड़ाके वागनर समूह के लड़ाकों से भिड़ जाते.
वागनर समूह के इस दुस्साहस के जवाब में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस को धोखा देने वाले हर व्यक्ति को अंजाम भुगतना होगा.
तनाव अपने चरम पर था और टकराव को रोकने की कोशिशें भी जारी थीं.
अचानक शनिवार शाम तनाव कम करने और हालात को नियंत्रित करने के समझौते की ख़बर आई. रूस के टीवी चैनल रोसिया-24 के मुताबिक बेलारूस के नेता एलेक्सेंडर लूकाशेंको और येवगेनी प्रिगोज़िन के बीच लंबी वार्ता हुई.
येवगेनी प्रिगोज़िन ने एक बयान जारी कर कहा कि वो ख़ून-ख़राबा रोकने के लिए पीछे हट रहे हैं.
ज़ेलेंस्की ने दिया बयान
इसके कुछ घंटे बाद ही रोस्तोव शहर से वागनर लड़ाकों के पीछे हटने के वीडियो आने लगे. येवगेनी प्रिगोज़िन समर्थकों के नारों के बीच लोगों से हाथ मिलाते हुए दिखे.
दिनभर के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुये यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा, “हालात पूरी तरह अराजक हो गए थे.”
ज़ेलेंस्की ने कहा, “क्रेमलिन का वो व्यक्ति ज़ाहिर है बहुत डरा हुआ है और संभवतः कहीं छुपा हुआ है. मैं इस बात को लेकर निश्चिंत हूं कि वो मॉस्को में नहीं हैं.”
रूस के राष्ट्रपति पुतिन का नाम लिये बिना ज़ेलेंस्की ने कहा, “वो जानते हैं कि वो किस बात से डरे हुए हैं, क्योंकि इस ख़तरे को स्वयं उन्होंने ही खड़ा किया है. सभी बुराइयां, सभी बर्बादी, सारी नफ़रत- ये सब उसने ही फैलाया है.”
शनिवार को पुतिन के मॉस्को छोड़ने की अफ़वाहें भी फैलती रही. फ्लाइट ट्रैकिंग डाटा से दो विशिष्ट विमानों के उड़ान भरने की जानकारी से इन्हें और बल मिला.
हालांकि राष्ट्रपति पुतिन के प्रेस सचिव दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि राष्ट्रपति क्रेमलिन में ही मौजूद थे.
पेस्कोव ने बताया कि येवगेनी प्रिगोज़िन के गिरफ़्तारी वॉरंट को रद्द कर दिया गया है और उनके और वागनर समूह के लड़ाकों के ख़िलाफ़ आपराधिक मामले बंद कर दिए जाएंगे.
प्रेस सचिव ने कहा कि वागनर समूह के लड़ाके जो रूस के रक्षा मंत्रालय के साथा कांट्रेक्ट करना चाहेंगे वो ऐसा कर सकेंगे.
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