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अमेरिका: कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी में फ़लस्तीन और इसराइल समर्थकों के बीच हिंसक झड़प
अमेरिका के लॉस एंजीलिस शहर की एक यूनिवर्सिटी कैंपस में फ़लस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों की एक विरोधी गुट के साथ झड़प की रिपोर्टें मिली हैं.
फ़लस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों का विरोध कर रहे समूह के लोगों ने मास्क पहन रखे थे और वे इसराइल के समर्थक थे.
वे लोग आधी रात के बाद यूसीएलए (यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफॉर्निया, लॉस एंजीलिस) कैंपस में पहुंचे जहां उन्होंने फ़लस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों के कैंपों पर हमला किया.
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ने कहा है कि कैंपस में हिंसा की डराने वाली घटना हुई है और इस सिलसिले में पुलिस को बुलाया गया है.
अमेरिका के कई विश्वविद्यालय परिसरों में ये फ़लस्तीन समर्थक प्रदर्शन फैल गया है. पिछले दो हफ़्तों में एक हज़ार से भी अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पुलिस की कार्रवाई
अमेरिका में कोलंबिया यूनिवर्सिटी में ग़ज़ा के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर न्यूयॉर्क पुलिस ने कार्रवाई की है.
न्यूयॉर्क पुलिस यूनिवर्सिटी कैंपस में दाख़िल हो चुकी है और कई प्रदर्शनकारी छात्रों को गिरफ़्तार किया गया है. इन छात्रों को बसों में बैठाकर कैंपस से दूर ले जाया गया है.
न्यूयॉर्क पुलिस ने बताया है कि प्रदर्शनकारियों ने जिस हैमिल्टन हॉल को 24 घंटे पहले क़ब्ज़े में लिया था, उसे खाली करवा लिया गया है.
कैंपस में पुलिस के दाख़िल होने और गिरफ़्तारी किए जाने से क़रीब तीन घंटे तक अफ़रा-तफ़री का माहौल रहा.
कुछ स्टूडेंट्स गिरफ़्तार किए जा चुके प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते देखे गए.
इस मामले में कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने बयान जारी कर कहा, "आज रात 9 बजे के बाद न्यूयॉर्क पुलिस यूनिवर्सिटी के अनुरोध पर कैंपस में घुसी है. यह फ़ैसला हमारी कम्युनिटी में सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के लिए किया गया.''
ग़ज़ा में इसराइल के हमले के ख़िलाफ़ और फ़लस्तीनियों के समर्थन में बीते कुछ दिनों से अमेरिका की कई यूनिवर्सिटी में व्यापक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं.
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाख़िल होने से पहले न्यूयॉर्क पुलिस ने कहा- ऑपरेशन शुरू हो गया है.
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पुलिस- अब तक क्या बातें मालूम हैं
- कोलंबिया यूनिवर्सिटी में कई दिनों से स्टूडेंट्स ग़ज़ा के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं
- छात्रों की ओर से कैंपस में स्थित हैमिल्टन हॉल पर कब्ज़ा करने और खिड़कियां तोड़ने की ख़बरें आईं
- यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कैंपस में पुलिस को बुलाने का अनुरोध किया गया
- अमेरिका में मंगलवार रात को न्यूयॉर्क पुलिस घुसी
- कैंपस से छात्रों को गिरफ़्तार किया गया
- पुलिस ने बताया कि हैमिल्टन हॉल को खाली करवा लिया गया है
कोलंबिया कैंपस में पुलिस: देखिए तस्वीरें
कितने स्टूडेंट्स गिरफ़्तार किए गए?
बीबीसी के अमेरिका में पार्टनर चैनल सीबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक़, क़रीब 50 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
कैंपस से आ रही तस्वीरों में देखा जा सकता है कि जब गिरफ़्तार किए गए छात्रों को हाथ बांधकर ले जाया जा रहा था, तब बाक़ी प्रदर्शनकारी उन स्टूडेंट्स का हौसला बढ़ाते देखे गए.
कुछ छात्रों को पुलिस के लिए शेम यानी शर्मनाक जैसे नारे लगाते सुना गया.
एक व्यक्ति ने बीबीसी से कहा कि इन गिरफ्तारियों से पूरा शहर शर्मसार हुआ है.
सीएनएन को एक पुलिस अधिकारी ने बताया है कि न्यूयॉर्क पुलिस ने आज के ऑपरेशन में आंसू गैस का इस्तेमाल नहीं किया बल्कि फ्लैश बैंग ग्रेनेड का इस्तेमाल किया है.
अभी तक पुलिस की इस कार्रवाई में किसी के चोटिल होने की कोई जानकारी नहीं आई है.
कोलंबिया यूनिवर्सिटी का बयान
''हमें खेद है कि प्रदर्शनकारियों ने अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और इसे बुरी स्थिति में ले जाने का विकल्प चुना.
हमें रातों-रात पता चला कि हैमिल्टन हॉल पर कब्ज़ा कर लिया गया है, तोड़फोड़ की गई है और उसे ब्लॉक किया गया है तो हमारे पास पुलिस को बुलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा.
कोलंबिया के सुरक्षाकर्मियों को इमारत से बाहर निकाल दिया गया और हमारी फैसिलिटी टीम के एक सदस्य को धमकी दी गई. हम अपने कम्युनिटी की सुरक्षा को जोखिम में नहीं डाल सकते.
आज सुबह हमने तय किया कि ये क़ानून व्यवस्था का मामला है और न्यूयॉर्क पुलिस इससे निपटने के लिए सबसे उपयुक्त है.
हमारा मानना है कि जिस ग्रुप ने इमारत में तोड़-फोड़ की और उस पर कब्ज़ा कर लिया, उसका नेतृत्व ऐसे व्यक्तियों ने किया है जो यूनिवर्सिटी से नहीं हैं.
न्यूयॉर्क पुलिस तक पहुंचने का फ़ैसला प्रदर्शनकारियों के एक्शन के जवाब में किया गया, न कि उस कारण के लिए जिसका वे समर्थन कर रहे हैं. हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि नियमों और कानून का उल्लंघन करने वाले प्रदर्शनकारी कैंपस अनिश्चितकाल तक बाधित नहीं कर सकते.''
अमेरिका की यूनिवर्सिटी में ग़ज़ा का समर्थन
अमेरिका के विश्वविद्यालयों में बीते कई दिनों से ग़ज़ा में इसराइल के हमलों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं.
सात अक्तूबर 2023 को हमास के इसराइल पर हमला करने के बाद इसराइली सेना ने ग़ज़ा और वेस्ट बैंक में सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. इसराइली हमलों में अब तक ग़ज़ा में 33 हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
मारे जाने वाले लोगों में एक बड़ी संख्या बच्चों और महिलाओं की है.
इसराइल से कई देश सीज़फायर की अपील कर चुके हैं. मगर इसराइली हमले ग़ज़ा में जारी हैं.
इन हमलों के विरोध में अमेरिका की कई यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन हो रहे हैं. इन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि इसराइली कंपनियों का बॉयकॉट किया जाए.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए लेकिन ज़बरदस्ती किसी बिल्डिंग पर क़ब्ज़ा किया जाना शांतिपूर्ण नहीं है और ये ग़लत है.
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