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पेटीएम पर आरबीआई के फ़ैसले का क्या है मतलब, यहां जानिए सभी सवालों के जवाब
- Author, कीर्ति दुबे
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारतीय रिज़र्व बैंक यानी आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट बैंक पर पाबंदी का एलान किया है. आरबीआई के अनुसार, पेटीएम की कई सेवाएं 29 फ़रवरी के बाद बंद हो जाएंगी.
आरबीआई ने कहा है कि पेटीएम ने नियमों का उल्लंघन किया है, इसलिए ये फ़ैसला लिया गया है.
आरबीआई के इस एलान के बाद से पेटीएम के शेयरों में भारी गिरावट आई. गुरुवार को ट्रेडिंग शुरू होने से पहले ही पेटीएम के शेयर 20 फ़ीसदी तक गिर गए.
पेटीएम के शेयर का दाम 609 रुपये तक पहुंच गया है, जो बीते छह सप्ताह में सबसे कम कीमत है.
आरबीआई के आदेश का असर बड़े तबके पर पड़ सकता है क्योंकि पेटीएम के पास डिजिटल पेमेंट बाज़ार का 16-17 फ़ीसदी हिस्सा है और जानकारों के मुताबिक करोड़ों लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं.
आरबीआई ने अपने आदेश में क्या कहा है?
इस संबंध में आरबीआई ने बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की.
इसमें कहा गया, “पेटीएम की ऑडिट रिपोर्ट और बाहरी ऑडिटरों की रिपोर्ट में पाया गया है कि पेटीएम ने लगातार नियमों का उल्लंघन किया है इसलिए बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के 35ए नियम के तहत 29 फरवरी के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक ग्राहक में कोई भी क्रेडिट-डिपॉज़िट, ट्रांजैक्शन, वॉलेट, फॉस्ट टैग का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे.”
“पेटीएम को अपने ग्राहकों को बैलेंस निकालने और इसका इस्तेमाल करने की पूरी सुविधा देनी होगी. ये सुविधा उन ग्राहकों के लिए भी होगी जिनके पास पेटीएम के सेविंग्स और करेंट अकाउंट हैं या वो फास्टटैग का इस्तेमाल करते हैं.
29 फरवरी के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के कस्टमर इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे और आरबीआई ने 15 मार्च तक पेटीएम को नोडल अकाउंट सेटल करने को कहा है.
पेटीएम ने आरबीआई के आदेश पर क्या कहा है
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्यूनिकेशन यानी ओसीएल ने कहा है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक आरबीआई के निर्देशों के अनुपालन के लिए काम कर रही है और अब ये काम और तेज़ी से किए जाएंगे.
बयान में कहा गया है, “एक पेमेंट कंपनी होने के नाते ओसीएल सिर्फ़ पेटीएम पेमेंट्स बैंक ही नहीं बल्कि कई बैंकों के साथ काम करती है. हम इस प्रक्रिया को तेज़ कर रहे हैं और जब से रोक लागू होगी तब हम पूरी तरह तरह से अपने बैंक पार्टनर्स पर निर्भर हो जाएंगे.”
“भविष्य में ओसीएल पेटीएम पेमेंट्स बैंक नहीं बल्कि सिर्फ़ दूसरे बैंकों के साथ काम करेगा.”
पेटीएम पेमेंट बैंक क्या है
आरबीआई के फ़ैसले का क्या असर होगा ये समझने के लिए पहले ये जानना ज़रूरी है कि पेटीएम बैंक है क्या और ये आम बैंक से कैसे अलग है.
पेटीएम पेमेंट बैंक में केवल पैसे जमा किए जा सकते हैं, उनके पास कर्ज़ देने का अधिकार नहीं है. ये डेबिट कार्ड तो जारी कर सकते हैं लेकिन क्रेडिट कार्ड जारी करने के लिए किसी लेंडर रेगुलेटर के साथ डील करनी पड़ेगी.
यानी ये एक ऐसा बैंक अकाउंट है जिसमें पैसे रखे जा सकते हैं, आम तौर पर मर्चेंट्स को जो भुगतान मिलता है वो उनके पेटीएम पेमेंट अकाउंट में जाता है और फिर उनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर होते हैं.
इसके बदले में पेटीएम अपने ग्राहकों को क्रेडिट प्वाइंट देता है.
पेटीएम की पेरेंट कंपनी का नाम है वन97 कंम्यूनिकेशंस और इसी कंपनी के पास प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट यानी पीपीआई लाइसेंस है जिसे साल 2017 में पेटीएम पेमेंट बैंक शुरू करने के लिए इस्तेमाल किया गया.
आपके वॉलेट और यूपीआई का क्या होगा?
29 फरवरी तक पेटीएम की सभी सर्विस सामान्य रूप से ही काम करेंगी.
इसके बाद पेटीएम वॉलेट और यूपीआई सेवा का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए कुछ बदलाव होंगे.
सबसे अहम ये कि अगर आपके वॉलेट में पहले से पैसे हैं तो आप उसे दूसरी जगह ट्रांसफ़र कर सकते हैं लेकिन वॉलेट में कोई भी राशि डिपॉज़िट नहीं की जा सकती.
हालांकि, अगर आपने पेटीएम अकाउंट को किसी थर्ड पार्टी बैंक से जोड़ रखा है तो आपका पेटीएम काम करता रहेगा और यूपीआई पेमेंट का भी इस्तेमाल करते रहेंगे.
थर्ड पार्टी या एक्सटर्नल बैंक का मतलब है कि आप पेटीएम पर अगर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, एचडीएफ़सी बैंक या पंजाब नेशनल बैंक सहित किसी भी मान्यता प्राप्त बैंक के अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए कुछ भी नहीं बदलने वाला है.
लेकिन अगर आप पेटीएम बैंक से लिंक वॉलेट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप ऐसा नहीं कर पाएंगे.
29 फ़रवरी के बाद से ना तो बैंक अकाउंट में और ना तो वॉलेट में कोई क्रेटिड लिया जा सकेगा.
फास्टैग का क्या होगा
सरकार के नियमों के अनुसार किसी भी कार के विंडशील्ड पर फास्टैग होता है.
फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है जिसका संचालन नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया करता है. हर टोल बूथ पर टोल फ़ीस प्रीपेड वॉलेट के ज़रिए भरी जाती है.
अब आरबीआई के नए फ़ैसले के बाद एक मार्च से ग्राहक पेटीएम पर फास्टैग सर्विस में बचे हुए अपने बैलेंस का तो इस्तेमाल कर सकेंगे लेकिन फास्टैग अकाउंट में और पैसे नहीं डाल सकेंगे.
क्या दुकानदार पेटीएम के ज़रिए पेमेंट स्वीकार करेंगे?
जो दुकानदार अपने पेटीएम पेमेंट्स बैंक अकाउंट में पैसा रिसीव करते हैं, वे पेमेंट रिसीव नहीं कर पाएंगे.
इसकी वजह यह है कि उनके अकाउंट्स में क्रेडिट की अनुमति नहीं है, लेकिन कई व्यापारियों या कंपनियों के पास दूसरी कंपनियों के क्यूआर स्टिकर्स हैं जिनके जरिए वे डिजिटल पेमेंट्स स्वीकार कर सकते हैं.
फिनटेक बाज़ार पर आरबीआई के फैसले का क्या असर होगा
आरबीआई के इस फ़ैसले पर ऑन्त्रप्रन्योर और भारत-पे के संस्थापक अशनीर ग्रोवर ने कहा है कि आरबीआई की इस तरह की कार्रवाई फिनटेक सेक्टर को ख़त्म कर देगी.
उन्होंने एक्स पर नाखुशी ज़ाहिर करते हुए कहा- “मुझे समझ नहीं आ रहा, साफ़तौर पर आरबीआई फिनटेक का बिज़नेस ही नहीं चाहती. इस तरह की गतिविधियों से सेक्टर भी खत्म हो जाएगा. वित्त मंत्रालय, वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री को इस मामले में दखल देना चाहिए. आज आईआईएम-आईआईटी अपने छात्रों के प्लेसमेंट के लिए संघर्ष कर रहे हैं . इस तरह की ओवररीच देश के लिए ठीक नहीं. दुनिया में यूपीआई का ढिंढोरा पीटना और इसकी शुरुआत करने वालों को सज़ा देना ठीक नहीं है.”
रजत गुलाटी बैंकों को डिजिटल फॉइनेंशियल सर्विस देने वाली कंपनी प्लूटोवन के सह-संस्थापक है.
हमने उनसे ही ये समझने की कोशिश की कि ये कदम कितना बड़ा है और इससे होगा क्या.
वह कहते हैं, “इससे आरबीआई ने फिनटेक कंपनियों को ये संदेश साफ़ दे दिया है कि रेगुलेशन से बचना असंभव है. अगर आप लोगों को पेमेंट से जुड़ी सर्विस दे रहे हैं तो लोगों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए जो नियम बने हुए हैं वो नहीं तोड़े जा सकते. मार्च 2022 में आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर नए ग्राहक जोड़ने पर रोक लगा दी थी अब जब गहरी छानबीन और बाहरी ऑडिटर्स की रिपोर्ट आई है जिसमें नियमों के उल्लंघन की बात साफ़ हो गयी है तब आरबीआई ने ये फैसला किया है.”
“इससे फिनटेक बाज़ार में ये होगा कि जो कंपनियां नियमों के तहत काम कर रही हैं उनके लिए आरबीआई का ये फ़ैसला एक अप्रूवल की तरह काम करेगा, और इससे ग्राहकों भी लगेगा कि उनके हितों की रक्षा के लिए आरबीआई खड़ा है. हां दो दिनों तक इस पर शोर-शराबा होगा लेकिन लंबे समय में ये फ़ैसला बेहतरी और इस बाज़ार में स्थिरता लाएगा.”
पेटीएम के शेयरधारकों का क्या होगा
जब से आरबीआई ने पेटीएम को लेकर आदेश जारी किया है उसके शेयर के दाम गिरते जा रहे हैं और जानकार मानते हैं कि ये दाम और भी गिरेंगे.
गुलाटी कहते हैं कि इसका शेयरधारकों पर ज़रूर असर होगा.
पेटीएम की तीन एंटीटी है और उसमें से एक एंटीटी बंद होने वाली है तो इसके मायने तो बड़े होने वाले हैं.
लेकिन ये देखना होगा कि उनकी सबसे बड़ी सर्विस यानी पेटीएम वॉलेट और यूपीआई जारी रहेगी तो क्या वह गिरावट को थाम सकेगी.
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