आक़िब, प्रशांत और कार्तिक को आईपीएल नीलामी में ऐसा क्या मिला कि सभी हैरान

आकिब कार्तिक और प्रशांत
    • Author, मनोज चतुर्वेदी
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिन्दी के लिए

इंडियन प्रीमयर लीग यानी आईपीएल को करोड़पति बनाने की मशीन माना जाता है. इस साल भी इसने कई करोड़पति बनाए हैं.

इस साल बने करोड़पतियों में जम्मू-कश्मीर के आक़िब नबी डार, अमेठी के प्रशांत वीर त्रिपाठी और भरतपुर के कार्तिक शर्मा ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनकी कोई ख़ास पहचान नहीं है. इन्हें जो पैसा मिला है, उसका तो इन क्रिकेटरों ने सपना तक नहीं देखा होगा.

इस श्रेणी में ही केकेआर द्वारा तीन करोड़ रुपये में खरीदे गए तेजस्वी सिंह और लखनऊ सुपर जायंट्स द्वारा 2.6 करोड़ रुपये में खरीदे गए मुकुल चौधरी को भी रखा जा सकता है.

आक़िब नबी डार को दिल्ली कैपिटल्स ने 8.4 करोड़ रुपये, प्रशांत वीर त्रिपाठी और कार्तिक शर्मा (प्रत्येक को) को चेन्नई सुपरकिंग्स ने 14 करोड़ 20 लाख रुपये में ख़रीदा. यह दोनों आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी हैं.

आक़िब हैं पक्के इरादे वाले

आकिब डार

इमेज स्रोत, Akib's Family

जम्मू-कश्मीर के बारामूला में जन्मे आक़िब नबी डार बहुत ही पक्के इरादे वाले क्रिकेटर हैं. पिता सरकारी स्कूल में टीचर थे, इस कारण घर में बहुत सुविधाएं नहीं थीं. यही नहीं घर के सबसे करीब क्रिकेट मैदान 54 किलोमीटर दूर श्रीनगर में था.

एक स्थानीय अख़बार ने जब उनसे शुरुआत में हुई दिक्कतों के बारे में पूछा था, तो उनका कहना था, "आपका लक्ष्य यदि भारत के लिए खेलना है तो यह सब मायने नहीं रखता है. आपके पास संसाधन सीमित हैं, इससे भी कोई फ़र्क नहीं पड़ता. आप बहाने नहीं बना सकते हैं. मेरा लक्ष्य भी टीम इंडिया की जर्सी पहनना है."

हम जानते हैं कि परवेज़ रसूल भारत के लिए खेलने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले खिलाड़ी थे. उन्हें खेलते देखकर ही आक़िब की भी क्रिकेट खेलने की इच्छा मन में जागी. उन्होंने राज्य की अंडर-19 टीम के लिए कई बार ट्रायल दिए. बहुत मशक्कत के बाद ही वह टीम में जगह पा सके.

आक़िब ने 2018 में लिस्ट ए में पदार्पण किया और इसके बाद कभी मुड़कर नहीं देखा. वह इस साल सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में अपनी पेस गेंदबाज़ी की धाक जमाने में सफल रहे. उन्होंने 7.41 की इकोनॉमी रेट से 15 विकेट निकाले. वहीं रणजी ट्रॉफ़ी की 9 पारियों में 29 विकेट लेने में सफल रहे.

वह दलीप ट्रॉफ़ी में पश्चिम क्षेत्र के ख़िलाफ़ उत्तर क्षेत्र के लिए हैट्रिक भी ले चुके हैं. उन्होंने चार गेंदों में चार विकेट लिए थे. इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव ने 1979 में और साईराज ने 2001 में हैट्रिक ली थी.

आक़िब के गेंदबाज़ी कमाल से जम्मू-कश्मीर इस साल रणजी ट्रॉफ़ी में पहली बार दिल्ली को हराने में सफल रही. इस जीत में उन्होंने पांच विकेट हासिल किए थे.

प्रशांत का धोनी की टीम में खेलने का सपना साकार

प्रशांत वीर का कार्ड
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इस युवा खिलाड़ी को चेन्नई सुपरकिंग्स ने रविंद्र जडेजा की जगह लेने के लिए ख़रीदा है. इस कारण ही उन्होंने उनके ऊपर इतनी ऊंची कीमत लगाई है. प्रशांत के आदर्श तो युवराज सिंह रहे हैं, क्योंकि वह उन्हें देखकर ही क्रिकेटर बने हैं. पर उनका सपना महेंद्र सिंह धोनी के साथ चेन्नई सुपरकिंग्स में खेलना था. यह सपना साकार तो हुआ ही है और वह मालामाल भी बन गए हैं.

अमेठी के संग्रामपुर ब्लॉक में राजेंद्र त्रिपाठी के घर जन्मे प्रशांत का क्रिकेट से लगाव बचपन में ही हो गया था. शुरुआत में वह अपने ब्लॉक के आंबेडकर स्टेडियम में खेले. यहां उन्हें कोच ग़ालिब से शुरुआती प्रशिक्षण मिला. पर जल्द ही उनका मैनपुरी स्पोर्ट्स होस्टल में चयन हो गया.

इस 20 वर्षीय लेफ़्ट ऑर्म स्पिनर ने यूपी के लिए खेले दो प्रथम श्रेणी और 9 टी-20 मैचों में अपनी छाप छोड़ी है. पर सही मायनों में वह सुर्ख़ियों में राज्य की अंडर-19 ट्रॉफ़ी में आए थे. इसमें 7 मैचों में 19 छक्कों से 376 रन बनाए.

ऐसा भी वक़्त आया जब प्रशांत वीर के करियर पर खतरा मंडराने लगा था. राजधानी दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में खेलते समय एक कैच पकड़ने के दौरान गेंद उनकी आंख में लग गई और सात टांके लगे थे. पर वह सही होकर फिर से धूम मचा रहे हैं.

कार्तिक का बचपन से छक्कों से लगाव

कार्तिक शर्मा का कार्ड

राजस्थान के भरतपुर में जन्मे इस खिलाड़ी ने क्रिकेट का सारा पाठ आगरा में लोकेंद्र सिंह की अकादमी में सीखा है. लोकेंद्र सिंह भारतीय क्रिकेटर दीपक चाहर के पिता हैं. उनकी अकादमी में उनके भतीजे राहुल चाहर ने भी क्रिकेट सीखा है.

लोकेंद्र सिंह ने एक बार बताया था, "मैंने पहली बार कार्तिक को अपने पिता मनोज शर्मा के कंधे पर बैठे और हाथ में प्लास्टिक का बल्ला लिए देखा था. उस समय कार्तिक ने कहा था कि मैं छक्के मारने वाला खिलाड़ी बनना चाहता हूं."

लोकेंद्र सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया डॉट कॉम से कहा, "सीएसके द्वारा 14.2 करोड़ रुपये का समाचार मिलने पर मैं शांत था. भावनाएं जाहिर नहीं हो रहीं थीं. पर मेरे घर वाले खुशी में उछल रहे थे और घर में मिठाई बांटी जा रही थी."

कार्तिक अभी भी दीपक चाहर द्वारा दिए बल्ले से ही खेलते हैं. दीपक ने उन्हें पांच साल पहले विकेटकीपिंग ग्लव्स लाकर दिए थे और कहा था कि विकेटकीपिंग भी किया कर वरना एक आयाम वाला क्रिकेटर रह जाएगा. कार्तिक पहले भी विकेटकीपिंग कर चुके थे, इसलिए उन्होंने इसे गंभीरता से लेना शुरू कर दिया, जिसका फल अब मिल गया है.

मुकुल चौधरी को मिला एलएसजी का साथ

आईपीएल ट्रॉफ़ी (फ़ाइल फ़ोटो)
इमेज कैप्शन, आईपीएल ट्रॉफ़ी (फ़ाइल फ़ोटो)

मुकुल चौधरी को अभी घरेलू क्रिकेट खेले दो साल ही हुए हैं और वह लखनऊ सुपर जायंट्स द्वारा 2.6 करोड़ रुपये में खरीदे गए हैं. उन्होंने अक्टूबर 2023 में झारखंड के ख़िलाफ़ अपने करियर की शुरुआत की थी और ओपनर के तौर पर 35 रन बनाकर सभी का दिल जीत लिया था.

सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में कुछ आक्रामक पारियां खेलने का मुकुल को इनाम मिला है. उन्होंने मुंबई के ख़िलाफ़ 28 गेंदों में 54 रन और दिल्ली के ख़िलाफ़ 26 गेंदों में 62 रन की पारी खेलकर दिखाया कि वह आक्रामक अंदाज़ से खेलने वाले हैं.

तेजस्वी के खेलने का है अटैकिंग अंदाज

तेजस्वी सिंह दहिया दिल्ली के उभरते विकेटकीपर बल्लेबाज हैं. उनकी सबसे बड़ी खूबी आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करना है. उन्होंने अब तक छह टी-20 मैच ही खेले हैं, जिसमें 168 की स्ट्राइक रेट से 113 रन बनाए हैं.

तेजस्वी को यह रकम दिल्ली के लिए फिनिशर की भूमिका सफलतापूर्वक निभाने की वजह से मिली है. मौजूदा समय में फिनिशर की अहमियत हर टीम के लिए है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

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