You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
चीनः कभी एशिया के सबसे अमीर कारोबारी रहे हुई का यान संकट में क्यों?
- Author, मारिको ओई
- पदनाम, बिज़नेस रिपोर्टर
चीन की सबसे बड़ी प्रॉपर्टी कंपनियों में शामिल एवरग्रांडे के संस्थापक और चेयरमैन हुई का यान एक समय एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति थे.
64 वर्षीय कारोबारी को शू जियाइन के नाम से भी जाना जाता है. मामूली परिवार में पैदा हुए शू ने आगे चलकर एक विशाल कारोबारी साम्राज्य की कमान संभाली.
साल 2017 फ़ोर्ब्स मैग्ज़ीन ने जब उन्हें एशिया का सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किया था तब उनकी संपत्ति 42.5 अरब डॉलर बताई गई थी.
अब उनकी कंपनी पर 300 अरब डॉलर का क़र्ज़ है और संदिग्ध आपराधिक गतिविधियों के आरोप में उनकी कंपनी की जांच चल रही है.
तरक्की का बेमिसाल सफ़र
हुई का यान का जन्म साल 1958 में एक ग़रीब परिवार में हुआ था. उनके बचपन पर चीन के नेता माओत्से तुंग की तेज़ी से चीन की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का औद्योगिकरण करने की नीति का प्रभाव पड़ा. इस नीति की वजह से चीन में पड़े अकाल में दसियों लाख लोग मारे गए थे.
हुई का यान सिर्फ़ आठ महीने के थे जब उनकी मां की बीमारी की वजह से मौत हो गई थी. उनके दादा ने चीन के केंद्रीय प्रांत हेनान के एक गांव में उन्हें पाला था.
1982 में यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री लेने के बाद उन्होंने अगले एक दशक तक स्टील टेक्नीशियन के रूप में काम किया और फिर वो दक्षिणी चीन के ग्वांगझाऊ में रियल एस्टेट प्रॉपर्टी डेवलपर के लिए सेल्समैन का काम करने लगे. यहीं उन्होंने साल 1996 में एवरग्रांडे की स्थापना की थी.
इस दौरान चीन की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही थी. कंपनी ने बड़े क़र्ज़ लिए और बहुत तेज़ रफ़्तार से आगे बढ़ी.
बढ़ता गया दबदबा
फ्रांस के इवेस्टमेंट बैंक नातीक्सिस में काम करने वाली प्रमुख अर्थशास्त्री एलीशिया गार्सिया हरेरो कहती हैं, “वो इस बात का उदाहरण थे कि हर व्यक्ति जो मेहनत करता है और जो स्मार्ट है वो कामयाब हो सकता है.”
हुई का यान तीन दशकों तक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का सदस्य रहने के बाद साल 2008 में पार्टी की राजनीतिक सलाहाकर कांफ्रेंस के सदस्य बन गए थे. चीन में सरकारी अधिकारियों और कारोबारी नेताओं का यह ख़ास समूह देश में शीर्ष सलाहकार निकाय भी है.
2012 में पार्टी के एक सम्मेलन की उनकी एक तस्वीर भी वायरल हुई थी जिसमें वो फ्रांसीसी लग्ज़री ब्रांड हर्मेस की बनाई एक बकल बेल्ट पहने हुए दिखे थे. इस बेल्ट का बकल सोने का था और उन्हें सोशल मीडिया पर ‘बेल्ट ब्रदर’ भी कहा जाने लगा था.
दोस्तों ने की मदद
2009 में एवरग्रांडे हांगकांग स्टॉक बाज़ार में लिस्ट हुई और तेज़ी से बढ़ रही इस कंपनी ने नौ अरब डॉलर जुटा लिए.
वित्तीय बाज़ार रिसर्च प्लेटफार्म बॉन्ड सुपरमार्केट से जुड़े जैक्सन चैन के मुताबिक़ हुई का नज़रिया ‘अधिकतम फ़ायदा’ उठाने का था और इससे उनकी कंपनी की वृद्धि और तेज़ हुई.
चैन कहते हैं, “एवरग्रांडे तेज़ी से बढ़ रही थी लेकिन जब हुई ने रियल एस्टेट क्षेत्र के सबसे बड़े उद्यमियों से दोस्ती की और कंपनी को हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट किया तो इसकी वृद्धि विस्फोटक रही.”
“उन्हें अपने इन दोस्तों से बहुत मदद मिली. उन्होंने एवरग्रांडे के स्टॉक बड़ी तादाद में ख़रीदे और इससे कंपनी को आगे बढ़ने में मदद मिली.”
एवरग्रांडे ने ख़ूब क़र्ज़ लिया, बड़ी तादाद में मकान बनाए और वो अपार्टमेंट भी बेच दिए जो कंपनी ने बनाये ही नहीं थे. इस समय एवरग्रांडे के चीन के 280 शहरों में 1300 से अधिक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट चल रहे हैं.
हुई का कारोबारी साम्राज्य सिर्फ़ प्रॉपर्टी क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि अह उनकी कंपनी वेल्थ मैनेजमेंट, इलेक्ट्रिक कार उत्पादन, खाद्य और पेय पदार्थ उत्पादन भी करती है.
एक समय चीन के सबसे बड़े फुटबॉल क्लब रहे ग्वांगझाऊ एफसी में भी कंपनी का हिस्सा था.
मुश्किल दौर
2020 में चीन ने रियल एस्टेट डेवलपर कंपनियां कितना फंड रख सकती हैं इसे नियंत्रित करने के लिए नए नियम बनाये.
नये नियमों के बाद अपना कारोबार जारी रखने के लिए कंपनी अपनी संपत्तियों को भारी डिस्काउंट पर बेचने के लिए मजबूर हो गई. लेकिन अब कंपनी अपना क़र्ज़ चुकाने में संघर्ष कर रही है.
इस आर्थिक संकट में कंपनी का बाज़ार मूल्य 99 प्रतिशत तक गिर गया है और हुई की संपत्ति घटकर सिर्फ़ 3.2 अरब डॉलर रह गई है.
एवरग्रांडे ने हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज में कारोबार बंद कर दिया है. हुई उन लोगों की सूची में शामिल हो गए हैं जिनकी जांच चीन की सरकार कर रही है.
कई विशेषज्ञ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साझा समृद्धि कार्यक्रम और चीन के अमीर इलीट वर्ग के लोगों पर कार्रवाई के बीच संबंध भी देखते हैं. राष्ट्रपति जिनपिंग की इस नीति का मक़सद आर्थिक ग़ैर-बराबरी को कम करना है.
यूनिवर्सिटी ऑफ मोंटाना के मेन्सफ़ील़् सेंटर में चीन मामलों के निदेशक डेक्स्टर रॉबर्ट्स कहते हैं, “हुई अपने लग्ज़री और ख़र्चीले लाइफ़स्टाइल की वजह से अत्याधिक दौलत के प्रतीक हैं. वो अपने निजी जेट में दुनियाभर की यात्राएं करते हैं.”
रॉबर्ट्स कहते हैं, “शी जिनपिंग ने ये स्पष्ट कर दिया है कि दौलत का सार्वजनिक प्रदर्शन, जैसे की हुई ने किया, देश की अर्थव्यवस्था और समाज के लिए ठीक नहीं है.”
रॉबर्ट्स मानते हैं कि हुई स्वभाविक निशाना थे.
हालांकि अभी तक चीन की सरकार ने हुई के ख़िलाफ़ जांच पर कोई अधिकारिक टिप्पणी नहीं की है लेकिन चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि देश में आम लोगों की समृद्धि को प्राथमिकता दी जा रही है.
अख़बार के पूर्व चीफ़ एडिटर हू शीज़ीन ने लिखा, “एवरग्रेंडे संकट से निबटने में अगला क़दम ये होना चाहिए कि घर ख़रीदने वाले लोगों के नुक़सान को किसी भी क़ीमत पर कम किया जाए.”
उन्होंने लिखा है, “हमें इस मामले से सख़्ती से और क़ानून के अनुसार निपटना चाहिए, जनता को सूचित रखना चाहिए, और यह देखना चाहिए कि कंपनी के ग्राहकों को यथासंभव कैसे समर्थन दिया जा सके.”
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)