ओमान के सुल्तान हैयथम बिन तारिक़ अल सईद का पहला भारत दौरा, इरादा क्या है?- प्रेस रिव्यू

ओमान के शासक सुल्तान हैयथम बिन तारिक़ अल सईद भारत के पहले राजकीय दौरे पर हैं. इस दौरे का मकसद भारत और ओमान के बीच मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है.

'हिंदुस्तान टाइम्स' ने ओमान के शासक के भारत दौरे को लेकर विस्तृत ख़बर प्रकाशित की है.

अख़बार लिखता है कि दोनों देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देना दौरे का सबसे बड़ा मकसद है.

इसके लिए उनके साथ मंत्रियों और अधिकारियों का एक बड़ा दल आ रहा है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों के रिश्तों में ये दौरा मील का पत्थर साबित होगा.

अख़बार लिखता है कि दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते की ओर से आगे बढ़ने की दिशा में कदम उठाए हैं. जबकि गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल के साथ होने वाले मुक्त व्यापार समझौते में थोड़ी ही प्रगति हुई है.

नवंबर में अहम बैठक के बाद भारत और ओमान ने मुक्त व्यापार समझौते को पूरा करने का लिए काफी तेजी से कदम बढ़ाए थे.

नई दिल्ली में नवंबर 27 से 29 तारीख और दिसंबर में 9 से 11 तारीख के बीच मस्कट में दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौतों की शर्तों को अंतिम रूप दे दिया गया था.

इस समझौते के लिए बातचीत से जुड़े एक अधिकारी ने 'हिंदुस्तान टाइम्स' से कहा, ''दोनों देशों के बीच 5000 वर्ष पुराने व्यापारिक संबंध हैं. इस वक्त भारत गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल का तीसरा बड़ा कारोबारी सहयोगी है.

भारत और ओमान के बीच 2022-23 में 12.39 अरब डॉलर का कारोबार हुआ. यह 2020-21 के 5.4 अरब डॉलर से ज्यादा है. दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने की असीम संभावनाएं हैं.''

अख़बार लिखता है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी मजबूत हैं. दोनों देशों का एक दूसरे के यहां कारोबारी गतिविधियां और निवेश है. खासकर एनर्जी, इन्फ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में दोनों देशों के बीच काफी अच्छा कारोबारी सहयोग है.

ओमान और भारत के बीच छह हजार से ज्यादा संयुक्त उपक्रम चल रहे हैं. इस निवेश की पूरी कीमत साढ़े सात अरब डॉलर से अधिक है.

अख़बार के मुताबिक़ ओमान के शासक का भारत का ये पहला आधिकारिक दौरा है.

वो सिंगापुर के दौरे के बाद भारत आ रहे हैं. ओमान के शासक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उप राष्ट्रपति जगदीप धनकड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे.

शनिवार को उनका राष्ट्रपति भवन में स्वागत होगा. इसके पहले वो नेशनल गैलरी ऑफ मॉर्डन आर्ट जाएंगे और फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगे.

रिश्तों का पुराना इतिहास

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों के बीच 1955 में राजनयिक संबंध कायम हो गए थे. ये रिश्ते 2008 में रणनीतिक रिश्तों में तब्दील हो गए थे. सुल्तान हैतमन का ये दौरा इसलिए भी अहम है कि ये भारत का उनका पहला राजकीय दौरा है.

पिछले 25 साल से अधिक समय के दौरान ये किसी ओमानी शासक का पहला भारत दौरा होगा. 1997 में ओमान के शासक कबूस बिन सैद भारत के दौरे पर आए थे.

ओमान में बड़े पैमाने पर भारतीय प्रवासी रहते हैं. यहां सात लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं. ओमान के आर्थिक विकास और सांस्कृतिक विविधता में उनका अहम योगदान है.

इनमें डॉक्टर, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट और हेल्थकेयर प्रोफेशनल भी शामिल हैं. पश्चिम एशिया में ओमान भारत का सबसे नजदीकी रक्षा सहयोगी है.

इलेक्टोरल बॉन्ड से किस क्षेत्रीय पार्टी को सबसे ज्यादा चुनावी चंदा?

भारत में पांच क्षेत्रीय दलों को 2022-23 के दौरान इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिये 1243 करोड़ रुपये मिले हैं. ये दल हैं भारत राष्ट्र समिति, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस.

हालांकि इन दलों को मिली ये रकम 2020-21 को इलेक्टोरल बॉन्ड से मिले 1338 करोड़ रुपये से कम है. इस दौरान तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की पार्टी बीआरएस को बाकी दलों की तुलना में 3.4 गुना अधिक पैसा मिला है.

'टाइम्स ऑफ इंडिया ' की रिपोर्ट के मुताबिक़ वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक़ तृणमूल कांग्रेस को जो चुनावी चंदा मिला है, उसका 97 फीसदी इलेक्टोरल बॉन्ड से आया. डीएमके को मिले चुनावी चंदे में से 84 फीसदी इलेक्टोरल बॉन्ड से आया था. वहीं बीजू जनता दल में ये 70 फीसदी और बीआरएस में 71 फीसदी है.

अब राष्ट्रीय पार्टी बन चुकी आम आदमी पार्टी को 2022-23 में इलेक्टोरल बॉन्ड से सिर्फ 36.4 करोड़ रुपये मिले हैं. 2021-22 में इसे 25.1 करोड़ रुपये मिले थे.

2021-22 में आम आदमी पार्टी की आय 44.5 करोड़ रुपये थी जो 2022-23 में बढ़ कर 85.2 करोड़ रुपये हो गई.

जजों को साहसी होना पड़ेगा : जस्टिस कौल

सुप्रीम कोर्ट के जज संजय किशन कौल इस महीने के आखिर में रिटायर हो रहे हैं. रिटायरमेंट से पहले एक कार्यक्रम में जस्टिस कौल ने कहा कि जजों को जो संवैधानिक सुरक्षा मिली है, उसके साथ भी वो साहस नहीं दिखा सके तो वो प्रशासनिक के दूसरे हिस्सों से इसकी उम्मीद नहीं कर सकते हैं.

इस कार्यक्रम में चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जे.बी. परदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल थे.

'इंडियन एक्सप्रेस' के मुताबिक़ उन्होंने अदालतों में स्थागनादेशों के चलन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक वकील के तौर पर वो ये महसूस करते हैं कि स्थागनादेश संस्कृति फैल रही है. ये एक समस्या है.

उन्होंने कहा, ''मेरा विश्वास है कि केस पर उसी दिन सुनवाई हो जानी चाहिए जिस दिन ये लिस्ट हुआ है.''

सुप्रीम कोर्ट के चलन के मुताबिक़ रिटायर होने वाला जज अपने कार्यकाल के आखिरी दिन चीफ जस्टिस के साथ बेंच साझा करता है.

जस्टिस कौल 25 दिसंबर को रिटायर हो रहे हैं लेकिन उस दिन कोर्ट की छुट्टी है. इसके बाद ही कोर्ट अलग-अलग छुट्टियों की वजह से बंद है. इसलिए उन्होंने शुक्रवार को चीफ जस्टिस के साथ बेंच साझा किया.

जस्टिस कौल ने कहा, ''जब मैं जज बना तो पहले के जजों में से एक ने मुझसे कहा कि भारत में अदालत लोगों की आखिरी उम्मीद होती है. वो पहले की कई सारी प्रक्रियाओं को पूरा करके तब यहां आता है जब उसके पास कोई चारा नहीं बचता. इसलिए वो 50 का हकदार है तो उसे 55 दो 45 नहीं. क्योंकि वो कई मुसीबतें झेलकर कोर्ट आया है.''

मुख़्तार अंसारी बोले, बुजुर्ग और बीमार हूं कम सजा दी जाए

'अमर उजाला' ने एमपी-एमएलए कोर्ट ने मुख़्तार अंसारी से जुड़े मामले की ख़बर प्रकाशित की है. 'अमर उजाला' की ख़बर के मुताबिक़ अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/एमपी-एमएलए कोर्ट के प्रभारी उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत में मुख्तार अंसारी बांदा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश हुए थे.

गुरुवार को लंच से पहले अदालत से दोषी करार दिए जाने से पहले ही मुख्तार का चेहरा उतरा हुआ दिखा.

अख़बार ने लिखा है कि दोषी करार दिए जाते ही उनका सिर झुक गया. फिर, वह सिर झुकाए ही खड़े रहे. लंच के बाद सजा सुनाए जाने से पहले मुख्तार ने हाथ जोड़कर अदालत से कहा कि वो बुजुर्ग और बीमार है. लंबे समय से वह जेल में है. लिहाजा, उन्हें कम से कम सजा दी जाए.

मुख़्तार अंसारी की सजा के सवाल पर अभियोजन ने कहा कि वादी महावीर प्रसाद रुंगटा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. अभियुक्त जनप्रतिनिधि था और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी थी. समाज की सुरक्षा और सामाजिक भलाई में उसके योगदान की जरूरत थी.

इसके बावजूद जिस परिवार के सदस्य का अपहरण हुआ, उसके परिवार को बम से उड़ाने की धमकी दी गई. ऐसे में अभियुक्त को अधिकतम सजा से दंडित किया जाए.

आरोप साबित करने में सफल रहा अभियोजन अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आपराधिक वाद में अभियुक्त के दायित्व का निर्धारण युक्ति युक्त संदेह के परे किया जाता है.

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